ನಾಮಾವಳಿ · Ganesha

1000 Names of Ganesha

श्री गणेश सहस्रनामावली

The Sahasranamavali, the full thousand names with meanings.

  1. 1

    गणेश्वर

    ॐ गणेश्वराय नमः।

    Om Ganeshvaraya Namah।

    जो सृष्टि के स्वामी हैं

  2. 2

    गणक्रीड

    ॐ गणक्रीडाय नमः।

    Om Ganakridaya Namah।

    जो गणों के साथ क्रीडा करने वाले हैं

  3. 3

    गणनाथ

    ॐ गणनाथाय नमः।

    Om Gananathaya Namah।

    जो गणों के नाथ अथवा स्वामी हैं

  4. 4

    गणाधिप

    ॐ गणाधिपाय नमः।

    Om Ganadhipaya Namah।

    जो आदित्य आदि गणदेवताओं के अधिपति हैं

  5. 5

    एकदंष्ट्र

    ॐ एकदंष्ट्राय नमः।

    Om Ekadamshtraya Namah।

    जो एक दाँत वाले हैं

  6. 6

    वक्रतुण्ड

    ॐ वक्रतुण्डाय नमः।

    Om Vakratundaya Namah।

    जो मुड़ी हुयी सूँड वाले हैं

  7. 7

    गजवक्त्र

    ॐ गजवक्त्राय नमः।

    Om Gajavaktraya Namah।

    जो हाथी के समान मुख वाले हैं

  8. 8

    महोदर

    ॐ महोदराय नमः।

    Om Mahodaraya Namah।

    जो विशाल उदर वाले हैं

  9. 9

    लम्बोदर

    ॐ लम्बोदराय नमः।

    Om Lambodaraya Namah।

    जो लम्बे उदर वाले हैं

  10. 10

    धूम्रवर्ण

    ॐ धूम्रवर्णाय नमः।

    Om Dhumravarnaya Namah।

    जिनकी देह धुएँ के रंग की है

  11. 11

    विकट

    ॐ विकटाय नमः।

    Om Vikataya Namah।

    जो विशाल देह वाले हैं

  12. 12

    विघ्ननाशक

    ॐ विघ्ननाशकाय नमः।

    Om Vighnanashakaya Namah।

    जो विघ्नों का नाश करने वाले हैं

  13. 13

    सुमुख

    ॐ सुमुखाय नमः।

    Om Sumukhaya Namah।

    जो सदैव प्रसन्नचित्त रहने वाले हैं

  14. 14

    दुर्मुख

    ॐ दुर्मुखाय नमः।

    Om Durmukhaya Namah।

    जो चञ्चल मुख वाले हैं

  15. 15

    बुद्ध

    ॐ बुद्धाय नमः।

    Om Buddhaya Namah।

    जो ज्ञानवान एवं चतुर हैं

  16. 16

    विघ्नराज

    ॐ विघ्नराजाय नमः।

    Om Vighnarajaya Namah।

    जो समस्त विघ्नों के स्वामी हैं

  17. 17

    गजानन

    ॐ गजाननाय नमः।

    Om Gajananaya Namah।

    जिनका शीश हाथी का है

  18. 18

    भीम

    ॐ भीमाय नमः।

    Om Bhimaya Namah।

    जो विशाल एवं कठोर हैं

  19. 19

    प्रमोद

    ॐ प्रमोदाय नमः।

    Om Pramodaya Namah।

    जो आनन्ददायक साधन प्रदान करने वाले हैं

  20. 20

    आमोद

    ॐ आमोदाय नमः।

    Om Amodaya Namah।

    जो सदैव उत्साहित रहने वाले हैं

  21. 21

    सुरानन्द

    ॐ सुरानन्दाय नमः।

    Om Suranandaya Namah।

    जो शिवगणों को प्रसन्नता प्रदान करने वाले हैं

  22. 22

    मदोत्कट

    ॐ मदोत्कटाय नमः।

    Om Madotkataya Namah।

    जो निष्कपट एवं मेधावी हैं

  23. 23

    हेरम्ब

    ॐ हेरम्बाय नमः।

    Om Herambaya Namah।

    जो दुर्बलों की रक्षा करने वाले हैं

  24. 24

    शम्बर

    ॐ शम्बराय नमः।

    Om Shambaraya Namah।

    जो जल के रूप में निवास करने वाले हैं

  25. 25

    शम्भु

    ॐ शम्भवे नमः।

    Om Shambhave Namah।

    जो आनन्द प्रदान करने वाले हैं

  26. 26

    लम्बकर्ण

    ॐ लम्बकर्णाय नमः।

    Om Lambakarnaya Namah।

    जो बड़े कानों वाले हैं

  27. 27

    महाबल

    ॐ महाबलाय नमः।

    Om Mahabalaya Namah।

    जो अत्यन्त सुदृढ़ एवं साहसी हैं

  28. 28

    नन्दन

    ॐ नन्दनाय नमः।

    Om Nandanaya Namah।

    जो युवा हैं

  29. 29

    अलम्पट

    ॐ अलम्पटाय नमः।

    Om Alampataya Namah।

    जो सुन्दर वस्त्र धारण करने वाले हैं

  30. 30

    अभीरु

    ॐ अभीरवे नमः।

    Om Abhirave Namah।

    जो निर्भीक हैं

  31. 31

    मेघनाद

    ॐ मेघनादाय नमः।

    Om Meghanadaya Namah।

    जो मेघों के समान गर्जना करने वाले हैं

  32. 32

    गणञ्जय

    ॐ गणञ्जयाय नमः।

    Om Gananjayaya Namah।

    जो दुष्टों पर विजय पाने वाले हैं

  33. 33

    विनायक

    ॐ विनायकाय नमः।

    Om Vinayakaya Namah।

    जो सर्वोच्च एवं सर्वश्रेष्ठ हैं

  34. 34

    विरूपाक्ष

    ॐ विरूपाक्षाय नमः।

    Om Virupakshaya Namah।

    जो सूर्य, चन्द्र तथा अग्नि को नेत्रों के रूप में धारण करने वाले हैं

  35. 35

    धीरशूर

    ॐ धीरशूराय नमः।

    Om Dhirashuraya Namah।

    जो अत्यन्त शूरवीर हैं

  36. 36

    वरप्रद

    ॐ वरप्रदाय नमः।

    Om Varapradaya Namah।

    जो वर प्रदान करने वाले हैं

  37. 37

    महागणपति

    ॐ महागणपतये नमः।

    Om Mahaganapataye Namah।

    जो सर्वशक्तिमान हैं

  38. 38

    बुद्धिप्रिय

    ॐ बुद्धिप्रियाय नमः।

    Om Buddhipriyaya Namah।

    जो ज्ञान के प्रशंसक हैं

  39. 39

    क्षिप्रप्रसादन

    ॐ क्षिप्रप्रसादनाय नमः।

    Om Kshipraprasadanaya Namah।

    जो शीघ्र वर प्रदान करने वाले हैं

  40. 40

    रुद्रप्रिय

    ॐ रुद्रप्रियाय नमः।

    Om Rudrapriyaya Namah।

    जो रुद्र मन्त्र के प्रशंसक हैं

  41. 41

    गणाध्यक्ष

    ॐ गणाध्यक्षाय नमः।

    Om Ganadhyakshaya Namah।

    जो छत्तीस सिद्धान्तों की रक्षा करने वाले हैं

  42. 42

    उमापुत्र

    ॐ उमापुत्राय नमः।

    Om Umaputraya Namah।

    जो देवी उमा के पुत्र हैं

  43. 43

    अघनाशन

    ॐ अघनाशनाय नमः।

    Om Aghanashanaya Namah।

    जो पापों का नाश करने वाले हैं

  44. 44

    कुमारगुरु

    ॐ कुमारगुरवे नमः।

    Om Kumaragurave Namah।

    जो भगवान कार्तिकेय के गुरु हैं

  45. 45

    ईशानपुत्र

    ॐ ईशानपुत्राय नमः।

    Om Ishanaputraya Namah।

    जो भगवान शिव के पुत्र हैं

  46. 46

    मूषकवाहन

    ॐ मूषकवाहनाय नमः।

    Om Mushakavahanaya Namah।

    जो मूषक को अपने वाहन के रूप में रखने वाले हैं

  47. 47

    सिद्धिप्रिय

    ॐ सिद्धिप्रियाय नमः।

    Om Siddhipriyaya Namah।

    जो सिद्धि प्रदान करने वाले हैं

  48. 48

    सिद्धिपति

    ॐ सिद्धिपतये नमः।

    Om Siddhipataye Namah।

    जो समस्त सिद्धियों के स्वामी हैं

  49. 49

    सिद्धि

    ॐ सिद्धये नमः।

    Om Siddhaye Namah।

    जो स्वयं सिद्धि स्वरूप हैं

  50. 50

    सिद्धिविनायक

    ॐ सिद्धिविनायकाय नमः।

    Om Siddhivinayakaya Namah।

    जो सफलता प्रदान करने वाले हैं

  51. 51

    अविघ्न

    ॐ अविघ्नाय नमः।

    Om Avighnaya Namah।

    जो अज्ञान को नष्ट करने वाले हैं

  52. 52

    तुम्बरु

    ॐ तुम्बुरवे नमः।

    Om Tumburave Namah।

    जो तुम्बुरु नामक वाद्ययन्त्र से प्रसन्न होने वाले हैं

  53. 53

    सिंहवाहन

    ॐ सिंहवाहनाय नमः।

    Om Simhavahanaya Namah।

    जो सिंह के वाहन पर आरूढ़ रहने वाले हैं

  54. 54

    मोहिनीप्रिय

    ॐ मोहिनीप्रियाय नमः।

    Om Mohinipriyaya Namah।

    जो मोहिनी के प्रिय हैं

  55. 55

    कटङ्कट

    ॐ कटङ्कटाय नमः।

    Om Katankataya Namah।

    जो अज्ञान का नाश करने वाले हैं

  56. 56

    राजपुत्र

    ॐ राजपुत्राय नमः।

    Om Rajaputraya Namah।

    जो राजा वरेण्य के पुत्र हैं

  57. 57

    शालक

    ॐ शालकाय नमः।

    Om Shalakaya Namah।

    जो शान्त एवं संयमित रहने वाले हैं

  58. 58

    सम्मित

    ॐ सम्मिताय नमः।

    Om Sammitaya Namah।

    जो आकार प्रकार में समान एवं अनुरूप हैं

  59. 59

    अमित

    ॐ अमिताय नमः।

    Om Amitaya Namah।

    जो असीमित हैं

  60. 60

    कूष्माण्डसामसम्भूति

    ॐ कूष्माण्डसामसम्भूतये नमः।

    Om Kushmandasamasambhutaye Namah।

    जो वेदों को अपनी सम्पत्ति मानने वाले हैं

  61. 61

    दुर्जय

    ॐ दुर्जयाय नमः।

    Om Durjayaya Namah।

    जो अपराजेय हैं

  62. 62

    धूर्जय

    ॐ धूर्जयाय नमः।

    Om Dhurjayaya Namah।

    जो दुर्जनों को जीतने वाले हैं

  63. 63

    जय

    ॐ जयाय नमः।

    Om Jayaya Namah।

    जो विजयी हैं

  64. 64

    भूपति

    ॐ भूपतये नमः।

    Om Bhupataye Namah।

    जो देवों के देव हैं

  65. 65

    भुवनपति

    ॐ भुवनपतये नमः।

    Om Bhuvanapataye Namah।

    जो संसार के स्वामी हैं

  66. 66

    भूतानां पति

    ॐ भूतानां पतये नमः।

    Om Bhutanam Pataye Namah।

    जो पञ्च तत्वों के अधिपति हैं

  67. 67

    अव्यय

    ॐ अव्ययाय नमः।

    Om Avyayaya Namah।

    जो अमर हैं

  68. 68

    विश्वकर्ता

    ॐ विश्वकर्त्रे नमः।

    Om Vishvakartre Namah।

    जो सृष्टि के निर्माता हैं

  69. 69

    विश्वमुख

    ॐ विश्वमुखाय नमः।

    Om Vishvamukhaya Namah।

    जो मुख के रूप में सृष्टि धारण किये हुये हैं

  70. 70

    विश्वरूप

    ॐ विश्वरूपाय नमः।

    Om Vishvarupaya Namah।

    जो सम्पूर्ण सृष्टि के रूप में हैं

  71. 71

    निधि

    ॐ निधये नमः।

    Om Nidhaye Namah।

    जो नौ निधियाँ प्रदान करने वाले हैं

  72. 72

    घृणि

    ॐ घृणये नमः।

    Om Ghrinaye Namah।

    जो सूर्य के रूप में प्रतिष्ठित हैं

  73. 73

    कवि

    ॐ कवये नमः।

    Om Kavaye Namah।

    जो कवि हैं

  74. 74

    कवीनामृषभ

    ॐ कवीनामृषभाय नमः।

    Om Kavinamrishabhaya Namah।

    जो कवियों में सर्वश्रेष्ठ कवि हैं

  75. 75

    ब्रह्मण्य

    ॐ ब्रह्मण्याय नमः।

    Om Brahmanyaya Namah।

    जो ब्रह्मा के रक्षक हैं

  76. 76

    ब्रह्मणस्पति

    ॐ ब्रह्मणस्पतये नमः।

    Om Brahmanaspataye Namah।

    जो वाणी के स्वामी हैं

  77. 77

    ज्येष्ठराज

    ॐ ज्येष्ठराजाय नमः।

    Om Jyeshtharajaya Namah।

    जो सामवेद के अनुसार सबसे बड़े हैं

  78. 78

    निधिपति

    ॐ निधिपतये नमः।

    Om Nidhipataye Namah।

    जो निधियों के अभिरक्षक हैं

  79. 79

    निधिप्रियपतिप्रिय

    ॐ निधिप्रियपतिप्रियाय नमः।

    Om Nidhipriyapatipriyaya Namah।

    कुबेर भी जिनकी पूजा करते हैं

  80. 80

    हिरण्मयपुरान्तःस्थ

    ॐ हिरण्मयपुरान्तःस्थाय नमः।

    Om Hiranmayapurantahsthaya Namah।

    जो गहरे विचारों में मग्न रहने वाले हैं

  81. 81

    सूर्यमण्डलमध्यग

    ॐ सूर्यमण्डलमध्यगाय नमः।

    Om Suryamandalamadhyagaya Namah।

    जो सूर्यमण्डल में निवास करने वाले हैं

  82. 82

    कराहतिविध्वस्तसिन्धुसलिल

    ॐ कराहतिविध्वस्तसिन्धुसलिलाय नमः।

    Om Karahatividhvastasindhusalilaya Namah।

    जो अपनी सूँड से समुद्र सूखा देने वाले हैं

  83. 83

    पूषदन्तभित्

    ॐ पूषदन्तभिदे नमः।

    Om Pushadantabhide Namah।

    जो पूषा का दाँत खण्डित करने वाले हैं

  84. 84

    उमाङ्ककेलिकुतुकी

    ॐ उमाङ्ककेलिकुतुकिने नमः।

    Om Umankakelikutukine Namah।

    जो माता उमा की गोद में हर्षित होने वाले हैं

  85. 85

    मुक्तिद

    ॐ मुक्तिदाय नमः।

    Om Muktidaya Namah।

    जो मुक्ति प्रदान करने वाले हैं

  86. 86

    कुलपालन

    ॐ कुलपालनाय नमः।

    Om Kulapalanaya Namah।

    जो कुल का पालन/रक्षा करने वाले हैं

  87. 87

    किरीटी

    ॐ किरीटिने नमः।

    Om Kiritine Namah।

    जो सुन्दर मुकुट धारण करने वाले हैं

  88. 88

    कुण्डली

    ॐ कुण्डलिने नमः।

    Om Kundaline Namah।

    जो कुण्डल धारण करने वाले हैं

  89. 89

    हारी

    ॐ हारिणे नमः।

    Om Harine Namah।

    जो मोतियों का हार धारण किये हुये हैं

  90. 90

    वनमाली

    ॐ वनमालिने नमः।

    Om Vanamaline Namah।

    जो सुन्दर पुष्पों के हार से सुशोभित हैं

  91. 91

    मनोमय

    ॐ मनोमयाय नमः।

    Om Manomayaya Namah।

    जो अपने मन की करने वाले हैं

  92. 92

    वैमुख्यहतदैत्यश्री

    ॐ वैमुख्यहतदैत्यश्रिये नमः।

    Om Vaimukhyahatadaityashriye Namah।

    जो अश्रद्धावान का वैभव हरने वाले हैं

  93. 93

    पादाहतिजितक्षिति

    ॐ पादाहतिजितक्षितये नमः।

