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रामानुज जयंती

अगली तिथि

१० मई २०२७

सोमवार

इस दिन का पूरा पंचांग

परिचय

विशिष्टाद्वैत (Vishishtadvaita) का प्रचार करने वाले महान वैष्णव दार्शनिक श्री रामानुजाचार्य की जयंती।

इस दिन पड़ता है
आदि शंकराचार्य, वैशाख शुक्ल पंचमी। रामानुज, चित्तिरई महीना, तिरुवादिराई (आर्द्रा) नक्षत्र

यह क्या है

दक्षिण के दो महान आचार्यों की जयंती। शंकर (8वीं सदी) ने अद्वैत वेदांत और चार मठों की स्थापना की। रामानुज (11वीं सदी) ने विशिष्टाद्वैत की स्थापना की और उन्हें जातिगत प्रतिबंधों से परे मंदिर पूजा और अष्टाक्षर मंत्र को खोलने के लिए याद किया जाता है। श्रृंगेरी, कांची और कलाड़ी में शंकर की जयंती मनाई जाती है; श्रीरंगम और श्रीपेरंबदूर में रामानुज की जयंती मनाई जाती है।

भोजन

सामुदायिक भोजन; सात्विक।

सामान्य प्रश्न

शंकराचार्य और रामानुजाचार्य में क्या अंतर है?
दोनों दक्षिण भारत के प्रमुख दार्शनिक हैं जिनकी अपनी-अपनी जयंतियां मनाई जाती हैं। आठवीं शताब्दी में, शंकर ने अद्वैत का उपदेश दिया, जिसके अनुसार आत्मा और परमात्मा अंततः एक ही हैं। ग्यारहवीं शताब्दी में, रामानुज ने विशिष्टाद्वैत का उपदेश दिया, जो उनके बीच एक वास्तविक अंतर बनाए रखता है, और उन्हें जातिगत प्रतिबंधों से परे जाकर मंदिर पूजा को सभी के लिए खोलने के लिए भी याद किया जाता है।

२०२६

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