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  1. त्योहार
  2. /
  3. अवनी अवित्तम (ऋग्वेद)

अवनी अवित्तम (ऋग्वेद)

तमिल · मलयालम

અવની અવિટ્ટમ (ઋગ્વેદ)

अगली तिथि

१६ अगस्त २०२७

सोमवार · शुक्ल चतुर्दशी

तिथि शुरू07:54 AM · 15 Aug
तिथि समाप्त10:29 AM
इस दिन का पूरा पंचांग

परिचय

ऋग्वेदी ब्राह्मणों के लिए पवित्र जनेऊ बदलने का समारोह (उपाकर्म)। नया यज्ञोपवीत धारण किया जाता है और वैदिक अध्ययन को नया रूप दिया जाता है।

इस दिन पड़ता है
तीन अलग-अलग दिन, हर वेद के लिए एक: - यजुर्वेद उपाकर्म, अवनि महीना, श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन के समान दिन) - ऋग्वेद उपाकर्म, अवनि महीना, श्रवण नक्षत्र - सामवेद उपाकर्म, भाद्रपद, हस्त नक्षत्र

यह क्या है

यज्ञोपवीत, पवित्र धागे का वार्षिक नवीनीकरण, और वर्ष के वैदिक अध्ययन की औपचारिक शुरुआत। पाठ में हुई भूल-चूक के लिए प्रायश्चित किया जाता है, पुराने धागे को त्याग कर नया धागा पहना जाता है। गायत्री जपम अगले दिन होता है।

भोजन

सात्विक; एलू सादम (तिल के चावल) और पायसम।

सामान्य प्रश्न

अवनी अट्टम तीन अलग-अलग दिनों में क्यों आता है?
क्योंकि यह इस बात से जुड़ा है कि परिवार किस वेद का पालन करता है। यजुर्वेदी इसे श्रावण पूर्णिमा को, ऋग्वेदी श्रवण नक्षत्र पर, और सामवेदी भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर मनाते हैं। यह वह दिन है जब पवित्र धागे का नवीनीकरण किया जाता है और वर्ष का वैदिक अध्ययन औपचारिक रूप से शुरू होता है। गायत्री जपम इसके अगले दिन होता है।

२०२६

  • अग२६बुधबुधवारशुक्ल त्रयोदशीतिथि शुरू06:21 AM · 25 Augतिथि समाप्त07:59 AM

२०२७

  • अग१६सोमसोमवारअगलाशुक्ल चतुर्दशीतिथि शुरू07:54 AM · 15 Augतिथि समाप्त10:29 AM