    Om Padahatijitakshitaye Namah।

    जो अपने चरणों से पृथ्वी का अहङ्कार नष्ट करने वाले हैं

  94. 94

    सद्योजातस्वर्णमुञ्जमेखली

    ॐ सद्योजातस्वर्णमुञ्जमेखलिने नमः।

    Om Sadyojatasvarnamunjamekhaline Namah।

    जो कमर में कुशा घास की मेखला धारण करने वाले हैं

  95. 95

    दुर्निमित्तहृत्

    ॐ दुर्निमित्तहृते नमः।

    Om Durnimittahrite Namah।

    जो अशुभ शकुनों का नाश करने वाले हैं

  96. 96

    दुःस्वप्नहृत्

    ॐ दुःस्वप्नहृते नमः।

    Om Duhsvapnahrite Namah।

    जो दुःस्वप्न का नाश करने वाले हैं

  97. 97

    प्रसहन

    ॐ प्रसहनाय नमः।

    Om Prasahanaya Namah।

    जो दोषों को सहन करने वाले हैं

  98. 98

    गुणी

    ॐ गुणिने नमः।

    Om Gunine Namah।

    जो समस्त गुणों के स्वामी हैं

  99. 99

    नादप्रतिष्ठित

    ॐ नादप्रतिष्ठिताय नमः।

    Om Nadapratishthitaya Namah।

    जो सङ्गीत में विद्यमान रहने वाले हैं

  100. 100

    सुरूप

    ॐ सुरूपाय नमः।

    Om Surupaya Namah।

    जो सुन्दर रूप वाले हैं

  101. 101

    सर्वनेत्राधिवास

    ॐ सर्वनेत्राधिवासाय नमः।

    Om Sarvanetradhivasaya Namah।

    जो सभी के नेत्रों में विद्यमान रहने वाले हैं

  102. 102

    वीरासनाश्रय

    ॐ वीरासनाश्रयाय नमः।

    Om Virasanashrayaya Namah।

    जो सुदृढ़ता से डटे रहने वाले हैं

  103. 103

    पीताम्बर

    ॐ पीताम्बराय नमः।

    Om Pitambaraya Namah।

    जो पीत वस्त्र धारण करने वाले हैं

  104. 104

    खण्डरद

    ॐ खण्डरदाय नमः।

    Om Khandaradaya Namah।

    जिनका एक दाँत खण्डित है

  105. 105

    खण्डेन्दुकृतशेखर

    ॐ खण्डेन्दुकृतशेखराय नमः।

    Om Khandendukritashekharaya Namah।

    जिनके घुँघराले बालों में अर्धचन्द्र सुशोभित है

  106. 106

    चित्राङ्कश्यामदशन

    ॐ चित्राङ्कश्यामदशनाय नमः।

    Om Chitrankashyamadashanaya Namah।

    जो विचित्र रंग-बिरंगे दाँत वाले हैं

  107. 107

    भालचन्द्र

    ॐ भालचन्द्राय नमः।

    Om Bhalachandraya Namah।

    जिनके मस्तक पर चन्द्रमा सुशोभित है

  108. 108

    चतुर्भुज

    ॐ चतुर्भुजाय नमः।

    Om Chaturbhujaya Namah।

    जो चार भुजाधारी हैं

  109. 109

    योगाधिप

    ॐ योगाधिपाय नमः।

    Om Yogadhipaya Namah।

    जो योग के अधिष्ठाता हैं

  110. 110

    तारकस्थ

    ॐ तारकस्थाय नमः।

    Om Tarakasthaya Namah।

    जो तारकमन्त्र में निवास करने वाले हैं

  111. 111

    पुरुष

    ॐ पुरुषाय नमः।

    Om Purushaya Namah।

    जो पुरुष हैं

  112. 112

    गजकर्णक

    ॐ गजकर्णकाय नमः।

    Om Gajakarnakaya Namah।

    जो हाथी के कान वाले हैं

  113. 113

    गणाधिराज

    ॐ गणाधिराजाय नमः।

    Om Ganadhirajaya Namah।

    जो गणों के राजा हैं

  114. 114

    विजयस्थिर

    ॐ विजयस्थिराय नमः।

    Om Vijayasthiraya Namah।

    जो सदैव विजय हेतु आतुर हैं

  115. 115

    गजपतिर्ध्वजी

    ॐ गजपतिर्ध्वजिने नमः।

    Om Gajapatirdhvajine Namah।

    जो हाथी के प्रतीक वाला ध्वज लिये हुए हैं

  116. 116

    देवदेव

    ॐ देवदेवाय नमः।

    Om Devadevaya Namah।

    जो देवताओं के भी देवता हैं

  117. 117

    स्मरप्राणदीपक

    ॐ स्मरप्राणदीपकाय नमः।

    Om Smarapranadipakaya Namah।

    जो मन्मथ को पुनर्जीवित करने वाले हैं

  118. 118

    वायुकीलक

    ॐ वायुकीलकाय नमः।

    Om Vayukilakaya Namah।

    जो जीवन शक्ति के रक्षक हैं

  119. 119

    विपश्चिद्वरद

    ॐ विपश्चिद्वरदाय नमः।

    Om Vipashchidvaradaya Namah।

    जो राजा विपश्चित् को वरदान देने वाले हैं

  120. 120

    नादोन्नादभिन्नबलाहक

    ॐ नादोन्नादभिन्नबलाहकाय नमः।

    Om Nadonnadabhinnabalahakaya Namah।

    जो सूँड से मेघों की दिशा बदल देने वाले हैं

  121. 121

    वराहरदन

    ॐ वराहरदनाय नमः।

    Om Varaharadanaya Namah।

    जो वाराह के दाँत से अधिक सुन्दर दाँत वाले हैं

  122. 122

    मृत्युञ्जय

    ॐ मृत्युञ्जयाय नमः।

    Om Mrityunjayaya Namah।

    जो मृत्यु पर विजय पाने वाले हैं

  123. 123

    व्याघ्राजिनाम्बर

    ॐ व्याघ्राजिनाम्बराय नमः।

    Om Vyaghrajinambaraya Namah।

    जो बाघम्बर धारण करने वाले हैं

  124. 124

    इच्छाशक्तिधर

    ॐ इच्छाशक्तिधराय नमः।

    Om Ichchhashaktidharaya Namah।

    जो आत्म नियन्त्रण में रहने वाले हैं

  125. 125

    देवत्राता

    ॐ देवत्रात्रे नमः।

    Om Devatratre Namah।

    जो देवों की रक्षा करने वाले हैं

  126. 126

    दैत्यविमर्दन

    ॐ दैत्यविमर्दनाय नमः।

    Om Daityavimardanaya Namah।

    जो दैत्यों का संहार करने वाले हैं

  127. 127

    शम्भुवक्त्रोद्भव

    ॐ शम्भुवक्त्रोद्भवाय नमः।

    Om Shambhuvaktrodbhavaya Namah।

    जो शिव के मुख से व्यक्त होने वाले हैं

  128. 128

    शम्भुकोपहा

    ॐ शम्भुकोपघ्ने नमः।

    Om Shambhukopaghne Namah।

    जो शिव जी का क्रोध शान्त करने वाले हैं

  129. 129

    शम्भुहास्यभू

    ॐ शम्भुहास्यभुवे नमः।

    Om Shambhuhasyabhuve Namah।

    जो शिव जी की महिमा का गुणगान करने वाले हैं

  130. 130

    शम्भुतेजस्

    ॐ शम्भुतेजसे नमः।

    Om Shambhutejase Namah।

    जो शिव के समान तेज वाले हैं

  131. 131

    शिवाशोकहारी

    ॐ शिवाशोकहारिणे नमः।

    Om Shivashokaharine Namah।

    जो माता पार्वती (शिवा) के शोक को हरने वाले हैं

  132. 132

    गौरीसुखावह

    ॐ गौरीसुखावहाय नमः।

    Om Gaurisukhavahaya Namah।

    जो माता गौरी को प्रसन्न रखने वाले हैं

  133. 133

    उमाङ्गमलज

    ॐ उमाङ्गमलजाय नमः।

    Om Umangamalajaya Namah।

    जो देवी उमा की गोद में खेलने वाले हैं

  134. 134

    गौरीतेजोभू

    ॐ गौरीतेजोभुवे नमः।

    Om Gauritejobhuve Namah।

    जो माता पार्वती के तेज से उत्पन्न हैं

  135. 135

    स्वर्धुनीभव

    ॐ स्वर्धुनीभवाय नमः।

    Om Svardhunibhavaya Namah।

    जो गङ्गा के उद्भव का कारण हैं

  136. 136

    यज्ञकाय

    ॐ यज्ञकायाय नमः।

    Om Yajnakayaya Namah।

    जो स्वयं यज्ञ स्वरूप हैं

  137. 137

    महानाद

    ॐ महानादाय नमः।

    Om Mahanadaya Namah।

    जो अत्यन्त तेज ध्वनि उत्पन्न करने वाले हैं

  138. 138

    गिरिवर्ष्मा

    ॐ गिरिवर्ष्मणे नमः।

    Om Girivarshmane Namah।

    जो पर्वतों के समान देह वाले हैं

  139. 139

    शुभानन

    ॐ शुभाननाय नमः।

    Om Shubhananaya Namah।

    जो मंगलमयी मुखाकृति वाले हैं

  140. 140

    सर्वात्मा

    ॐ सर्वात्मने नमः।

    Om Sarvatmane Namah।

    जो समस्त सृष्टि में विद्यमान रहने वाले हैं

  141. 141

    सर्वदेवात्मा

    ॐ सर्वदेवात्मने नमः।

    Om Sarvadevatmane Namah।

    जो समस्त देवों में उपस्थित रहने वाले हैं

  142. 142

    ब्रह्ममूर्धा

    ॐ ब्रह्ममूर्ध्ने नमः।

    Om Brahmamurdhne Namah।

    जो ब्रह्मा के मुख वाले हैं

  143. 143

    ककुप्श्रुति

    ॐ ककुप्श्रुतये नमः।

    Om Kakupshrutaye Namah।

    जो दिशाओं को कान के रूप में धारण करने वाले हैं

  144. 144

    ब्रह्माण्डकुम्भ

    ॐ ब्रह्माण्डकुम्भाय नमः।

    Om Brahmandakumbhaya Namah।

    जो सृष्टि को अपने मस्तिष्क के भाग में रखने वाले हैं

  145. 145

    चिद्व्योमभाल

    ॐ चिद्व्योमभालाय नमः।

    Om Chidvyomabhalaya Namah।

    जो अन्तरिक्ष के समान मस्तक वाले हैं

  146. 146

    सत्यशिरोरुह

    ॐ सत्यशिरोरुहाय नमः।

    Om Satyashiroruhaya Namah।

    जो सत्य को केश के रूप में धारण करने वाले हैं

  147. 147

    जगज्जन्मलयोन्मेषनिमेष

    ॐ जगज्जन्मलयोन्मेषनिमेषाय नमः।

    Om Jagajjanmalayonmeshanimeshaya Namah।

    जो क्षणभर में सृष्टि का सृजन एवं संहार करने वाले हैं

  148. 148

    अग्न्यर्कसोमदृक्

    ॐ अग्न्यर्कसोमदृशे नमः।

    Om Agnyarkasomadrishe Namah।

    जो सूर्य, चन्द्र एवं अग्नि को नेत्रों के रूप में धारण करने वाले हैं

  149. 149

    गिरीन्द्रैकरद

    ॐ गिरीन्द्रैकरदाय नमः।

    Om Girindraikaradaya Namah।

    जो मेरु पर्वत को अपने दाँत के रूप में धारण किये हुये हैं

  150. 150

    धर्माधर्मोष्ठ

    ॐ धर्माधर्मोष्ठाय नमः।

    Om Dharmadharmoshthaya Namah।

    धर्म और अधर्म जिनके दोनों ओष्ठ हैं

  151. 151

    सामबृंहित

    ॐ सामबृंहिताय नमः।

    Om Samabrimhitaya Namah।

    सामवेद जिनकी वाणी है

  152. 152

    ग्रहर्क्षदशन

    ॐ ग्रहर्क्षदशनाय नमः।

    Om Graharkshadashanaya Namah।

    जो सूर्य आदि ग्रहों को अपने दाँतों के रूप में धारण करने वाले हैं

  153. 153

    वाणीजिह्व

    ॐ वाणीजिह्वाय नमः।

    Om Vanijihvaya Namah।

    जो वाणी को जिह्वा के रूप में धारण करने वाले हैं

  154. 154

    वासवनासिक

    ॐ वासवनासिकाय नमः।

    Om Vasavanasikaya Namah।

    जो इन्द्र को नासिका के रूप में धारण करने वाले हैं

  155. 155

    कुलाचलांस

    ॐ कुलाचलांसाय नमः।

    Om Kulachalamsaya Namah।

    कुल पर्वत जिनके कन्धो के रूप में स्थित हैं

  156. 156

    सोमार्कघण्ट

    ॐ सोमार्कघण्टाय नमः।

    Om Somarkaghantaya Namah।

    जो चन्द्र रूपी गर्दन वाले हैं

  157. 157

    रुद्रशिरोधर

    ॐ रुद्रशिरोधराय नमः।

    Om Rudrashirodharaya Namah।

    जो सिर पर रुद्र को धारण किये हुये हैं

  158. 158

    नदीनदभुज

    ॐ नदीनदभुजाय नमः।

    Om Nadinadabhujaya Namah।

    गङ्गा आदि नदियाँ और शोणभद्र आदि नद जिनकी भुजायें हैं

  159. 159

    सर्पाङ्गुलीक

    ॐ सर्पाङ्गुलीकाय नमः।

    Om Sarpangulikaya Namah।

    शेष आदि नाग जिनकी अँगुलियों में हैं

  160. 160

    तारकानख

    ॐ तारकानखाय नमः।

    Om Tarakanakhaya Namah।

    जो ध्रुव आदि तारों को नख के रूप में धारण करने वाले हैं

  161. 161

    भ्रूमध्यसंस्थितकर

    ॐ भ्रूमध्यसंस्थितकराय नमः।

    Om Bhrumadhyasamsthitakaraya Namah।

    जो भौंहों के मध्यभाग में स्थित शुण्डदण्ड वाले हैं

  162. 162

    ब्रह्मविद्यामदोत्कट

    ॐ ब्रह्मविद्यामदोत्कटाय नमः।

    Om Brahmavidyamadotkataya Namah।

    जो प्रचुर बुद्धि वाले हैं

  163. 163

    व्योमनाभ

    ॐ व्योमनाभये नमः।

    Om Vyomanabhaye Namah।

    जो आकाश रूपी नाभि वाले हैं

  164. 164

    श्रीहृदय

    ॐ श्रीहृदयाय नमः।

    Om Shrihridayaya Namah।

    जिनका हृदय ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद में संलग्न है

  165. 165

    मेरुपृष्ठ

    ॐ मेरुपृष्ठाय नमः।

    Om Meruprishthaya Namah।

    जो सुमेरु पर्वत रूपी पृष्ठभाग वाले हैं

  166. 166

    अर्णवोदर

    ॐ अर्णवोदराय नमः।

    Om Arnavodaraya Namah।

    सारे समुद्र जिनके उदर के जल हैं

  167. 167

    कुक्षिस्थयक्षगन्धर्वरक्षःकिन्नरमानुष

    ॐ कुक्षिस्थयक्षगन्धर्वरक्षःकिन्नरमानुषाय नमः।

    Om Kukshisthayakshagandharvarakshahkinnaramanushaya Namah।

    यक्ष, गन्धर्व, राक्षस, किन्नर और मनुष्य जिनकी नाड़ियाँ हैं

  168. 168

    पृथ्विकटि

    ॐ पृथ्विकटये नमः।

    Om Prithvikataye Namah।

    पृथ्वी जिनका कटिभाग अर्थात् कमर है

  169. 169

    सृष्टिलिङ्ग

    ॐ सृष्टिलिङ्गाय नमः।

    Om Srishtilingaya Namah।

    मैथुनी सृष्टि जिनकी जननेन्द्रिय के स्थान में है

  170. 170

    शैलोरु

    ॐ शैलोरवे नमः।

    Om Shailorave Namah।

    पर्वत जिनकी जाँघें हैं

  171. 171

    दस्रजानुक

    ॐ दस्रजानुकाय नमः।

    Om Dasrajanukaya Namah।

    दोनों अश्विनीकुमार जिनके दो घुटने हैं

  172. 172

    पातालजङ्घ

    ॐ पातालजङ्घाय नमः।

    Om Patalajanghaya Namah।

    सातों पाताल जिनकी पिंडलियों में हैं

