स्तोत्र · Lakshmi

Mahalakshmi Ashtakam

लक्ष्मी अष्टकम

, देवी लक्ष्मी के आठ रूपों की भक्ति में पाठ किया जाने वाला एक स्तोत्र है।

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महालक्ष्म्यष्टकम्

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इति इन्द्रकृतं महालक्ष्म्यष्टकं सम्पूर्णम्

की पुत्री हैं।

इस लेख में वर्णित किये गये हैं। इन प्रतीकों को देवी लक्ष्मी का चिह्न मानकर विभिन्न प्रकार से प्रयोग किया जाता है। हिन्दु धर्म में प्रत्येक देवी-देवता के लिये कुछ शुभ चिह्न निर्धारित किये गये हैं।

कोजागर लक्ष्मी पूजा का पर्व मुख्यतः पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा असम में मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, कोजागर पूजा की रात्रि में देवी लक्ष्मी सम्पूर्ण सृष्टि में भ्रमण हेतु निकलती हैं तथा जो भी भक्त उन्हें जागरण करता हुआ मिलता है, देवी माँ उसको सुख-समृद्धि से सम्पन्न कर देती हैं।

इस पृष्ठ पर उपलब्ध हैं।

का व्रत भी किया जाता है।

आदि देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूप हैं, जिन्हें संयुक्त रूप से अष्ट लक्ष्मी के नाम से जाना जाता है। समस्त प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु अष्ट लक्ष्मी आराधना की जाती है।

ज्ञात करने हेतु सम्पूर्ण विवरण देखें।

ॐ प्रकृत्यै नमः।

ॐ विकृत्यै नमः।

ॐ विद्यायै नमः।

ॐ त्रिकालज्ञानसंपन्नायै नमः।

ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।

आदि लक्ष्मीजी के 108 नाम अर्थ एवं वीडियो सहित इस पृष्ठ पर दिये गये हैं।

ॐ नित्यागतायै नमः।

ॐ अनन्तनित्यायै नमः।

ॐ नन्दिन्यै नमः।

ॐ देवतानां देवतायै नमः।

ॐ उत्तमानामुत्तमायै नमः।

आदि नामों से युक्त देवी लक्ष्मी की सहस्रनामावली अर्थ सहित इस पृष्ठ पर दी गयी है।

आरती शब्दों के साथ इस पृष्ठ पर दी गयी है। यह आरती अत्यन्त प्रचलित है तथा देवी लक्ष्मी से सम्बन्धित विभिन्न उत्सवों पर ॐ जय लक्ष्मी माता आरती का गायन किया जाता है।

सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही।

ज्ञान, बुद्धि, विद्या दो मोही॥

तुम समान नहिं कोई उपकारी।

सब विधि पुरवहु आस हमारी॥

लक्ष्मी माता की यह 40 छन्द की प्रार्थना, जिसे चालीसा कहा जाता है, इस पृष्ठ पर दी गयी है।

हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।

चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥

यह श्री महालक्ष्मी सूक्तम् है, जिसे श्री सूक्तम् के नाम से भी जाना जाता है। इसका नियमित पाठ करने से श्री लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं।

ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥

जैसे दिव्य मन्त्रों से युक्त देवी महालक्ष्मी के मन्त्र की सारणी इस पृष्ठ पर दी गयी है। इस सारणी में लक्ष्मी बीज मन्त्र, महालक्ष्मी मन्त्र तथा लक्ष्मी गायत्री मन्त्र को भी सूचीबद्ध किया गया है।

दीपावली के लिये सुन्दर लक्ष्मी पद रँगोली कलाकृति चित्र सहित इस पृष्ठ पर प्रदान की गयी हैं। इन कलाकृतियों की सहायता से देवी लक्ष्मी के अत्यन्त सुन्दर चरण कमलों की रँगोली सरलता से बनायी जा सकती है।

दीपावली के लिये सुन्दर लक्ष्मी हृदय रँगोली कलाकृति चित्र सहित इस पृष्ठ पर दी गयी हैं। इन चित्रों की सहायता से देवी लक्ष्मी की प्रसन्नता हेतु अनेक प्रकार की रँगोली बनायी जा सकती हैं।

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इस पाठ का Hinglish संस्करण अभी तक नहीं जोड़ा गया है।

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