  173. 173

    मुनिपात्

    ॐ मुनिपदे नमः।

    Om Munipade Namah।

    चरणों की सेवा में संलग्न मुनि ही जिनके चरण हैं

  174. 174

    कालाङ्गुष्ठ

    ॐ कालाङ्गुष्ठाय नमः।

    Om Kalangushthaya Namah।

    यम जिनके पैर का अँगूठा है

  175. 175

    त्रयीतनु

    ॐ त्रयीतनवे नमः।

    Om Trayitanave Namah।

    तीनों वेद जिनकी शेष देह के रूप में हैं

  176. 176

    ज्योतिर्मण्डललाङ्गूल

    ॐ ज्योतिर्मण्डललाङ्गूलाय नमः।

    Om Jyotirmandalalangulaya Namah।

    शिशुमार नामक तारों का समूह जिनकी पूँछ है

  177. 177

    हृदयालाननिश्चल

    ॐ हृदयालान-निश्चलाय नमः।

    Om Hridayalana-nishchalaya Namah।

    जो भक्तों के हृदयरूपी खम्भे में बधकर रहने वाले हैं

  178. 178

    हृत्पद्मकर्णिकाशालिवियत्केलिसरोवर

    ॐ हृत्पद्मकर्णिकाशालिवियत्केलिसरोवराय नमः।

    Om Hritpadmakarnikashaliviyatkelisarovaraya Namah।

    जो भक्तों के हृदयस्थल में क्रीडा का आनन्द लेने वाले हैं

  179. 179

    सद्भक्तध्याननिगड

    ॐ सद्भक्तध्याननिगडाय नमः।

    Om Sadbhaktadhyananigadaya Namah।

    जो श्रेष्ठ भक्तों के ध्यान रूपी बन्धन में बँध जाने वाले हैं

  180. 180

    पूजावारिनिवारित

    ॐ पूजावारिनिवारिताय नमः।

    Om Pujavarinivaritaya Namah।

    जो भक्तों की प्रार्थना से बँधे रहने वाले हैं

  181. 181

    प्रतापी

    ॐ प्रतापिने नमः।

    Om Pratapine Namah।

    जो अत्यन्त पराक्रमी हैं

  182. 182

    कश्यपसुत

    ॐ कश्यपसुताय नमः।

    Om Kashyapasutaya Namah।

    जो ऋषि कश्यप के पुत्र हैं

  183. 183

    गणप

    ॐ गणपाय नमः।

    Om Ganapaya Namah।

    जो होता, अध्वर्यु आदि गणों के रक्षक हैं

  184. 184

    विष्टपी

    ॐ विष्टपिने नमः।

    Om Vishtapine Namah।

    जो सभी भुवनों के आधार हैं

  185. 185

    बली

    ॐ बलिने नमः।

    Om Baline Namah।

    जो शक्तिशाली एवं बलिष्ठ हैं

  186. 186

    यशस्वी

    ॐ यशस्विने नमः।

    Om Yashasvine Namah।

    जो महान एवं कीर्तिमान हैं

  187. 187

    धार्मिक

    ॐ धार्मिकाय नमः।

    Om Dharmikaya Namah।

    जो धर्म-कर्म को प्रोत्साहित करने वाले हैं

  188. 188

    स्वोजस्

    ॐ स्वोजसे नमः।

    Om Svojase Namah।

    जो ओजपूर्ण व्यक्तित्व वाले हैं

  189. 189

    प्रथम

    ॐ प्रथमाय नमः।

    Om Prathamaya Namah।

    जो सभी शुभकार्यों में प्रथमपूज्य हैं

  190. 190

    प्रथमेश्वर

    ॐ प्रथमेश्वराय नमः।

    Om Prathameshvaraya Namah।

    जो त्रिमूर्ति ब्रह्मा, विष्णु, महेश के स्वामी हैं

  191. 191

    चिन्तामणिद्वीपपति

    ॐ चिन्तामणिद्वीपपतये नमः।

    Om Chintamanidvipapataye Namah।

    जो चिन्तामणि नामक द्वीप के अधिपति हैं

  192. 192

    कल्पद्रुमवनालय

    ॐ कल्पद्रुमवनालयाय नमः।

    Om Kalpadrumavanalayaya Namah।

    जो कल्पवृक्षों के वन में निवास करने वाले हैं

  193. 193

    रत्नमण्डपमध्यस्थ

    ॐ रत्नमण्डपमध्यस्थाय नमः।

    Om Ratnamandapamadhyasthaya Namah।

    जो रत्नों से सुसज्जित मण्डप में विराजमान हैं

  194. 194

    रत्नसिंहासनाश्रय

    ॐ रत्नसिंहासनाश्रयाय नमः।

    Om Ratnasimhasanashrayaya Namah।

    जो रत्नसिंहासन पर आरूढ़ रहने वाले हैं

  195. 195

    तीव्राशिरोद्धृतपद

    ॐ तीव्राशिरोद्धृतपदाय नमः।

    Om Tivrashiroddhritapadaya Namah।

    जो तीव्रा नामक पीठ-शक्ति पर चरण रखने वाले हैं

  196. 196

    ज्वालिनीमौलिलालित

    ॐ ज्वालिनीमौलिलालिताय नमः।

    Om Jvalinimaulilalitaya Namah।

    ज्वालिनी नामक शक्ति जिनके चरणों का स्पर्श करके पूजन करती है

  197. 197

    नन्दानन्दितपीठश्री

    ॐ नन्दानन्दितपीठश्रिये नमः।

    Om Nandananditapithashriye Namah।

    जो नन्दा नामक शक्ति पर अनुग्रह करने वाले हैं

  198. 198

    भोगदाभूषितासन

    ॐ भोगदाभूषितासनाय नमः।

    Om Bhogadabhushitasanaya Namah।

    जो भोगदा नामक सिंहासन पर विराजमान हैं

  199. 199

    सकामदायिनीपीठ

    ॐ सकामदायिनीपीठाय नमः।

    Om Sakamadayinipithaya Namah।

    जो कामदायिनी पीठ पर विराजमान हैं

  200. 200

    स्फुरदुग्रासनाश्रय

    ॐ स्फुरदुग्रासनाश्रयाय नमः।

    Om Sphuradugrasanashrayaya Namah।

    जो उग्र आसन पर विराजने वाले हैं

  201. 201

    तेजोवतीशिरोरत्न

    ॐ तेजोवतीशिरोरत्नाय नमः।

    Om Tejovatishiroratnaya Namah।

    जो तेजोवती नामक शक्ति को रत्न के रूप धारण किये हुये हैं

  202. 202

    सत्यानित्यावतंसित

    ॐ सत्यानित्यावतंसिताय नमः।

    Om Satyanityavatamsitaya Namah।

    सत्या नामक शक्ति जिन्हें नित्य अपने मस्तक का आभूषण बनाये रखती है

  203. 203

    सविघ्ननाशिनीपीठ

    ॐ सविघ्ननाशिनीपीठाय नमः।

    Om Savighnanashinipithaya Namah।

    जो विघ्ननाशिनी नामक शक्ति पर विराजित हैं

  204. 204

    सर्वशक्त्यम्बुजाश्रय

    ॐ सर्वशक्त्यम्बुजाश्रयाय नमः।

    Om Sarvashaktyambujashrayaya Namah।

    जो सम्पूर्ण शक्तियों से युक्त कमल के आसन पर विराजमान हैं

  205. 205

    लिपिपद्मासनाधार

    ॐ लिपिपद्मासनाधाराय नमः।

    Om Lipipadmasanadharaya Namah।

    जो अक्षरों से सुसज्जित कमल पर सुशोभित होने वाले हैं

  206. 206

    वह्निधामत्रयाश्रय

    ॐ वह्निधामत्रयाश्रयाय नमः।

    Om Vahnidhamatrayashrayaya Namah।

    जो कमल पर बैठे सूर्य, चन्द्र और अग्नि नामक तीनों तेजोमण्डल में विद्यमान हैं

  207. 207

    उन्नतप्रपद

    ॐ उन्नतप्रपदाय नमः।

    Om Unnataprapadaya Namah।

    जिनके चरण का अग्रभाग कछुए के पीठ के समान ऊँचा है

  208. 208

    गूढगुल्फ

    ॐ गूढगुल्फाय नमः।

    Om Gudhagulphaya Namah।

    जिनके टखने मांस से छुपे हुये हैं

  209. 209

    संवृतपार्ष्णिक

    ॐ संवृतपार्ष्णिकाय नमः।

    Om Samvritaparshnikaya Namah।

    जिनके पैरों के तलवे अर्धवृत्ताकार हैं

  210. 210

    पीनजङ्घ

    ॐ पीनजङ्घाय नमः।

    Om Pinajanghaya Namah।

    जिनके टखने के नीचे का भाग मांसल है

  211. 211

    श्लिष्टजानु

    ॐ श्लिष्टजानवे नमः।

    Om Shlishtajanave Namah।

    जिनके दोनों घुटने स्पष्ट नहीं दिखायी देते हैं

  212. 212

    स्थूलोरु

    ॐ स्थूलोरवे नमः।

    Om Sthulorave Namah।

    जो मोटी जङ्घा वाले हैं

  213. 213

    प्रोन्नमत्कटि

    ॐ प्रोन्नमत्कटये नमः।

    Om Pronnamatkataye Namah।

    जो ऊँचे कटिभाग अर्थात् कमर वाले हैं

  214. 214

    निम्ननाभि

    ॐ निम्ननाभये नमः।

    Om Nimnanabhaye Namah।

    जो अत्यन्त गहरी नाभि वाले हैं

  215. 215

    स्थूलकुक्षि

    ॐ स्थूलकुक्षये नमः।

    Om Sthulakukshaye Namah।

    जो विशाल उदर वाले हैं

  216. 216

    पीनवक्षा

    ॐ पीनवक्षसे नमः।

    Om Pinavakshase Namah।

    जो सुदृढ़ वक्षस्थल वाले हैं

  217. 217

    बृहद्भुज

    ॐ बृहद्भुजाय नमः।

    Om Brihadbhujaya Namah।

    जो बड़ी भुजाओं वाले हैं

  218. 218

    पीनस्कन्ध

    ॐ पीनस्कन्धाय नमः।

    Om Pinaskandhaya Namah।

    जो बलिष्ठ कन्धों वाले हैं

  219. 219

    कम्बुकण्ठ

    ॐ कम्बुकण्ठाय नमः।

    Om Kambukanthaya Namah।

    जो दक्षिणावर्ती शंख के समान गर्दन वाले हैं

  220. 220

    लम्बोष्ठ

    ॐ लम्बोष्ठाय नमः।

    Om Lamboshthaya Namah।

    जो लटकते हुये ओठों वाले हैं

  221. 221

    लम्बनासिक

    ॐ लम्बनासिकाय नमः।

    Om Lambanasikaya Namah।

    जो लम्बी नासिका (सूँड) वाले हैं

  222. 222

    भग्नवामरद

    ॐ भग्नवामरदाय नमः।

    Om Bhagnavamaradaya Namah।

    जिनके बायें दाँत का अग्रभाग टूट हुआ है

  223. 223

    तुङ्गसव्यदन्त

    ॐ तुङ्गसव्यदन्ताय नमः।

    Om Tungasavyadantaya Namah।

    जिनका दाहिना दाँत ऊँचा है

  224. 224

    महाहनु

    ॐ महाहनवे नमः।

    Om Mahahanave Namah।

    जिनकी ठोड़ी अत्यधिक विशाल है

  225. 225

    ह्रस्वनेत्रत्रय

    ॐ ह्रस्वनेत्रत्रयाय नमः।

    Om Hrasvanetratrayaya Namah।

    जो छोटे-छोटे तीन नेत्रों वाले हैं

  226. 226

    शूर्पकर्ण

    ॐ शूर्पकर्णाय नमः।

    Om Shurpakarnaya Namah।

    जो सूप के समान विशाल कानों वाले हैं

  227. 227

    निबिडमस्तक

    ॐ निबिडमस्तकाय नमः।

    Om Nibidamastakaya Namah।

    जो कठोर मस्तक वाले हैं

  228. 228

    स्तबकाकारकुम्भाग्र

    ॐ स्तबकाकारकुम्भाग्राय नमः।

    Om Stabakakarakumbhagraya Namah।

    जिनके मस्तक का अग्रभाग पुष्पों के गुच्छे के समान है

  229. 229

    रत्नमौलि

    ॐ रत्नमौलये नमः।

    Om Ratnamaulaye Namah।

    जो रत्न जड़ित मुकुट धारण करने वाले हैं

  230. 230

    निरङ्कुश

    ॐ निरङ्कुशाय नमः।

    Om Nirankushaya Namah।

    जो परम स्वतन्त्र हैं

  231. 231

    सर्पहारकटीसूत्र

    ॐ सर्पहारकटीसूत्राय नमः।

    Om Sarpaharakatisutraya Namah।

    जो सर्पाकार हार और कटिसूत्र धारण करने वाले हैं

  232. 232

    सर्पयज्ञोपवीतवान्

    ॐ सर्पयज्ञोपवीतवते नमः।

    Om Sarpayajnopavitavate Namah।

    जो सर्पाकार यज्ञोपवीत धारण करने वाले हैं

  233. 233

    सर्पकोटीरकटक

    ॐ सर्पकोटीरकटकाय नमः।

    Om Sarpakotirakatakaya Namah।

    जो सर्प को मुकुट व कँगन के रूप में धारण करने वाले हैं

  234. 234

    सर्पग्रैवेयकाङ्गद

    ॐ सर्पग्रैवेयकाङ्गदाय नमः।

    Om Sarpagraiveyakangadaya Namah।

    जो सर्प को हार एवं बाजूबन्द के रूप में धारण करने वाले हैं

  235. 235

    सर्पकक्ष्योदराबन्ध

    ॐ सर्पकक्ष्योदराबन्धाय नमः।

    Om Sarpakakshyodarabandhaya Namah।

    जो सर्प को करधनी के रूप में धारण करने वाले हैं

  236. 236

    सर्पराजोत्तरीयक

    ॐ सर्पराजोत्तरीयकाय नमः।

    Om Sarparajottariyakaya Namah।

    जो नागराज वासुकि को उत्तरीय वस्त्र के रूप में धारण करने वाले हैं

  237. 237

    रक्त

    ॐ रक्ताय नमः।

    Om Raktaya Namah।

    जो रक्तवर्ण वाले हैं

  238. 238

    रक्ताम्बरधर

    ॐ रक्ताम्बरधराय नमः।

    Om Raktambaradharaya Namah।

    जो लाल रंग के वस्त्र धारण करने वाले हैं

  239. 239

    रक्तमाल्यविभूषण

    ॐ रक्तमाल्यविभूषणाय नमः।

    Om Raktamalyavibhushanaya Namah।

    जो लाल रंग की पुष्पों की माला एवं आभूषण धारण करने वाले हैं

  240. 240

    रक्तेक्षण

    ॐ रक्तेक्षणाय नमः।

    Om Raktekshanaya Namah।

    जो लाल नेत्रों वाले हैं

  241. 241

    रक्तकर

    ॐ रक्तकराय नमः।

    Om Raktakaraya Namah।

    जो लाल हाथों वाले हैं

  242. 242

    रक्तताल्वोष्ठपल्लव

    ॐ रक्तताल्वोष्ठपल्लवाय नमः।

    Om Raktatalvoshthapallavaya Namah।

    जो लाल गालों एवं ओठों वाले हैं

  243. 243

    श्वेत

    ॐ श्वेताय नमः।

    Om Shvetaya Namah।

    जो श्वेतवर्ण वाले हैं

  244. 244

    श्वेताम्बरधर

    ॐ श्वेताम्बरधराय नमः।

    Om Shvetambaradharaya Namah।

    जो श्वेत वस्त्र धारण करने वाले हैं

  245. 245

    श्वेतमाल्यविभूषण

    ॐ श्वेतमाल्यविभूषणाय नमः।

    Om Shvetamalyavibhushanaya Namah।

    जो श्वेत माला एवं श्वेत आभूषणों से सुशोभित हैं

  246. 246

    श्वेतातपत्ररुचिर

    ॐ श्वेतातपत्ररुचिराय नमः।

    Om Shvetatapatraruchiraya Namah।

    जो श्वेत छत्र के नीचे विराजमान हैं

  247. 247

    श्वेतचामरवीजित

    ॐ श्वेतचामरवीजिताय नमः।

    Om Shvetachamaravijitaya Namah।

    जिनकी श्वेत चँवर डुलाकर सेवा की जाती है

  248. 248

    सर्वावयवसम्पूर्णसर्वलक्षणलक्षित

    ॐ सर्वावयवसम्पूर्णसर्वलक्षणलक्षिताय नमः।

    Om Sarvavayavasampurnasarvalakshanalakshitaya Namah।

    जो सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार शुभ लक्षणों से पूर्ण हैं

  249. 249

    सर्वाभरणशोभाढ्य

    ॐ सर्वाभरणशोभाढ्याय नमः।

    Om Sarvabharanashobhadhyaya Namah।

    जो सम्पूर्ण आभूषणों की शोभा से सम्पन्न हैं

  250. 250

    सर्वशोभासमन्वित

    ॐ सर्वशोभासमन्विताय नमः।

    Om Sarvashobhasamanvitaya Namah।

    जो लावण्य नामक सम्पूर्ण अंगकान्ति से शोभायमान हैं

  251. 251

    सर्वमङ्गलमाङ्गल्य

    ॐ सर्वमङ्गलमाङ्गल्याय नमः।

    Om Sarvamangalamangalyaya Namah।

    जो समस्त मंगलों के लिये मंगलकारी हैं

  252. 252

    सर्वकारणकारण

    ॐ सर्वकारणकारणाय नमः।

    Om Sarvakaranakaranaya Namah।

    जो समस्त कारणों के कारण हैं

  253. 253

    सर्वदैककर

    ॐ सर्वदैककराय नमः।

    Om Sarvadaikakaraya Namah।

    जो उदार हस्त वाले हैं

  254. 254

    शार्ङ्गी

    ॐ शार्ङ्गिणे नमः।

    Om Sharngine Namah।

    जो शार्ङ्गी धनुष धारण करने वाले हैं

  255. 255

    बीजापूरी

    ॐ बीजापूरिणे नमः।

    Om Bijapurine Namah।

    जो हाथ में अनार धारण करने वाले हैं

  256. 256

    गदाधर

    ॐ गदाधराय नमः।

    Om Gadadharaya Namah।

    जो गदाधारी हैं

  257. 257

    इक्षुचापधर

    ॐ इक्षुचापधराय नमः।

    Om Ikshuchapadharaya Namah।

    जो गन्ने का धनुष धारण करने वाले हैं

  258. 258

    शूली

    ॐ शूलिने नमः।

    Om Shuline Namah।

    जो त्रिशूल धारण करने वाले हैं

  259. 259

    चक्रपाणि

    ॐ चक्रपाणये नमः।

    Om Chakrapanaye Namah।

    जो हाथ में चक्र धारण करने वाले हैं

  260. 260

    सरोजभृत्

    ॐ सरोजभृते नमः।

    Om Sarojabhrite Namah।

    जो हाथ में कमल पुष्प धारण करने वाले हैं

  261. 261

    पाशी

    ॐ पाशिने नमः।

    Om Pashine Namah।

    जो हाथ में पाश धारण करने वाले हैं

  262. 262

    धृतोत्पल

    ॐ धृतोत्पलाय नमः।

    Om Dhritotpalaya Namah।

    जो हाथ में उत्पल अर्थात् नील कमल पुष्प धारण करने वाले हैं

  263. 263

    शालीमञ्जरीभृत्

    ॐ शालीमञ्जरीभृते नमः।

    Om Shalimanjaribhrite Namah।

    जो हाथ में धान की बाली धारण करने वाले हैं

  264. 264

    स्वदन्तभृत्

    ॐ स्वदन्तभृते नमः।

    Om Svadantabhrite Namah।

    जो हाथ में स्वयं का खण्डित दाँत धारण करने वाले हैं

  265. 265

    कल्पवल्लीधर

    ॐ कल्पवल्लीधराय नमः।

    Om Kalpavallidharaya Namah।

    जो हाथ में कल्पलता रखने वाले हैं

  266. 266

    विश्वाभयदैककर

    ॐ विश्वाभयदैककराय नमः।

    Om Vishvabhayadaikakaraya Namah।

    जो सम्पूर्ण विश्व में भक्तों का भय नष्ट करने वाले हैं

  267. 267

    वशी

    ॐ वशिने नमः।

    Om Vashine Namah।

    जो सम्पूर्ण विश्व को वश में रखने वाले हैं

  268. 268

    अक्षमालाधर

    ॐ अक्षमालाधराय नमः।

    Om Akshamaladharaya Namah।

    जो अक्षमाला धारण करने वाले हैं

  269. 269

    ज्ञानमुद्रावान्

    ॐ ज्ञानमुद्रावते नमः।

    Om Jnanamudravate Namah।

    जो ज्ञान के सूचक हैं

  270. 270

    मुद्गरायुध

    ॐ मुद्गरायुधाय नमः।

    Om Mudgarayudhaya Namah।

    जो मुद्गर को शस्त्र के रूप में धारण करने वाले हैं

  271. 271

    पूर्णपात्री

    ॐ पूर्णपात्रिणे नमः।

    Om Purnapatrine Namah।

    जो अमृत से भरे पात्र को धारण करने वाले हैं

  272. 272

    कम्बुधर

    ॐ कम्बुधराय नमः।

    Om Kambudharaya Namah।

    जो शंख धारण करने वाले हैं

  273. 273

    विधृतालिसमुद्गक

    ॐ विधृतालिसमुद्गकाय नमः।

    Om Vidhritalisamudgakaya Namah।

    जो जिनके गालों पर बहता शहद भ्रमरों को आकर्षित कर रहा है

  274. 274

    मातुलिङ्गधर

    ॐ मातुलिङ्गधराय नमः।

    Om Matulingadharaya Namah।

    जिनके हाथ में मातुलिङ्ग फल अर्थात् बिजौरा नींबू है

  275. 275

    चूतकलिकाभृत्

    ॐ चूतकलिकाभृते नमः।

    Om Chutakalikabhrite Namah।

    जो आम के पल्लव धारण करने वाले हैं

  276. 276

    कुठारवान्

    ॐ कुठारवते नमः।

    Om Kutharavate Namah।

    जो कुठार धारण करने वाले हैं

  277. 277

    पुष्करस्थस्वर्णघटीपूर्णरत्नाभिवर्षक

    ॐ पुष्करस्थस्वर्णघटीपूर्णरत्नाभिवर्षकाय नमः।

    Om Pushkarasthasvarnaghatipurnaratnabhivarshakaya Namah।

    जिनके हाथ में रत्नों के स्वर्ण पात्र हैं

  278. 278

    भारतीसुन्दरीनाथ

    ॐ भारतीसुन्दरीनाथाय नमः।

    Om Bharatisundarinathaya Namah।

    जो देवी सरस्वती गौरी एवं लक्ष्मी के साथ विराजमान हैं

  279. 279

    विनायकरतिप्रिय

    ॐ विनायकरतिप्रियाय नमः।

    Om Vinayakaratipriyaya Namah।

    जो अपने गणों के साथ खेलने में रुचि रखने वाले हैं

  280. 280

    महालक्ष्मीप्रियतम

    ॐ महालक्ष्मीप्रियतमाय नमः।

    Om Mahalakshmipriyatamaya Namah।

    जो महालक्ष्मी के प्रिय हैं

  281. 281

    सिद्धलक्ष्मीमनोरम

    ॐ सिद्धलक्ष्मीमनोरमाय नमः।

    Om Siddhalakshmimanoramaya Namah।

    जो सिद्धलक्ष्मी को मोहित करने वाले हैं

  282. 282

    रमारमेशपूर्वाङ्ग

    ॐ रमारमेशपूर्वाङ्गाय नमः।

    Om Ramarameshapurvangaya Namah।

    जिनके सम्मुख श्री लक्ष्मी तथा विष्णु जी विराजमान हैं

  283. 283

    दक्षिणोमामहेश्वर

    ॐ दक्षिणोमामहेश्वराय नमः।

    Om Dakshinomamaheshvaraya Namah।

    जो देवी उमा और महेश्वर को अपने दक्षिणभाग में स्थापित करने वाले हैं

  284. 284

    महीवराहवामाङ्ग

    ॐ महीवराहवामाङ्गाय नमः।

    Om Mahivarahavamangaya Namah।

    जो श्री भूमिदेवी एवं वराह देव को अपने बाये भाग या उत्तर दिशा में रखने वाले हैं

  285. 285

    रतिकन्दर्पपश्चिम

    ॐ रतिकन्दर्पपश्चिमाय नमः।

    Om Ratikandarpapashchimaya Namah।

    जो रति और कामदेव को अपने पीछे या पश्चिम दिशा में रखने वाले हैं

  286. 286

    आमोदप्रमोदजनन

    ॐ आमोदमोदजननाय नमः।

    Om Amodamodajananaya Namah।

    जो आमोद अर्थात् हर्ष को भी हर्ष देने वाले हैं

  287. 287

    सप्रमोदप्रमोदन

    ॐ सप्रमोदप्रमोदनाय नमः।

    Om Sapramodapramodanaya Namah।

    जो प्रमोद अर्थात् सुख को भी सुख देने वाले हैं

  288. 288

    समेधितसमृद्धिश्री

    ॐ समेधितसमृद्धिश्रिये नमः।

    Om Samedhitasamriddhishriye Namah।

    जो देवी समृद्धि को समृद्धि प्रदान करने वाले हैं

  289. 289

    ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तक

    ॐ ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तकाय नमः।

    Om Riddhisiddhipravartakaya Namah।

    जो ऋद्धि देवी में स्थित सिद्धि के प्रवर्तक हैं

  290. 290

    दत्तसौमुख्यसुमुख

    ॐ दत्तसौमुख्यसुमुखाय नमः।

    Om Dattasaumukhyasumukhaya Namah।

    जो सुमुख को सुमुखता प्रदान करने वाले हैं

  291. 291

    कान्तिकन्दलिताश्रय

    ॐ कान्तिकन्दलिताश्रयाय नमः।

    Om Kantikandalitashrayaya Namah।

    जो कान्ति देवी के आश्रय स्थान को अंकुरित करने वाले हैं

  292. 292

    मदनावत्याश्रिताङ्घ्रि

    ॐ मदनावत्याश्रिताङ्घ्रये नमः।

    Om Madanavatyashritanghraye Namah।

    जो मदनावती देवी द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  293. 293

    कृत्तदौर्मुख्यदुर्मुख

    ॐ कृत्तदौर्मुख्यदुर्मुखाय नमः।

    Om Krittadaurmukhyadurmukhaya Namah।

    जो दुर्मुख की दुर्मुखता को काट फेंकने वाले हैं

  294. 294

    विघ्नसम्पल्लवोपघ्न

    ॐ विघ्न-सम्पल्लवोपघ्नाय नमः।

    Om Vighna-sampallavopaghnaya Namah।

    जो विघ्नों के निवारक हैं

  295. 295

    सेवोन्निद्रमदद्रव

    ॐ सेवोन्निद्र-मदद्रवाय नमः।

    Om Sevonnidra-madadravaya Namah।

    जो देवी मदद्रवा द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  296. 296

    विघ्नकृन्निघ्नचरण

    ॐ विघ्नकृन्निघ्नचरणाय नमः।

    Om Vighnakrinnighnacharanaya Namah।

    विघ्नकृत भक्तिभाव से जिनके चरणों को अपने अधीन करके रखा है

  297. 297

    द्राविणीशक्तिसत्कृत

    ॐ द्राविणीशक्तिसत्कृताय नमः।

    Om Dravinishaktisatkritaya Namah।

    जो द्राविणी नामक शक्ति द्वारा सम्मानित हैं

  298. 298

    तीव्राप्रसन्ननयन

    ॐ तीव्राप्रसन्ननयनाय नमः।

    Om Tivraprasannanayanaya Namah।

    जो तीव्रा नामक शक्ति के प्रति अत्यन्त प्रसन्न रहते हैं

  299. 299

    ज्वालिनीपालितैकदृक्

    ॐ ज्वालिनीपालितैकदृशे नमः।

    Om Jvalinipalitaikadrishe Namah।

    जिनकी मुख्य दृष्टि ज्वालिनी-शक्ति के संरक्षण में संलग्न है

  300. 300

    मोहिनीमोहन

    ॐ मोहिनीमोहनाय नमः।

    Om Mohinimohanaya Namah।

    जो मोहिनी शक्ति को भी मोहित करने वाले हैं

  301. 301

    भोगदायिनीकान्तिमण्डित

    ॐ भोगदायिनीकान्तिमण्डिताय नमः।

    Om Bhogadayinikantimanditaya Namah।

    जो भोगदायिनी शक्ति की कान्ति से मण्डित चरणपादुका वाले हैं

  302. 302

    कामिनीकान्तवक्त्रश्री

    ॐ कामिनीकान्तवक्त्रश्रिये नमः।

    Om Kaminikantavaktrashriye Namah।

    जो कामदायिनी नामक शक्ति के मुख की शोभा को बढ़ाने वाले हैं

  303. 303

    अधिष्ठितवसुन्धर

    ॐ अधिष्ठितवसुन्धराय नमः।

    Om Adhishthitavasundharaya Namah।

    जो देवी वसुन्धरा के आधार हैं

  304. 304

    वसुन्धरामदोन्नद्धमहाशङ्खनिधिप्रभु

    ॐ वसुन्धरामदोन्नद्धमहाशङ्खनिधिप्रभवे नमः।

    Om Vasundharamadonnaddhamahashankhanidhiprabhave Namah।

    जो पत्नी वसुन्धरा के साथ प्रसन्न रहने वाले महाशंख निधि के स्वामी हैं

  305. 305

    नमद्वसुमतीमौलिमहापद्मनिधिप्रभु

    ॐ नमद्वसुमतीमौलिमहापद्मनिधिप्रभवे नमः।

    Om Namadvasumatimaulimahapadmanidhiprabhave Namah।

    जो वसुमती एवं महापद्म द्वारा पूजनीय हैं

  306. 306

    सर्वसद्गुरुसंसेव्य

    ॐ सर्वसद्गुरुसंसेव्याय नमः।

    Om Sarvasadgurusamsevyaya Namah।

    जो समस्त गुरुओं द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  307. 307

    शोचिष्केशहृदाश्रय

    ॐ शोचिष्केशहृदाश्रयाय नमः।

    Om Shochishkeshahridashrayaya Namah।

    जो गार्हपत्य आदि पाँच अग्नियों के हृदय में ध्येयरूप से विराजमान हैं

  308. 308

    ईशानमूर्द्धा

    ॐ ईशानमूर्ध्ने नमः।

    Om Ishanamurdhne Namah।

    जो भगवान शंकर के माननीय हैं

  309. 309

    देवेन्द्रशिखा

    ॐ देवेन्द्रशिखायै नमः।

    Om Devendrashikhayai Namah।

    जो देवराज इन्द्र के आराध्य हैं

  310. 310

    पवननन्दन

    ॐ पवननन्दनाय नमः।

    Om Pavananandanaya Namah।

    जो वायु को आनन्दित करने वाले हैं

  311. 311

    अग्रप्रत्यग्रनयन

    ॐ अग्रप्रत्यग्रनयनाय नमः।

    Om Agrapratyagranayanaya Namah।

    जो सूक्ष्म एवं नूतन दृष्टि वाले हैं

  312. 312

    दिव्यास्त्र प्रयोगवित्

    ॐ दिव्यास्त्राणां प्रयोगविदे नमः।

    Om Divyastranam Prayogavide Namah।

    जो दिव्य अस्त्रों के प्रयोग को जानने वाले हैं

  313. 313

    ऐरावतादिसर्वाशावारणावरणप्रिय

    ॐ ऐरावतादिसर्वाशावारणावरणप्रियाय नमः।

    Om Airavatadisarvashavaranavaranapriyaya Namah।

    जिन्हें खेल-खेल में ऐरावत आदि हाथियों को ढँक लेना प्रिय लगता है

  314. 314

    वज्राद्यस्त्रपरिवार

    ॐ वज्राद्यस्त्रपरिवाराय नमः।

    Om Vajradyastraparivaraya Namah।

    जो वज्र आदि अस्त्रों तथा इन्द्र आदि दिक्पालों से आवृत हैं

  315. 315

    गणचण्डसमाश्रय

    ॐ गणचण्डसमाश्रयाय नमः।

    Om Ganachandasamashrayaya Namah।

    जो चण्ड आदि गणों को बल प्रदान करने वाले हैं

  316. 316

    जयाजयापरीवार

    ॐ जयाजयापरीवाराय नमः।

    Om Jayajayaparivaraya Namah।

    जो जया और अजया नामक पीठशक्तियों से घिरे हुए हैं

  317. 317

    विजयाविजयावह

    ॐ विजयाविजयावहाय नमः।

    Om Vijayavijayavahaya Namah।

    जो विजया नामक पीठशक्ति को विजय प्रदान करने वाले हैं

  318. 318

    अजितार्चितपादाब्ज

    ॐ अजितार्चितपादाब्जाय नमः।

    Om Ajitarchitapadabjaya Namah।

    जो जिनके चरण कमल अपराजिता शक्ति द्वारा पूजे जाते हैं

  319. 319

    नित्यानित्यावतंसित

    ॐ नित्यानित्यावतंसिताय नमः।

    Om Nityanityavatamsitaya Namah।

    नित्या नाम की शक्ति नित्य जिनके चरणकमलों की सेवा में उपस्थित है

  320. 320

    विलासिनीकृतोल्लास

    ॐ विलासिनीकृतोल्लासाय नमः।

    Om Vilasinikritollasaya Namah।

    जो विलासिनी की सेवा से प्रसन्न होने वाले हैं

  321. 321

    शौण्डीसौन्दर्यमण्डित

    ॐ शौण्डीसौन्दर्यमण्डिताय नमः।

    Om Shaundisaundaryamanditaya Namah।

    जो शौण्डी शक्ति के सौन्दर्य में वृद्धि करने वाले हैं

  322. 322

    अनन्तानन्तसुखद

    ॐ अनन्तानन्तसुखदाय नमः।

    Om Anantanantasukhadaya Namah।

    जो अनन्ता नामक शक्ति को अनन्त सुख प्रदान करने वाले हैं

  323. 323

    सुमङ्गलसुमङ्गल

    ॐ सुमङ्गलसुमङ्गलाय नमः।

    Om Sumangalasumangalaya Namah।

    जिनके कारण सुमंगल नामक पीठ भी मंगलयुक्त हो जाता है

  324. 324

    इच्छाशक्तिज्ञानशक्तिक्रियाशक्तिनिषेवित

    ॐ इच्छाशक्तिज्ञानशक्तिक्रियाशक्तिनिषेविताय नमः।

    Om Ichchhashaktijnanashaktikriyashaktinishevitaya Namah।

    जो इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, एवं क्रियाशक्ति द्वारा सेवित हैं

  325. 325

    सुभगासंश्रितपद

    ॐ सुभगासंश्रितपदाय नमः।

    Om Subhagasamshritapadaya Namah।

    जो सुभगा देवी के द्वारा सेवित चरणकमल वाले हैं

  326. 326

    ललिताललिताश्रय

    ॐ ललिताललिताश्रयाय नमः।

    Om Lalitalalitashrayaya Namah।

    जो ललिता देवी के मनोरम आश्रय हैं

  327. 327

    कामिनीकामन

    ॐ कामिनीकामनाय नमः।

    Om Kaminikamanaya Namah।

    जो कामकला नामक शक्ति की कामना रखने वाले हैं

  328. 328

    काममालिनीकेलिलालित

    ॐ काममालिनीकेलिलालिताय नमः।

    Om Kamamalinikelilalitaya Namah।

    जो काममालिनी नामक शक्ति की क्रीडाओं द्वारा प्रसन्न किये गये हैं

  329. 329

    सरस्वत्याश्रय

    ॐ सरस्वत्याश्रयाय नमः।

    Om Sarasvatyashrayaya Namah।

    जो देवी सरस्वती के आश्रय हैं

  330. 330

    गौरीनन्दन

    ॐ गौरीनन्दनाय नमः।

    Om Gaurinandanaya Namah।

    जो माता पार्वती को आनन्द प्रदान करने वाले हैं

  331. 331

    श्रीनिकेतन

    ॐ श्रीनिकेतनाय नमः।

    Om Shriniketanaya Namah।

    जो देवी लक्ष्मी के निवासस्थान हैं

  332. 332

    गुरुगुप्तपद

    ॐ गुरुगुप्तपदाय नमः।

    Om Guruguptapadaya Namah।

    जिनके चरण गुरुओं द्वारा आलिङ्गन के कारण ढँके हुए हैं

  333. 333

    वाचासिद्ध

    ॐ वाचासिद्धाय नमः।

    Om Vachasiddhaya Namah।

    जिनकी भक्ति से वाक्-सिद्धि प्राप्त होती है

  334. 334

    वागीश्वरीपति

    ॐ वागीश्वरीपतये नमः।

    Om Vagishvaripataye Namah।

    जो वागीश्वरी अर्थात् नकुली नामक शक्ति के प्रियतम हैं

  335. 335

    नलिनीकामुक

    ॐ नलिनीकामुकाय नमः।

    Om Nalinikamukaya Namah।

    जो नलिनी अर्थात् सुरापगा नामक शक्ति के प्रियतम हैं

  336. 336

    वामाराम

    ॐ वामारामाय नमः।

    Om Vamaramaya Namah।

    वामा नामक शक्ति जिनकी प्रिया हैं

  337. 337

    ज्येष्ठामनोरम

    ॐ ज्येष्ठामनोरमाय नमः।

    Om Jyeshthamanoramaya Namah।

    ज्येष्ठा नामक शक्ति जिनकी मनोरमा हैं

  338. 338

    रौद्रीमुद्रितपादाब्ज

    ॐ रौद्रीमुद्रितपादाब्जाय नमः।

    Om Raudrimudritapadabjaya Namah।

    रौद्री नामक शक्ति जिनके चरणों को अपनी अंजलि में बाँधे रखती हैं

  339. 339

    हुंबीज

    ॐ हुंबीजाय नमः।

    Om Humbijaya Namah।

    हुम् जिनका बीज मन्त्र है

  340. 340

    तुङ्गशक्तिक

    ॐ तुङ्गशक्तिकाय नमः।

    Om Tungashaktikaya Namah।

    जो अनन्त शक्ति वाले हैं

  341. 341

    विश्वादिजननत्राण

    ॐ विश्वादिजननत्राणाय नमः।

    Om Vishvadijananatranaya Namah।

    जो विश्व के आदिभूत हिरण्यगर्भ के जन्म और पालन के कारण हैं

  342. 342

    स्वाहाशक्ति

    ॐ स्वाहाशक्तये नमः।

    Om Svahashaktaye Namah।

    साक्षात् स्वाहा जिनकी शक्ति हैं

  343. 343

    सकीलक

    ॐ सकीलकाय नमः।

    Om Sakilakaya Namah।

    जो कीलक से युक्त हैं

  344. 344

    अमृताब्धिकृतावास

    ॐ अमृताब्धिकृतावासाय नमः।

    Om Amritabdhikritavasaya Namah।

    जो अमृत के सागर में निवास करने वाले हैं

  345. 345

    मदघूर्णितलोचन

    ॐ मदघूर्णितलोचनाय नमः।

    Om Madaghurnitalochanaya Namah।

    जो सजल नेत्रों वाले हैं

  346. 346

    उच्छिष्टगण

    ॐ उच्छिष्टगणाय नमः।

    Om Uchchhishtaganaya Namah।

    जो उत्कृष्ट और शिष्ट गणों के स्वामी हैं

  347. 347

    उच्छिष्टगणेश

    ॐ उच्छिष्टगणेशाय नमः।

    Om Uchchhishtaganeshaya Namah।

    जो सतत मोदक-भक्षण करने वाले हैं

  348. 348

    गणनायक

    ॐ गणनायकाय नमः।

    Om Gananayakaya Namah।

    जिनके गणों की गणना भक्तों द्वारा होती रहती है

  349. 349

    सार्वकालिकसंसिद्धि

    ॐ सार्वकालिकसंसिद्धये नमः।

    Om Sarvakalikasamsiddhaye Namah।

    जो सर्वदा सिद्धियों से युक्त रहते हैं

  350. 350

    नित्यशैव

    ॐ नित्यशैवाय नमः।

    Om Nityashaivaya Namah।

    जो निरन्तर शिव का ध्यान करने वाले हैं

  351. 351

    दिगम्बर

    ॐ दिगम्बराय नमः।

    Om Digambaraya Namah।

    जो समस्त दिशाओं को वस्त्र के रूप में धारण करने वाले हैं

  352. 352

    अनपाय

    ॐ अनपायाय नमः।

    Om Anapayaya Namah।

    जो अनन्त-अविनाशी हैं

  353. 353

    अनन्तदृष्टि

    ॐ अनन्तदृष्टये नमः।

    Om Anantadrishtaye Namah।

    जो असीम ज्ञानशक्ति से सम्पन्न हैं

  354. 354

    अप्रमेय

    ॐ अप्रमेयाय नमः।

    Om Aprameyaya Namah।

    जो वाणी, मन एवं ज्ञानेन्द्रियों से अगम्य होने के कारण प्रमाणातीत हैं

  355. 355

    अजरामर

    ॐ अजरामराय नमः।

    Om Ajaramaraya Namah।

    जो जरा और मृत्यु से रहित हैं

  356. 356

    अनाविल

    ॐ अनाविलाय नमः।

    Om Anavilaya Namah।

    जो अत्यन्त शुद्ध हैं

  357. 357

    अप्रतिरथ

    ॐ अप्रतिरथाय नमः।

    Om Apratirathaya Namah।

    जो अतुलनीय हैं

  358. 358

    अच्युत

    ॐ अच्युताय नमः।

    Om Achyutaya Namah।

    जो मर्यादा से कभी च्युत अर्थात् विचलित न होने वाले हैं

  359. 359

    अमृत

    ॐ अमृताय नमः।

    Om Amritaya Namah।

    जो अमृत के समान हैं

  360. 360

    अक्षर

    ॐ अक्षराय नमः।

    Om Aksharaya Namah।

    जो सर्वव्यापी हैं

  361. 361

    अप्रतर्क्य

    ॐ अप्रतर्क्याय नमः।

    Om Apratarkyaya Namah।

    जिन्हें शब्दों से परिभाषित न किया जा सके

  362. 362

    अक्षय

    ॐ अक्षयाय नमः।

    Om Akshayaya Namah।

    जो अजर-अमर हैं

  363. 363

    अजय्य

    ॐ अजय्याय नमः।

    Om Ajayyaya Namah।

    जो अजेय हैं

  364. 364

    अनाधार

    ॐ अनाधाराय नमः।

    Om Anadharaya Namah।

    जिन्हें किसी आधार की अवश्यकता नहीं है

  365. 365

    अनामय

    ॐ अनामयाय नमः।

    Om Anamayaya Namah।

    जो समस्त रोगों से मुक्त हैं

  366. 366

    अमल

    ॐ अमलाय नमः।

    Om Amalaya Namah।

    जो मलिनता से रहित हैं

  367. 367

    अमोघसिद्धि

    ॐ अमोघसिद्धये नमः।

    Om Amoghasiddhaye Namah।

    जो अचूक सिद्धि वाले हैं

  368. 368

    अद्वैत

    ॐ अद्वैताय नमः।

    Om Advaitaya Namah।

    जो स्वयं अद्वैत हैं

  369. 369

    अघोर

    ॐ अघोराय नमः।

    Om Aghoraya Namah।

    जो शिव-स्वरूप हैं

  370. 370

    अप्रमितानन

    ॐ अप्रमिताननाय नमः।

    Om Apramitananaya Namah।

    जो अनन्त मुख वाले हैं

  371. 371

    अनाकार

    ॐ अनाकाराय नमः।

    Om Anakaraya Namah।

    जो आकार रहित अर्थात् निराकार ब्रह्म हैं

  372. 372

    अब्धिभूम्यग्निबलघ्न

    ॐ अब्धिभूम्यग्निबलघ्नाय नमः।

    Om Abdhibhumyagnibalaghnaya Namah।

    जो पृथ्वी, समुद्र एवं अग्नि की शक्ति को नष्ट करने वाले हैं

  373. 373

    अव्यक्तलक्षण

    ॐ अव्यक्तलक्षणाय नमः।

    Om Avyaktalakshanaya Namah।

    जो सामान्य मानव की बुद्धि द्वारा अभिव्यक्त नहीं हो सकते

  374. 374

    आधारपीठ

    ॐ आधारपीठाय नमः।

    Om Adharapithaya Namah।

    जो पृथ्वी से लेकर शिवपर्यन्त छत्तीस आधारभूत तत्त्वों के भी आश्रय हैं

  375. 375

    आधार

    ॐ आधाराय नमः।

    Om Adharaya Namah।

    जो विष्णु तथा ब्रह्मा को भी धारण करने वाले हैं

  376. 376

    आधाराधेयवर्जित

    ॐ आधाराधेयवर्जिताय नमः।

    Om Adharadheyavarjitaya Namah।

    जो अद्वैत स्वरूप हैं

  377. 377

    आखुकेतन

    ॐ आखुकेतनाय नमः।

    Om Akhuketanaya Namah।

    जिनके ध्वज पर मूषक का चिन्ह अंकित है

  378. 378

    आशापूरक

    ॐ आशापूरकाय नमः।

    Om Ashapurakaya Namah।

    जो सबकी आशा पूर्ण करने वाले हैं

  379. 379

    आखुमहारथ

    ॐ आखुमहारथाय नमः।

    Om Akhumaharathaya Namah।

    जो मूषकरूपी महान् रथ अर्थात् वाहन से युक्त हैं

  380. 380

    इक्षुसागरमध्यस्थ

    ॐ इक्षुसागरमध्यस्थाय नमः।

    Om Ikshusagaramadhyasthaya Namah।

    जो गन्ने के रस के सागर के मध्य विरजमान हैं

  381. 381

    इक्षुभक्षणलालस

    ॐ इक्षुभक्षणलालसाय नमः।

    Om Ikshubhakshanalalasaya Namah।

    जिन्हें गन्ना का सेवन करना अत्यन्त प्रिय है

  382. 382

    इक्षुचापातिरेकश्री

    ॐ इक्षुचापातिरेकश्रिये नमः।

    Om Ikshuchapatirekashriye Namah।

    जो मन्मथ अर्थात् कामदेव से भी अधिक सुन्दर हैं

  383. 383

    इक्षुचापनिषेवित

    ॐ इक्षुचापनिषेविताय नमः।

    Om Ikshuchapanishevitaya Namah।

    कामदेव जिनकी पुजा करते हैं

  384. 384

    इन्द्रगोपसमानश्री

    ॐ इन्द्रगोपसमानश्रिये नमः।

    Om Indragopasamanashriye Namah।

    जो इन्द्रगोप नामक कीट के समान वर्ण वाले हैं

  385. 385

    इन्द्रनीलसमद्युति

    ॐ इन्द्रनीलसमद्युतये नमः।

    Om Indranilasamadyutaye Namah।

    जो नीलमणि के समान श्याम कान्ति वाले हैं

  386. 386

    इन्दीवरदलश्याम

    ॐ इन्दीवरदलश्यामाय नमः।

    Om Indivaradalashyamaya Namah।

    जो नीलकमल के समान श्याम वर्ण वाले हैं

  387. 387

    इन्दुमण्डलनिर्मल

    ॐ इन्दुमण्डलनिर्मलाय नमः।

    Om Indumandalanirmalaya Namah।

    जो चन्द्रमा के समान गौर कान्ति वाले हैं

  388. 388

    इध्मप्रिय

    ॐ इध्मप्रियाय नमः।

    Om Idhmapriyaya Namah।

    जिनको हवन की समिधा प्रिय है

  389. 389

    इडाभाग

    ॐ इडाभागाय नमः।

    Om Idabhagaya Namah।

    जो ऋत्विक्, यजमान आदि रूप में यज्ञ में भाग लेने वाले हैं

  390. 390

    इराधाम

    ॐ इराधाम्ने नमः।

    Om Iradhamne Namah।

    जिनके धाम में पृथ्वी निवास करती हैं

  391. 391

    इन्दिराप्रिय

    ॐ इन्दिराप्रियाय नमः।

    Om Indirapriyaya Namah।

    जो देवी लक्ष्मी को प्रिय हैं

  392. 392

    इक्ष्वाकुविघ्नविध्वंसी

    ॐ इक्ष्वाकुविघ्नविध्वंसिने नमः।

    Om Ikshvakuvighnavidhvamsine Namah।

    जो राजा इक्ष्वाकु के विघ्न का नाश करने वाले हैं

  393. 393

    इतिकर्तव्यतेप्सित

    ॐ इतिकर्तव्यतेप्सिताय नमः।

    Om Itikartavyatepsitaya Namah।

    जो यजमान की मनोवांछा पूर्ण करने वाले हैं

  394. 394

    ईशानमौलि

    ॐ ईशानमौलये नमः।

    Om Ishanamaulaye Namah।

    जो देवों के देव हैं

  395. 395

    ईशान

    ॐ ईशानाय नमः।

    Om Ishanaya Namah।

    जो देवों में सर्वश्रेष्ठ हैं

  396. 396

    ईशानसुत

    ॐ ईशानसुताय नमः।

    Om Ishanasutaya Namah।

    जो भगवान शङ्कर के पुत्र हैं

  397. 397

    ईतिहा

    ॐ ईतिघ्ने नमः।

    Om Itighne Namah।

    जो फसल की समस्त प्रकार के रोगों एवं विपदाओं से रक्षा करने वाले हैं

  398. 398

    ईषणात्रयकल्पान्त

    ॐ ईषणात्रयकल्पान्ताय नमः।

    Om Ishanatrayakalpantaya Namah।

    जो भौतिक कामनाओं के प्रति वैराग्य उत्पन्न करने वाले हैं

  399. 399

    ईहामात्रविवर्जित

    ॐ ईहामात्रविवर्जिताय नमः।

    Om Ihamatravivarjitaya Namah।

    जो समस्त इच्छाओं से रहित हैं

  400. 400

    उपेन्द्र

    ॐ उपेन्द्राय नमः।

    Om Upendraya Namah।

    जो कश्यप-अदिति के यहाँ बालक के रूप में अवतरित होने वाले हैं

  401. 401

    उडुभृन्मौलि

    ॐ उडुभृन्मौलये नमः।

    Om Udubhrinmaulaye Namah।

    जो अपने मस्तक पर चन्द्रमा धारण करने वाले हैं

  402. 402

    उण्डेरकबलिप्रिय

    ॐ उण्डेरकबलिप्रियाय नमः।

    Om Underakabalipriyaya Namah।

    जिन्हें गोल-गोल मिष्टान्न प्रिय हैं

  403. 403

    उन्नतानन

    ॐ उन्नताननाय नमः।

    Om Unnatananaya Namah।

    जो ब्रह्मा आदि उत्कृष्ट देवों में चेतना जगाने वाले हैं

  404. 404

    उत्तुङ्ग

    ॐ उत्तुङ्गाय नमः।

    Om Uttungaya Namah।

    जो अत्यन्त विशाल देह वाले हैं

  405. 405

    उदारत्रिदशाग्रणी

    ॐ उदारत्रिदशाग्रण्ये नमः।

    Om Udaratridashagranye Namah।

    जो उदार देवताओं में सर्वश्रेष्ठ हैं

  406. 406

    ऊर्जस्वान्

    ॐ ऊर्जस्वते नमः।

    Om Urjasvate Namah।

    जो असीमित ऊर्जा वाले हैं

  407. 407

    ऊष्मलमद

    ॐ ऊष्मलमदाय नमः।

    Om Ushmalamadaya Namah।

    जिनकी देह से गरम मद प्रवाहित होता है

  408. 408

    ऊहापोहदुरासद

    ॐ ऊहापोहदुरासदाय नमः।

    Om Uhapohadurasadaya Namah।

    जो समस्त तर्क-वितर्क से परे हैं

  409. 409

    ऋग्यजुस्सामसम्भूति

    ॐ ऋग्यजुस्सामसम्भूतये नमः।

    Om Rigyajussamasambhutaye Namah।

    जो ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद को प्रकट करने वाले हैं

  410. 410

    ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तक

    ॐ ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तकाय नमः।

    Om Riddhisiddhipravartakaya Namah।

    जो राज्य-सम्पत्ति तथा अणिमा आदि सिद्धियों को प्रदान करने वाले हैं

  411. 411

    ऋजुचित्तैकसुलभ

    ॐ ऋजुचित्तैकसुलभाय नमः।

    Om Rijuchittaikasulabhaya Namah।

    जो सद्गुणी भक्तों को सरलता से प्राप्त होने वाले हैं

  412. 412

    ऋणत्रयविमोचक

    ॐ ऋणत्रयविमोचकाय नमः।

    Om Rinatrayavimochakaya Namah।

    जो देव ऋण, ऋषि ऋण तथा पितृ ऋण से मुक्त करने वाले हैं

  413. 413

    स्वभक्त लुप्तविघ्न

    ॐ स्वभक्तानां लुप्तविघ्नाय नमः।

    Om Svabhaktanam Luptavighnaya Namah।

    जो अपने भक्तों के समस्त कष्टों का नाश करने वाले हैं

  414. 414

    सुरद्विषांलुप्तशक्ति

    ॐ सुरद्विषां-लुप्तशक्तये नमः।

    Om Suradvisham-luptashaktaye Namah।

    जो दैत्यों की शक्ति नष्ट करने वाले हैं

  415. 415

    विमुखार्चन लुप्तश्री

    ॐ विमुखार्चानां लुप्तश्रिये नमः।

    Om Vimukharchanam Luptashriye Namah।

    जो अधर्मियों की समृद्धि नष्ट करने वाले हैं

  416. 416

    लूताविस्फोटनाशन

    ॐ लूताविस्फोटनाशनाय नमः।

    Om Lutavisphotanashanaya Namah।

    जो विभिन्न रोगों का नाश करने वाले हैं

  417. 417

    एकारपीठमध्यस्थ

    ॐ एकारपीठमध्यस्थाय नमः।

    Om Ekarapithamadhyasthaya Namah।

    जो त्रिकोणचक्र के मध्य में विराजमान हैं

  418. 418

    एकपादकृतासन

    ॐ एकपादकृतासनाय नमः।

    Om Ekapadakritasanaya Namah।

    जो एक पैर पर खड़े रहने वाले हैं

  419. 419

    एजिताखिलदैत्यश्री

    ॐ एजिताखिलदैत्यश्रिये नमः।

    Om Ejitakhiladaityashriye Namah।

    जो दैत्यों की समृद्धि नष्ट करने वाले हैं

  420. 420

    एधिताखिलसंश्रय

    ॐ एधिताखिलसंश्रयाय नमः।

    Om Edhitakhilasamshrayaya Namah।

    जो भक्तों के वैभव में वृद्धि करने वाले हैं

  421. 421

    ऐश्वर्यनिधि

    ॐ ऐश्वर्यनिधये नमः।

    Om Aishvaryanidhaye Namah।

    जो समस्त ऐश्वर्य के स्वामी हैं

  422. 422

    ऐश्वर्य

    ॐ ऐश्वर्याय नमः।

    Om Aishvaryaya Namah।

    जो स्वयं ऐश्वर्य स्वरूप हैं

  423. 423

    ऐहिकामुष्मिकप्रद

    ॐ ऐहिकामुष्मिकप्रदाय नमः।

    Om Aihikamushmikapradaya Namah।

    जो लौकिक और पारलौकिक सुख देने वाले हैं

  424. 424

    ऐरम्मदसमोन्मेष

    ॐ ऐरम्मदसमोन्मेषाय नमः।

    Om Airammadasamonmeshaya Namah।

    जो विद्युत के समान तेज वाले हैं

  425. 425

    ऐरावतनिभानन

    ॐ ऐरावतनिभाननाय नमः।

    Om Airavatanibhananaya Namah।

    जिनका मुख ऐरावत हाथी के समान है

  426. 426

    ओङ्कारवाच्य

    ॐ ओङ्कारवाच्याय नमः।

    Om Onkaravachyaya Namah।

    जो 'ॐ' मन्त्र के सार हैं

  427. 427

    ओङ्कार

    ॐ ओङ्काराय नमः।

    Om Onkaraya Namah।

    जो स्वयं ॐ स्वरूप हैं

  428. 428

    ओजस्वान्

    ॐ ओजस्वते नमः।

    Om Ojasvate Namah।

    जो अतुलनीय तेज वाले हैं

  429. 429

    ओषधीपति

    ॐ ओषधीपतये नमः।

    Om Oshadhipataye Namah।

    जो औषधियों के अधिपति चन्द्रमा स्वरूप हैं

  430. 430

    औदार्यनिधि

    ॐ औदार्यनिधये नमः।

    Om Audaryanidhaye Namah।

    जो भक्तों के प्रति अत्यन्त उदार हैं

  431. 431

    औद्धत्यधुर्य

    ॐ औद्धत्यधुर्याय नमः।

    Om Auddhatyadhuryaya Namah।

    जो अपने भक्तों पर कृपा हेतु अत्यन्त उतकर्षित होते हैं

  432. 432

    औन्नत्यनिस्स्वन

    ॐ औन्नत्यनिस्स्वनाय नमः।

    Om Aunnatyanissvanaya Namah।

    जो सबकी अपेक्षा उच्चस्वर से गर्जना करने वाले हैं

  433. 433

    सुरनागानामङ्कुश

    ॐ सुरनागानामङ्कुशाय नमः।

    Om Suranaganamankushaya Namah।

    जो तीनों लोकों को नियन्त्रित करने वाले हैं

  434. 434

    सुरविद्विषामङ्कुश

    ॐ सुरविद्विषामङ्कुशाय नमः।

    Om Suravidvishamankushaya Namah।

    जो देवताओं और विद्वानों के द्वेषियों को दण्डित करने वाले हैं

  435. 435

    अःसमस्तविसर्गान्तपदेषुपरिकीर्तित

    ॐ अःसमस्तविसर्गान्तपदेषुपरिकीर्तिताय नमः।

    Om Ahsamastavisargantapadeshuparikirtitaya Namah।

    सम्पूर्ण वर्णमाला जिनकी स्तुति करती है

  436. 436

    कमण्डलुधर

    ॐ कमण्डलुधराय नमः।

    Om Kamandaludharaya Namah।

    जो कमण्डलु धारण करने वाले हैं

  437. 437

    कल्प

    ॐ कल्पाय नमः।

    Om Kalpaya Namah।

    जो स्वयं प्रलयस्वरूप हैं

  438. 438

    कपर्दी

    ॐ कपर्दिने नमः।

    Om Kapardine Namah।

    जो जटाजूट धारण करने वाले हैं

  439. 439

    कलभानन

    ॐ कलभाननाय नमः।

    Om Kalabhananaya Namah।

    जो गजमुख अथवा हाथी के समान मुख वाले हैं

  440. 440

    कर्मसाक्षी

    ॐ कर्मसाक्षिणे नमः।

    Om Karmasakshine Namah।

    जो अदृष्ट कर्मों के भी साक्षी हैं

  441. 441

    कर्मकर्ता

    ॐ कर्मकर्त्रे नमः।

    Om Karmakartre Namah।

    जो कर्म करने की प्रेरणा देने वाले हैं

  442. 442

    कर्माकर्मफलप्रद

    ॐ कर्माकर्मफलप्रदाय नमः।

    Om Karmakarmaphalapradaya Namah।

    जो कर्मानुसार स्वर्ग और मोक्षरूप फल देने वाले हैं

  443. 443

    कदम्बगोलकाकार

    ॐ कदम्बगोलकाकाराय नमः।

    Om Kadambagolakakaraya Namah।

    जो कदम्ब-पुष्प के समान गोल आकार वाले हैं

  444. 444

    कूष्माण्डगणनायक

    ॐ कूष्माण्डगणनायकाय नमः।

    Om Kushmandagananayakaya Namah।

    जो दुष्ट ग्रहों पर कठोर शासन करने वाले हैं

  445. 445

    कारुण्यदेह

    ॐ कारुण्यदेहाय नमः।

    Om Karunyadehaya Namah।

    जो करुणा के सागर हैं

  446. 446

    कपिल

    ॐ कपिलाय नमः।

    Om Kapilaya Namah।

    जो कपिल मुनि स्वरूप हैं

  447. 447

    कथक

    ॐ कथकाय नमः।

    Om Kathakaya Namah।

    जो सम्प्रदायों के प्रवर्तक हैं

  448. 448

    कटिसूत्रभृत्

    ॐ कटिसूत्रभृते नमः।

    Om Katisutrabhrite Namah।

    जो स्वर्ण का कमरबन्ध धारण करने वाले हैं

  449. 449

    खर्व

    ॐ खर्वाय नमः।

    Om Kharvaya Namah।

    जो वामन स्वरूप हैं

  450. 450

    खड्गप्रिय

    ॐ खड्गप्रियाय नमः।

    Om Khadgapriyaya Namah।

    जिन्हें खड्ग अत्यन्त प्रिय है

  451. 451

    खड्गखान्तान्तःस्थ

    ॐ खड्गखान्तान्तःस्थाय नमः।

    Om Khadgakhantantahsthaya Namah।

    जो गकार में विराजमान हैं

  452. 452

    खनिर्मल

    ॐ खनिर्मलाय नमः।

    Om Khanirmalaya Namah।

    जो आकाश की भाँति सबमें रहते हुए भी सबसे निर्लिप्त हैं

  453. 453

    खल्वाटशृङ्गनिलय

    ॐ खल्वाटशृङ्गनिलयाय नमः।

    Om Khalvatashringanilayaya Namah।

    जो वृक्षविहीन पर्वत के शिखर पर निवास करने वाले हैं

  454. 454

    खट्वाङ्गी

    ॐ खट्वाङ्गिने नमः।

    Om Khatvangine Namah।

    जो खट्वाङ्ग नामक अस्त्र धारण करने वाले हैं

  455. 455

    खदुरासद

    ॐ खदुरासदाय नमः।

    Om Khadurasadaya Namah।

    जो आकाश की भाँति पकड़ में न आ सकने वाले हैं

  456. 456

    गुणाढ्य

    ॐ गुणाढ्याय नमः।

    Om Gunadhyaya Namah।

    जो सर्वगुण सम्पन्न हैं

  457. 457

    गहन

    ॐ गहनाय नमः।

    Om Gahanaya Namah।

    जो अत्यन्त गूढ़ हैं

  458. 458

    गस्थ

    ॐ गस्थाय नमः।

    Om Gasthaya Namah।

    जो 'ग' बीजाक्षर में विराजमान हैं

  459. 459

    गद्यपद्यसुधार्णव

    ॐ गद्यपद्यसुधार्णवाय नमः।

    Om Gadyapadyasudharnavaya Namah।

    जो गद्य एवं पद्य में काव्यरस रूपी अमृत के सागर हैं

  460. 460

    गद्यगानप्रिय

    ॐ गद्यगानप्रियाय नमः।

    Om Gadyaganapriyaya Namah।

    जिन्हें सामवेद का पाठ प्रिय है

  461. 461

    गर्ज

    ॐ गर्जाय नमः।

    Om Garjaya Namah।

    जो बादल के समान गर्जना करने वाले हैं

  462. 462

    गीतगीर्वाणपूर्वज

    ॐ गीतगीर्वाणपूर्वजाय नमः।

    Om Gitagirvanapurvajaya Namah।

    जो नाद से उत्पन्न गीत तथा नाद के अर्थ से उत्पन्न देवताओं के पूर्वज हैं

  463. 463

    गुह्याचाररत

    ॐ गुह्याचाररताय नमः।

    Om Guhyachararataya Namah।

    जो परमात्मा के चिन्तन में लगे साधकों पर सन्तुष्ट रहने वाले हैं

  464. 464

    गुह्य

    ॐ गुह्याय नमः।

    Om Guhyaya Namah।

    जो एकान्त में जानने योग्य हैं

  465. 465

    गुह्यागमनिरूपित

    ॐ गुह्यागमनिरूपिताय नमः।

    Om Guhyagamanirupitaya Namah।

    जिनकी महिमा वेदों में वर्णित है

  466. 466

    गुहाशय

    ॐ गुहाशयाय नमः।

    Om Guhashayaya Namah।

    जो हृदय में शयन करने वाले अन्तर्यामी पुरुष हैं

  467. 467

    गुहाब्धिस्थ

    ॐ गुहाब्धिस्थाय नमः।

    Om Guhabdhisthaya Namah।

    जो हृदय रूपी आकाश सागर में स्थित रहने वाले हैं

  468. 468

    गुरुगम्य

    ॐ गुरुगम्याय नमः।

    Om Gurugamyaya Namah।

    जिन्हें मात्र गुरु के द्वारा ही जाना जा सकता है

  469. 469

    गुरोर्गुरु

    ॐ गुरोर्गुरवे नमः।

    Om Gurorgurave Namah।

    जो गुरुओं के भी गुरु हैं

  470. 470

    घण्टाघर्घरिकामाली

    ॐ घण्टाघर्घरिकामालिने नमः।

    Om Ghantaghargharikamaline Namah।

    जो मनोहर शब्द करने वाली घर्घरिका नामक घण्टी की माला धारण करने वाले हैं

  471. 471

    घटकुम्भ

    ॐ घटकुम्भाय नमः।

    Om Ghatakumbhaya Namah।

    जो विशाल मस्तक वाले हैं

  472. 472

    घटोदर

    ॐ घटोदराय नमः।

    Om Ghatodaraya Namah।

    जो घड़े के समान पेट वाले हैं

  473. 473

    चण्ड

    ॐ चण्डाय नमः।

    Om Chandaya Namah।

    जो प्रचण्ड पराक्रमी हैं

  474. 474

    चण्डेश्वरसुहृत्

    ॐ चण्डेश्वरसुहृदे नमः।

    Om Chandeshvarasuhride Namah।

    जो भगवान शिव के पार्षद चण्डेश्वर के प्रिय हैं

  475. 475

    चण्डीश

    ॐ चण्डीशाय नमः।

    Om Chandishaya Namah।

    जो भगवान शिव और माता पार्वती के प्रिय हैं

  476. 476

    चण्डविक्रम

    ॐ चण्डविक्रमाय नमः।

    Om Chandavikramaya Namah।

    जो क्रोधी दुष्टों पर आक्रमण करके उन्हें वश में करने वाले हैं

  477. 477

    चराचरपति

    ॐ चराचरपतये नमः।

    Om Characharapataye Namah।

    जो इस सम्पूर्ण जगत के स्वामी हैं

  478. 478

    चिन्तामणिचर्वणलालस

    ॐ चिन्तामणिचर्वणलालसाय नमः।

    Om Chintamanicharvanalalasaya Namah।

    जो चिन्तामणि का अभिमान नष्ट करने वाले हैं

  479. 479

    छन्द

    ॐ छन्दसे नमः।

    Om Chhandase Namah।

    जो स्वयं वेद के रूप में हैं

  480. 480

    छन्दोवपु

    ॐ छन्दोवपुषे नमः।

    Om Chhandovapushe Namah।

    जो वेदों को अपनी देह के रूप में धारण करने वाले हैं

  481. 481

    छन्दोदुर्लक्ष्य

    ॐ छन्दोदुर्लक्ष्याय नमः।

    Om Chhandodurlakshyaya Namah।

    वेद भी जिनको पूर्ण रूप से जानने में असमर्थ हैं

  482. 482

    छन्दविग्रह

    ॐ छन्दविग्रहाय नमः।

    Om Chhandavigrahaya Namah।

    जो भक्तों की इच्छा के अनुसार अवतार-शरीर धारण करने वाले हैं

  483. 483

    जगद्योनि

    ॐ जगद्योनये नमः।

    Om Jagadyonaye Namah।

    जो इस सृष्टि के कारण हैं

  484. 484

    जगत्साक्षी

    ॐ जगत्साक्षिणे नमः।

    Om Jagatsakshine Namah।

    जो इस सम्पूर्ण सृष्टि के साक्षी हैं

  485. 485

    जगदीश

    ॐ जगदीशाय नमः।

    Om Jagadishaya Namah।

    जो इस सम्पूर्ण सृष्टि के स्वामी हैं

  486. 486

    जगन्मय

    ॐ जगन्मयाय नमः।

    Om Jaganmayaya Namah।

    जो स्वयं ही जगत के रूप में विद्यमान हैं

  487. 487

    जप

    ॐ जपाय नमः।

    Om Japaya Namah।

    जो मन्त्र के रूप में विद्यमान हैं

  488. 488

    जपपर

    ॐ जपपराय नमः।

    Om Japaparaya Namah।

    जो सदैव ध्यान/जप में लीन रहने वाले हैं

  489. 489

    जप्य

    ॐ जप्याय नमः।

    Om Japyaya Namah।

    जो जपनीय मन्त्र के स्वरूप हैं

  490. 490

    जिह्वासिंहासनप्रभु

    ॐ जिह्वासिंहासन-प्रभवे नमः।

    Om Jihvasimhasana-prabhave Namah।

    जो वाणी अथवा वाक् शक्ति के स्वामी हैं

  491. 491

    झलज्झलोल्लसद्दानझङ्कारिभ्रमराकुल

    ॐ झलज्झलोल्लसद्दानझङ्कारिभ्रमराकुलाय नमः।

    Om Jhalajjhalollasaddanajhankaribhramarakulaya Namah।

    जो भ्रमर द्वारा आकर्षित होने वाले हैं

  492. 492

    टङ्कारस्फारसंराव

    ॐ टङ्कारस्फारसंरावाय नमः।

    Om Tankaraspharasamravaya Namah।

    जिनके आभूषण टँकार जैसी ध्वनि करने वाले हैं

  493. 493

    टङ्कारिमणिनूपुर

    ॐ टङ्कारिमणिनूपुराय नमः।

    Om Tankarimaninupuraya Namah।

    जो छोटे-छोटे नूपरों से सुसज्जित पायल धारण करने वाले हैं

  494. 494

    ठद्वयीपल्लवान्तःस्थसर्वमन्त्रैकसिद्धिद

    ॐ ठद्वयीपल्लवान्तःस्थसर्वमन्त्रैकसिद्धिदाय नमः।

    Om Thadvayipallavantahsthasarvamantraikasiddhidaya Namah।

    जो विधिवत पढे गये मन्त्रों के एकमात्र सिद्धिदाता हैं

  495. 495

    डिण्डिमुण्ड

    ॐ डिण्डिमुण्डाय नमः।

    Om Dindimundaya Namah।

    जो ढ़ोल के समान विशाल मस्तक वाले हैं

  496. 496

    डाकिनीश

    ॐ डाकिनीशाय नमः।

    Om Dakinishaya Namah।

    जो योगिनियों के स्वामी हैं

  497. 497

    डामर

    ॐ डामराय नमः।

    Om Damaraya Namah।

    जो डामर नामक तन्त्र के समान हैं

  498. 498

    डिण्डिमप्रिय

    ॐ डिण्डिमप्रियाय नमः।

    Om Dindimapriyaya Namah।

    जो नगाड़े की ध्वनि से प्रसन्न होने वाले हैं

  499. 499

    ढक्कानिनादमुदित

    ॐ ढक्कानिनादमुदिताय नमः।

    Om Dhakkaninadamuditaya Namah।

    जिन्हें ढक्के की ध्वनि अत्यन्त प्रिय है

  500. 500

    ढौक

    ॐ ढौकाय नमः।

    Om Dhaukaya Namah।

    जो सब कुछ जानने वाले हैं

  501. 501

    ढुण्ढिविनायक

    ॐ ढुण्ढिविनायकाय नमः।

    Om Dhundhivinayakaya Namah।

    जो विघ्न-बाधाओं को दूर करने वाले हैं

  502. 502

    तत्त्व परम तत्त्व

    ॐ तत्त्वानां परमाय तत्त्वाय नमः।

    Om Tattvanam Paramaya Tattvaya Namah।

    जो समस्त सिद्धान्तों में सर्वोच्च सिद्धान्त हैं

  503. 503

    तत्त्वम्पदनिरूपित

    ॐ तत्त्वम्पदनिरूपिताय नमः।

    Om Tattvampadanirupitaya Namah।

    जो भक्तों को सैद्धान्तिक मार्ग पर चलाने वाले हैं

  504. 504

    तारकान्तरसंस्थान

    ॐ तारकान्तरसंस्थानाय नमः।

    Om Tarakantarasamsthanaya Namah।

    जो नेत्रों की पुतलियों में वास करने वाले हैं

  505. 505

    तारक

    ॐ तारकाय नमः।

    Om Tarakaya Namah।

    जो भवसागर से तारने वाले हैं

  506. 506

    तारकान्तक

    ॐ तारकान्तकाय नमः।

    Om Tarakantakaya Namah।

    जो तारकासुर का संहार करने वाले हैं

  507. 507

    स्थाणु

    ॐ स्थाणवे नमः।

    Om Sthanave Namah।

    जो स्थिर हैं

  508. 508

    स्थाणुप्रिय

    ॐ स्थाणुप्रियाय नमः।

    Om Sthanupriyaya Namah।

    जो भगवान शिव के प्रिय पुत्र हैं

  509. 509

    स्थाता

    ॐ स्थात्रे नमः।

    Om Sthatre Namah।

    जो युद्ध में दृढ़तापूर्वक डटे रहने वाले हैं

  510. 510

    स्थावर जङ्गम जगत्

    ॐ स्थावराय जङ्गमाय जगते नमः।

    Om Sthavaraya Jangamaya Jagate Namah।

    जो स्वयं चराचर जगत स्वरूप हैं

  511. 511

    दक्षयज्ञप्रमथन

    ॐ दक्षयज्ञप्रमथनाय नमः।

    Om Dakshayajnapramathanaya Namah।

    जो दक्ष प्रजापति के यज्ञ का विध्वंस करने वाले हैं

  512. 512

    दाता

    ॐ दात्रे नमः।

    Om Datre Namah।

    जो पतितपावन हैं

  513. 513

    दानवमोहन

    ॐ दानवमोहनाय नमः।

    Om Danavamohanaya Namah।

    जो राक्षसों को विकेकहीन करने वाले हैं

  514. 514

    दयावान्

    ॐ दयावते नमः।

    Om Dayavate Namah।

    जो अत्यन्त दयावान हैं

  515. 515

    दिव्यविभव

    ॐ दिव्यविभवाय नमः।

    Om Divyavibhavaya Namah।

    जो भक्तों को दिव्य वैभव से सम्पन्न करने वाले हैं

  516. 516

    दण्डभृत्

    ॐ दण्डभृते नमः।

    Om Dandabhrite Namah।

    जो दण्डनीति का पालन करने वाले हैं

  517. 517

    दण्डनायक

    ॐ दण्डनायकाय नमः।

    Om Dandanayakaya Namah।

    जो दण्ड के प्रवर्तक हैं

  518. 518

    दन्तप्रभिन्नाभ्रमाल

    ॐ दन्तप्रभिन्नाभ्रमालाय नमः।

    Om Dantaprabhinnabhramalaya Namah।

    जो अपने दाँत के आघात से मेघों को छिन्न-भिन्न कर देने वाले हैं

  519. 519

    दैत्यवारणदारण

    ॐ दैत्यवारणदारणाय नमः।

    Om Daityavaranadaranaya Namah।

    जो दानवों को रोकने और उनका अन्त करने वाले हैं

  520. 520

    दंष्ट्रालग्नद्विपघट

    ॐ दंष्ट्रालग्नद्विपघटाय नमः।

    Om Damshtralagnadvipaghataya Namah।

    जिनके दाढ़ में शत्रुओं के हाथियों का समूह स्थित है

  521. 521

    देवार्थनृगजाकृति

    ॐ देवार्थनृगजाकृतये नमः।

    Om Devarthanrigajakritaye Namah।

    जो देवताओं के कल्याण हेतु मनुष्य और गज की आकृति धारण करने वाले हैं

  522. 522

    धनधान्यपति

    ॐ धनधान्यपतये नमः।

    Om Dhanadhanyapataye Namah।

    जो धन-धान्य के अधिपति हैं

  523. 523

    धन्य

    ॐ धन्याय नमः।

    Om Dhanyaya Namah।

    जो धन सम्पन्न एवं पुण्यवान हैं

  524. 524

    धनद

    ॐ धनदाय नमः।

    Om Dhanadaya Namah।

    जो धन-सम्पत्ति प्रदान करने वाले हैं

  525. 525

    धरणीधर

    ॐ धरणीधराय नमः।

    Om Dharanidharaya Namah।

    जो पृथ्वी को धारण करने वाले हैं

  526. 526

    ध्यानैकप्रकट

    ॐ ध्यानैकप्रकटाय नमः।

    Om Dhyanaikaprakataya Namah।

    जो एकमात्र ध्यान में ही प्रकट होने वाले हैं

  527. 527

    ध्येय

    ॐ ध्येयाय नमः।

    Om Dhyeyaya Namah।

    जो ध्यान से प्राप्त होने वाले हैं

  528. 528

    ध्यान

    ॐ ध्यानाय नमः।

    Om Dhyanaya Namah।

    जो स्वयं ध्यानस्वरूप हैं

  529. 529

    ध्यानपरायण

    ॐ ध्यानपरायणाय नमः।

    Om Dhyanaparayanaya Namah।

    जो ध्यान में संलग्न रहने वाले हैं

  530. 530

    नन्द्य

    ॐ नन्द्याय नमः।

    Om Nandyaya Namah।

    जो सदैव उत्साहित एवं आनन्दित रहने वाले हैं

  531. 531

    नन्दिप्रिय

    ॐ नन्दिप्रियाय नमः।

    Om Nandipriyaya Namah।

    जो नन्दिकेश्वर के अत्यन्त प्रिय हैं

  532. 532

    नाद

    ॐ नादाय नमः।

    Om Nadaya Namah।

    जो स्वयं नाद स्वरूप हैं

  533. 533

    नादमध्यप्रतिष्ठित

    ॐ नादमध्यप्रतिष्ठिताय नमः।

    Om Nadamadhyapratishthitaya Namah।

    जो सङ्गीत एवं वाद्ययन्त्रों के मध्य प्रसन्न रहने वाले हैं

  534. 534

    निष्कल

    ॐ निष्कलाय नमः।

    Om Nishkalaya Namah।

    जो अवयव रहित हैं

  535. 535

    निर्मल

    ॐ निर्मलाय नमः।

    Om Nirmalaya Namah।

    जो पूर्णतः पवित्र हैं

  536. 536

    नित्य

    ॐ नित्याय नमः।

    Om Nityaya Namah।

    जो अनश्वर हैं

  537. 537

    नित्यानित्य

    ॐ नित्यानित्याय नमः।

    Om Nityanityaya Namah।

    जो नश्वर-अनश्वर दोनों रूपों को धारण करने वाले हैं

  538. 538

    निरामय

    ॐ निरामयाय नमः।

    Om Niramayaya Namah।

    जो अविद्या रूपी महारोग से मुक्त हैं

  539. 539

    परं व्योम

    ॐ परस्मै व्योम्ने नमः।

    Om Parasmai Vyomne Namah।

    जो नित्य धामस्वरूप हैं

  540. 540

    परं धाम

    ॐ परस्मै धाम्ने नमः।

    Om Parasmai Dhamne Namah।

    जो परम ज्योति हैं

  541. 541

    परमात्मा

    ॐ परमात्मने नमः।

    Om Paramatmane Namah।

    जो स्वयं परब्रह्म हैं

  542. 542

    परं पद

    ॐ परस्मै पदाय नमः।

    Om Parasmai Padaya Namah।

    जो सर्वोच्च पद पर प्रतिष्ठित हैं

  543. 543

    परात्पर

    ॐ परात्पराय नमः।

    Om Paratparaya Namah।

    जो पर अर्थात् भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश से भी उत्कृष्ट हैं

  544. 544

    पशुपति

    ॐ पशुपतये नमः।

    Om Pashupataye Namah।

    जो समस्त प्राणियों के पालक हैं

  545. 545

    पशुपाशविमोचक

    ॐ पशुपाशविमोचकाय नमः।

    Om Pashupashavimochakaya Namah।

    जो जीवों को विभिन्न बन्धनों से मुक्त करने वाले हैं

  546. 546

    पूर्णानन्द

    ॐ पूर्णानन्दाय नमः।

    Om Purnanandaya Namah।

    जो आनन्द की वर्षा करने वाले हैं

  547. 547

    परानन्द

    ॐ परानन्दाय नमः।

    Om Paranandaya Namah।

    जो सदैव परम आनन्द प्रदान करने वाले हैं

  548. 548

    पुराणपुरुषोत्तम

    ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः।

    Om Puranapurushottamaya Namah।

    जो समस्त देवगणों में सर्वोच्च हैं

  549. 549

    पद्मप्रसन्ननयन

    ॐ पद्मप्रसन्ननयनाय नमः।

    Om Padmaprasannanayanaya Namah।

    जो खिले हुये कमलपुष्पों के समान प्रसन्न नेत्रों वाले हैं

  550. 550

    प्रणताज्ञानमोचन

    ॐ प्रणताज्ञानमोचनाय नमः।

    Om Pranatajnanamochanaya Namah।

    जो भक्त के समस्त अज्ञान का नाश करने वाले हैं

  551. 551

    प्रमाणप्रत्ययातीत

    ॐ प्रमाणप्रत्ययातीताय नमः।

    Om Pramanapratyayatitaya Namah।

    जो विभिन्न प्रमाणों की प्रतीति से परे नित्य ज्ञान स्वरूप हैं

  552. 552

    प्रणतार्तिनिवारण

    ॐ प्रणतार्तिनिवारणाय नमः।

    Om Pranatartinivaranaya Namah।

    जो भक्तों के कष्ट का निवारण करने वाले हैं

  553. 553

    फलहस्त

    ॐ फलहस्ताय नमः।

    Om Phalahastaya Namah।

    जो भक्तों को अविलम्ब फल प्रदान करने वाले हैं

  554. 554

    फणिपति

    ॐ फणिपतये नमः।

    Om Phanipataye Namah।

    जो शेष और वासुकि नाग के भी स्वामी हैं

  555. 555

    फेत्कार

    ॐ फेत्काराय नमः।

    Om Phetkaraya Namah।

    जो स्वयं तन्त्र स्वरूप हैं

  556. 556

    फाणितप्रिय

    ॐ फाणितप्रियाय नमः।

    Om Phanitapriyaya Namah।

    जो गन्ने के रस के प्रेमी हैं

  557. 557

    बाणार्चिताङ्घ्रियुगल

    ॐ बाणार्चिताङ्घ्रियुगलाय नमः।

    Om Banarchitanghriyugalaya Namah।

    जिनके चरण कमलों का पूजन बाणासुर करता है

  558. 558

    बालकेलिकुतूहली

    ॐ बालकेलिकुतूहलिने नमः।

    Om Balakelikutuhaline Namah।

    जो बाल क्रीडा का आनन्द लेने वाले हैं

  559. 559

    ब्रह्म

    ॐ ब्रह्मणे नमः।

    Om Brahmane Namah।

    जो स्वयं ब्रह्म स्वरूप हैं

  560. 560

    ब्रह्मार्चितपद

    ॐ ब्रह्मार्चितपदाय नमः।

    Om Brahmarchitapadaya Namah।

    जिनके चरण कमलों का पूजन ब्रह्मा जी करते हैं

  561. 561

    ब्रह्मचारी

    ॐ ब्रह्मचारिणे नमः।

    Om Brahmacharine Namah।

    जो ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करने वाले हैं

  562. 562

    बृहस्पति

    ॐ बृहस्पतये नमः।

    Om Brihaspataye Namah।

    जो स्वयं देवगुरु बृहस्पति स्वरूप हैं

  563. 563

    बृहत्तम

    ॐ बृहत्तमाय नमः।

    Om Brihattamaya Namah।

    जो अत्यधिक विशालकाय हैं

  564. 564

    ब्रह्मपर

    ॐ ब्रह्मपराय नमः।

    Om Brahmaparaya Namah।

    जो ब्रह्मा जी से भी श्रेष्ठ हैं

  565. 565

    ब्रह्मण्य

    ॐ ब्रह्मण्याय नमः।

    Om Brahmanyaya Namah।

    जो ब्राह्मणों पर श्रद्धा रखने वाले हैं

  566. 566

    ब्रह्मवित्प्रिय

    ॐ ब्रह्मवित्प्रियाय नमः।

    Om Brahmavitpriyaya Namah।

    जो विद्यार्थियों को प्रिय हैं

  567. 567

    बृहन्नादाग्र्यचीत्कार

    ॐ बृहन्नादाग्र्यचीत्काराय नमः।

    Om Brihannadagryachitkaraya Namah।

    जो मेघों से भी अधिक उच्चस्वर से गर्जना करने वाले हैं

  568. 568

    ब्रह्माण्डावलिमेखल

    ॐ ब्रह्माण्डावलिमेखलाय नमः।

    Om Brahmandavalimekhalaya Namah।

    जो ब्रह्माण्ड को अपनी कटिसूत्र के रूप में धारण करने वाले हैं

  569. 569

    भ्रूक्षेपदत्तलक्ष्मीक

    ॐ भ्रूक्षेपदत्तलक्ष्मीकाय नमः।

    Om Bhrukshepadattalakshmikaya Namah।

    जो पलक झपकते ही भक्तों पर धनवर्षा करने वाले हैं

  570. 570

    भर्ग

    ॐ भर्गाय नमः।

    Om Bhargaya Namah।

    जो सूर्य के समान तेज वाले हैं

  571. 571

    भद्र

    ॐ भद्राय नमः।

    Om Bhadraya Namah।

    जो सर्वोत्तम एवं सभ्य हैं

  572. 572

    भयापह

    ॐ भयापहाय नमः।

    Om Bhayapahaya Namah।

    जो भक्तों के ज्ञात-अज्ञात भय नष्ट करने वाले हैं

  573. 573

    भगवान्

    ॐ भगवते नमः।

    Om Bhagavate Namah।

    जो षड्विध ऐश्वर्य से सम्पन्न हैं

  574. 574

    भक्तिसुलभ

    ॐ भक्तिसुलभाय नमः।

    Om Bhaktisulabhaya Namah।

    जो भक्ति द्वारा सुगमता से प्राप्त किए जा सकते हैं

  575. 575

    भूतिद

    ॐ भूतिदाय नमः।

    Om Bhutidaya Namah।

    जो अष्ट सिद्धियों के दाता हैं

  576. 576

    भूतिभूषण

    ॐ भूतिभूषणाय नमः।

    Om Bhutibhushanaya Namah।

    जो भस्म धारण करने वाले हैं

  577. 577

    भव्य

    ॐ भव्याय नमः।

    Om Bhavyaya Namah।

    जो कल्याणस्वरूप हैं

  578. 578

    भूतालय

    ॐ भूतालयाय नमः।

    Om Bhutalayaya Namah।

    जो पञ्चभूत आदि समस्त भूत प्राणियों के आश्रय हैं

  579. 579

    भोगदाता

    ॐ भोगदात्रे नमः।

    Om Bhogadatre Namah।

    जो जीवों को कर्मानुसार फल प्रदान करने वाले हैं

  580. 580

    भ्रूमध्यगोचर

    ॐ भ्रूमध्यगोचराय नमः।

    Om Bhrumadhyagocharaya Namah।

    जो ध्यान काल में दोनों भौंहों के मध्य अनुभूत होने वाले हैं

  581. 581

    मन्त्र

    ॐ मन्त्राय नमः।

    Om Mantraya Namah।

    जो स्वयं मन्त्र स्वरूप हैं

  582. 582

    मन्त्रपति

    ॐ मन्त्रपतये नमः।

    Om Mantrapataye Namah।

    जो समस्त मन्त्रणाओं के अधिपति हैं

  583. 583

    मन्त्री

    ॐ मन्त्रिणे नमः।

    Om Mantrine Namah।

    जो राज्य सञ्चालन हेतु समस्त मन्त्रशक्ति के अधिष्ठाता हैं

  584. 584

    मदमत्तमनोरम

    ॐ मदमत्तमनोरमाय नमः।

    Om Madamattamanoramaya Namah।

    जो आनन्द-उत्साह में लीन हैं

  585. 585

    मेखलावान्

    ॐ मेखलावते नमः।

    Om Mekhalavate Namah।

    जो कमरबन्ध धारण करने वाले हैं

  586. 586

    मन्दगति

    ॐ मन्दगतये नमः।

    Om Mandagataye Namah।

    जो अल्प बुद्धियों के भी आश्रय दाता हैं

  587. 587

    मतिमत्कमलेक्षण

    ॐ मतिमत्कमलेक्षणाय नमः।

    Om Matimatkamalekshanaya Namah।

    जो सद्बुद्धि देने वाले हैं

  588. 588

    महाबल

    ॐ महाबलाय नमः।

    Om Mahabalaya Namah।

    जो अत्यन्त बलशाली हैं

  589. 589

    महावीर्य

    ॐ महावीर्याय नमः।

    Om Mahaviryaya Namah।

    जो महापराक्रमी एवं साहसी हैं

  590. 590

    महाप्राण

    ॐ महाप्राणाय नमः।

    Om Mahapranaya Namah।

    जो समस्त जीवात्माओं के प्राण हैं

  591. 591

    महामना

    ॐ महामनसे नमः।

    Om Mahamanase Namah।

    जो श्रेष्ठ विचारों वाले हैं

  592. 592

    यज्ञ

    ॐ यज्ञाय नमः।

    Om Yajnaya Namah।

    जो स्वयं यज्ञस्वरूप हैं

  593. 593

    यज्ञपति

    ॐ यज्ञपतये नमः।

    Om Yajnapataye Namah।

    जो यज्ञों के स्वामी हैं

  594. 594

    यज्ञगोप्ता

    ॐ यज्ञगोप्त्रे नमः।

    Om Yajnagoptre Namah।

    जो यज्ञों के रक्षक हैं

  595. 595

    यज्ञफलप्रद

    ॐ यज्ञफलप्रदाय नमः।

    Om Yajnaphalapradaya Namah।

    जो यज्ञों का फल प्रदान करने वाले हैं

  596. 596

    यशस्कर

    ॐ यशस्कराय नमः।

    Om Yashaskaraya Namah।

    जो यश एवं प्रसिद्धि प्रदान करने वाले हैं

  597. 597

    योगगम्य

    ॐ योगगम्याय नमः।

    Om Yogagamyaya Namah।

    जो योग द्वारा प्राप्त होने वाले हैं

  598. 598

    याज्ञिक

    ॐ याज्ञिकाय नमः।

    Om Yajnikaya Namah।

    जो यज्ञकर्ता हैं

  599. 599

    याजकप्रिय

    ॐ याजकप्रियाय नमः।

    Om Yajakapriyaya Namah।

    जो यज्ञ कराने वालों के प्रिय हैं

  600. 600

    रस

    ॐ रसाय नमः।

    Om Rasaya Namah।

    जो परम आनन्दस्वरूप हैं

  601. 601

    रसप्रिय

    ॐ रसप्रियाय नमः।

    Om Rasapriyaya Namah।

    जो मधुर आदि रसों में अधिक प्रीति रखने वाले हैं

  602. 602

    रस्य

    ॐ रस्याय नमः।

    Om Rasyaya Namah।

    जो आस्वाद के विषय हैं

  603. 603

    रञ्जक

    ॐ रञ्जकाय नमः।

    Om Ranjakaya Namah।

    जो हर्ष एवं आनन्द प्रदान करने वाले हैं

  604. 604

    रावणार्चित

    ॐ रावणार्चिताय नमः।

    Om Ravanarchitaya Namah।

    जो रावण द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  605. 605

    रक्षोरक्षाकर

    ॐ रक्षोरक्षाकराय नमः।

    Om Rakshorakshakaraya Namah।

    जो राक्षसों की जलाकर राख कर देने वाले हैं

  606. 606

    रत्नगर्भ

    ॐ रत्नगर्भाय नमः।

    Om Ratnagarbhaya Namah।

    जो पृथ्वी के आश्रय हैं

  607. 607

    राजसुखप्रद

    ॐ राजसुखप्रदाय नमः।

    Om Rajasukhapradaya Namah।

    जो राजसुख प्रदान करने वाले हैं

  608. 608

    लक्ष्य

    ॐ लक्ष्याय नमः।

    Om Lakshyaya Namah।

    जो समस्त प्राणियों के उद्देश्य हैं

  609. 609

    लक्ष्यप्रद

    ॐ लक्ष्यप्रदाय नमः।

    Om Lakshyapradaya Namah।

    जो सफलतापूर्वक लक्ष्य प्रदान करने वाले हैं

  610. 610

    लक्ष्य

    ॐ लक्ष्याय नमः।

    Om Lakshyaya Namah।

    जो स्वयं परम लक्ष्य हैं

  611. 611

    लयस्थ

    ॐ लयस्थाय नमः।

    Om Layasthaya Namah।

    जो प्रलय काल में भी विद्यमान रहने वाले हैं

  612. 612

    लड्डुकप्रिय

    ॐ लड्डुकप्रियाय नमः।

    Om Laddukapriyaya Namah।

    जो लड्डूओं से अत्यन्त प्रसन्न रहने वाले हैं

  613. 613

    लानप्रिय

    ॐ लानप्रियाय नमः।

    Om Lanapriyaya Namah।

    जो गजशाला में प्रीति रखने वाले हैं

  614. 614

    लास्यपर

    ॐ लास्यपराय नमः।

    Om Lasyaparaya Namah।

    जो विलास योग्य परम धाम वाले हैं

  615. 615

    लाभकृल्लोकविश्रुत

    ॐ लाभकृल्लोकविश्रुताय नमः।

    Om Labhakrillokavishrutaya Namah।

    जो भक्तों को शीघ्र वर प्रदान करने वाले हैं

  616. 616

    वरेण्य

    ॐ वरेण्याय नमः।

    Om Varenyaya Namah।

    जो गणपति भक्त राजा वरेण्य के समान हैं

  617. 617

    वह्निवदन

    ॐ वह्निवदनाय नमः।

    Om Vahnivadanaya Namah।

    जो अग्नि के समान तेज धारण करने वाले हैं

  618. 618

    वन्द्य

    ॐ वन्द्याय नमः।

    Om Vandyaya Namah।

    जो हम सभी के आराध्य हैं

  619. 619

    वेदान्तगोचर

    ॐ वेदान्तगोचराय नमः।

    Om Vedantagocharaya Namah।

    जो उपनिषदों के द्वारा जानने योग्य हैं

  620. 620

    विकर्ता

    ॐ विकर्त्रे नमः।

    Om Vikartre Namah।

    जो जन्म आदि छः भावविकारों के प्रवर्तक हैं

  621. 621

    विश्वतश्चक्षु

    ॐ विश्वतश्चक्षुषे नमः।

    Om Vishvatashchakshushe Namah।

    जो संसार को अपने नेत्रों के रूप में धारण करने वाले हैं

  622. 622

    विधाता

    ॐ विधात्रे नमः।

    Om Vidhatre Namah।

    जो सृष्टि की उत्पत्ति करने वाले हैं

  623. 623

    विश्वतोमुख

    ॐ विश्वतोमुखाय नमः।

    Om Vishvatomukhaya Namah।

    जो स्वयं ब्रह्मा स्वरूप में विराजमान हैं

  624. 624

    वामदेव

    ॐ वामदेवाय नमः।

    Om Vamadevaya Namah।

    जो स्वयं शिव स्वरूप हैं

  625. 625

    विश्वनेता

    ॐ विश्वनेत्रे नमः।

    Om Vishvanetre Namah।

    जो सम्पूर्ण विश्व का नेतृत्व करने वाले हैं

  626. 626

    वज्रिवज्रनिवारण

    ॐ वज्रिवज्रनिवारणाय नमः।

    Om Vajrivajranivaranaya Namah।

    जो इन्द्र के वज्र को स्तम्भित करने वाले हैं

  627. 627

    विश्वबन्धनविष्कम्भाधार

    ॐ विश्वबन्धनविष्कम्भाधाराय नमः।

    Om Vishvabandhanavishkambhadharaya Namah।

    जो सम्पूर्ण जगत की सृष्टि के आधार के आधार हैं

  628. 628

    विश्वेश्वरप्रभु

    ॐ विश्वेश्वरप्रभवे नमः।

    Om Vishveshvaraprabhave Namah।

    जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड और उनके स्वामियों के स्वामी हैं

  629. 629

    शब्दब्रह्म

    ॐ शब्दब्रह्मणे नमः।

    Om Shabdabrahmane Namah।

    जो परा नामक वाणी से अतीत नादरूपधारी हैं

  630. 630

    शमप्राप्य

    ॐ शमप्राप्याय नमः।

    Om Shamaprapyaya Namah।

    जो मन के निग्रह द्वारा प्राप्त किये जा सकते हैं

  631. 631

    शम्भुशक्तिगणेश्वर

    ॐ शम्भुशक्तिगणेश्वराय नमः।

    Om Shambhushaktiganeshvaraya Namah।

    जो शिव एवं शक्ति के गणों के स्वामी हैं

  632. 632

    शास्ता

    ॐ शास्त्रे नमः।

    Om Shastre Namah।

    जो शास्ता नामक देवता के स्वरूप हैं

  633. 633

    शिखाग्रनिलय

    ॐ शिखाग्रनिलयाय नमः।

    Om Shikhagranilayaya Namah।

    जो शिखा के अग्रभाग में वास करने वाले हैं

  634. 634

    शरण्य

    ॐ शरण्याय नमः।

    Om Sharanyaya Namah।

    जो हम सभी के रक्षक हैं

  635. 635

    शिखरीश्वर

    ॐ शिखरीश्वराय नमः।

    Om Shikharishvaraya Namah।

    जो हिमालय के समान हैं

  636. 636

    षड्ऋतुकुसुमस्रग्वी

    ॐ षड्ऋतुकुसुमस्रग्विणे नमः।

    Om Shadritukusumasragvine Namah।

    जो छहों ऋतुओं में खिलने वाले पुष्पों की मालाओं से सुशोभित हैं

  637. 637

    षडाधार

    ॐ षडाधाराय नमः।

    Om Shadadharaya Namah।

    जो छहों चक्रों के आधारभूत मूलाधार चक्र के समान हैं

  638. 638

    षडक्षर

    ॐ षडक्षराय नमः।

    Om Shadaksharaya Namah।

    जो छः अक्षरों वाले 'गणेशाय नमः' मन्त्र स्वरूप हैं

  639. 639

    संसारवैद्य

    ॐ संसारवैद्याय नमः।

    Om Samsaravaidyaya Namah।

    जो समस्त सृष्टि के चिकित्सक हैं

  640. 640

    सर्वज्ञ

    ॐ सर्वज्ञाय नमः।

    Om Sarvajnaya Namah।

    जो सब कुछ जानने वाले हैं

  641. 641

    सर्वभेषजभेषज

    ॐ सर्वभेषजभेषजाय नमः।

    Om Sarvabheshajabheshajaya Namah।

    जो समस्त औषधियों की औषधि हैं

  642. 642

    सृष्टिस्थितिलयक्रीड

    ॐ सृष्टिस्थितिलयक्रीडाय नमः।

    Om Srishtisthitilayakridaya Namah।

    जगत की सृष्टि, पालन तथा उसका संहार करना जिनकी लीलायें हैं

  643. 643

    सुरकुञ्जरभेदन

    ॐ सुरकुञ्जरभेदनाय नमः।

    Om Surakunjarabhedanaya Namah।

    जो दानवों से पूजित होकर देवताओं में भेद उत्पन्न करने वाले हैं

  644. 644

    सिन्दूरितमहाकुम्भ

    ॐ सिन्दूरितमहाकुम्भाय नमः।

    Om Sinduritamahakumbhaya Namah।

    जो विशाल मस्तक पर सिन्दूर धारण करने वाले हैं

  645. 645

    सदसद्व्यक्तिदायक

    ॐ सदसद्व्यक्तिदायकाय नमः।

    Om Sadasadvyaktidayakaya Namah।

    जो भक्तों को सद्बुद्धि प्रदान करने वाले हैं

  646. 646

    साक्षी

    ॐ साक्षिणे नमः।

    Om Sakshine Namah।

    जो सृष्टि की समस्त गतिविधियों के साक्षी हैं

  647. 647

    समुद्रमथन

    ॐ समुद्रमथनाय नमः।

    Om Samudramathanaya Namah।

    जो समुद्र मन्थन काल में देवताओं द्वारा सर्वप्रथम पूजित हैं

  648. 648

    स्वसंवेद्य

    ॐ स्वसंवेद्याय नमः।

    Om Svasamvedyaya Namah।

    जो स्वयं परम ज्योति स्वरूप हैं

  649. 649

    स्वदक्षिण

    ॐ स्वदक्षिणाय नमः।

    Om Svadakshinaya Namah।

    जो स्वयं सब कुछ करने में समर्थ हैं

  650. 650

    स्वतन्त्र

    ॐ स्वतन्त्राय नमः।

    Om Svatantraya Namah।

    जो स्वतन्त्र हैं

  651. 651

    सत्यसङ्कल्प

    ॐ सत्यसङ्कल्पाय नमः।

    Om Satyasankalpaya Namah।

    जो परम सत्य स्वरूप हैं

  652. 652

    सामगानरत

    ॐ सामगानरताय नमः।

    Om Samaganarataya Namah।

    जो सामगान में तल्लीन रहने वाले हैं

  653. 653

    सुखी

    ॐ सुखिने नमः।

    Om Sukhine Namah।

    जो परम सुखी हैं

  654. 654

    हंस

    ॐ हंसाय नमः।

    Om Hamsaya Namah।

    जो सूर्य के समान हैं

  655. 655

    हस्तिपिशाचीश

    ॐ हस्तिपिशाचीशाय नमः।

    Om Hastipishachishaya Namah।

    जो हस्तिपिशाचीश नामक नवाक्षर मन्त्र के देवता हैं

  656. 656

    हवन

    ॐ हवनाय नमः।

    Om Havanaya Namah।

    जो आहुतिस्वरूप हैं

  657. 657

    हव्यकव्यभुक्

    ॐ हव्यकव्यभुजे नमः।

    Om Havyakavyabhuje Namah।

    जो देवताओं और पितरों को दी जाने वाली आहुति ग्रहण करने वाले हैं

  658. 658

    हव्य

    ॐ हव्याय नमः।

    Om Havyaya Namah।

    जो हव्य अर्थात् यज्ञ की आहुति के समान हैं

  659. 659

    हुतप्रिय

    ॐ हुतप्रियाय नमः।

    Om Hutapriyaya Namah।

    जो यज्ञाहुति में दिये गये द्रव्य के प्रेमी हैं

  660. 660

    हर्ष

    ॐ हर्षाय नमः।

    Om Harshaya Namah।

    जो सदैव प्रसन्नचित्त रहने वाले हैं

  661. 661

    हृल्लेखामन्त्रमध्यग

    ॐ हृल्लेखामन्त्रमध्यगाय नमः।

    Om Hrillekhamantramadhyagaya Namah।

    जो हृल्लेखा बीज मन्त्र के अर्थात् ह्रीं के मध्य वास करने वाले हैं

  662. 662

    क्षेत्राधिप

    ॐ क्षेत्राधिपाय नमः।

    Om Kshetradhipaya Namah।

    जो प्रयाग आदि तीर्थक्षेत्रों के अथवा शरीर आदि के स्वामी हैं

  663. 663

    क्षमाभर्ता

    ॐ क्षमाभर्त्रे नमः।

    Om Kshamabhartre Namah।

    जो पृथ्वी के आधार हैं

  664. 664

    क्षमापरपरायण

    ॐ क्षमापरपरायणाय नमः।

    Om Kshamaparaparayanaya Namah।

    जो क्षमाशील मुनियों द्वारा प्राप्य हैं

  665. 665

    क्षिप्रक्षेमकर

    ॐ क्षिप्रक्षेमकराय नमः।

    Om Kshiprakshemakaraya Namah।

    जो तत्क्षण कल्याण करने वाले हैं

  666. 666

    क्षेमानन्द

    ॐ क्षेमानन्दाय नमः।

    Om Kshemanandaya Namah।

    जो मंगलकर एवं आनन्द स्वरूप हैं

  667. 667

    क्षोणीसुरद्रुम

    ॐ क्षोणीसुरद्रुमाय नमः।

    Om Kshonisuradrumaya Namah।

    जो पृथ्वी पर कल्पवृक्ष के समान समस्त मनोरथों को पूर्ण करने वाले हैं

  668. 668

    धर्मप्रद

    ॐ धर्मप्रदाय नमः।

    Om Dharmapradaya Namah।

    जो धर्म प्रदान करने वाले हैं

  669. 669

    अर्थद

    ॐ अर्थदाय नमः।

    Om Arthadaya Namah।

    जो धन-सम्पदा प्रदान करने वाले हैं

  670. 670

    कामदाता

    ॐ कामदात्रे नमः।

    Om Kamadatre Namah।

    जो समस्त इच्छाओं की पूर्ति करने वाले हैं

  671. 671

    सौभाग्यवर्धन

    ॐ सौभाग्यवर्धनाय नमः।

    Om Saubhagyavardhanaya Namah।

    जो स्त्रियों को सौभाग्य वृद्धि का वर देने वाले हैं

  672. 672

    विद्याप्रद

    ॐ विद्याप्रदाय नमः।

    Om Vidyapradaya Namah।

    जो विद्या प्रदान करने वाले हैं

  673. 673

    विभवद

    ॐ विभवदाय नमः।

    Om Vibhavadaya Namah।

    जो सम्पत्ति प्रदान करने वाले हैं

  674. 674

    भुक्तिमुक्तिफलप्रद

    ॐ भुक्तिमुक्तिफलप्रदाय नमः।

    Om Bhuktimuktiphalapradaya Namah।

    जो सांसारिक सुख एवं मोक्ष प्रदान करने वाले हैं

  675. 675

    आभिरूप्यकर

    ॐ आभिरूप्यकराय नमः।

    Om Abhirupyakaraya Namah।

    जो विद्वत्ता और सुन्दरता प्रदान करने वाले हैं

  676. 676

    वीरश्रीप्रद

    ॐ वीरश्रीप्रदाय नमः।

    Om Virashripradaya Namah।

    जो लक्ष्मी प्रदान करने वाले हैं

  677. 677

    विजयप्रद

    ॐ विजयप्रदाय नमः।

    Om Vijayapradaya Namah।

    जो विजय प्रदान करने वाले हैं

  678. 678

    सर्ववश्यकर

    ॐ सर्ववश्यकराय नमः।

    Om Sarvavashyakaraya Namah।

    जो सभी को भक्त के वश में कर देने वाले हैं

  679. 679

    गर्भदोषहा

    ॐ गर्भदोषघ्ने नमः।

    Om Garbhadoshaghne Namah।

    जो गर्भ की रक्षा अथवा गर्भपात आदि दोषों को दूर करने वाले हैं

  680. 680

    पुत्रपौत्रद

    ॐ पुत्रपौत्रदाय नमः।

    Om Putrapautradaya Namah।

    जो पुत्र और पौत्र प्रदान करने वाले हैं

  681. 681

    मेधाद

    ॐ मेधादाय नमः।

    Om Medhadaya Namah।

    जो विशिष्ट बुद्धि प्रदान करने वाले हैं

  682. 682

    कीर्तिद

    ॐ कीर्तिदाय नमः।

    Om Kirtidaya Namah।

    जो लोक में प्रसिद्धि प्रदान करने वाले हैं

  683. 683

    शोकहारी

    ॐ शोकहारिणे नमः।

    Om Shokaharine Namah।

    जो दुख का नाश करने वाले हैं

  684. 684

    दौर्भाग्यनाशन

    ॐ दौर्भाग्यनाशनाय नमः।

    Om Daurbhagyanashanaya Namah।

    जो स्त्रियों के विधवापन आदि दुर्भाग्यसूचक दोषों का नाश करने वाले हैं

  685. 685

    प्रतिवादिमुखस्तम्भ

    ॐ प्रतिवादिमुखस्तम्भाय नमः।

    Om Prativadimukhastambhaya Namah।

    जो शत्रुओं का दमन करने वाले हैं

  686. 686

    रुष्टचित्तप्रसादन

    ॐ रुष्टचित्तप्रसादनाय नमः।

    Om Rushtachittaprasadanaya Namah।

    जो क्रोधित राजा आदि को शान्त एवं प्रसन्न करने वाले हैं

  687. 687

    पराभिचारशमन

    ॐ पराभिचारशमनाय नमः।

    Om Parabhicharashamanaya Namah।

    जो दूसरों द्वारा किये गये मारण मोहन आदि उपायों को नष्ट करने वाले हैं

  688. 688

    दुःखभञ्जनकारक

    ॐ दुःखभञ्जनकारकाय नमः।

    Om Duhkhabhanjanakarakaya Namah।

    जो समस्त दुखों का नाश करने वाले हैं

  689. 689

    लव

    ॐ लवाय नमः।

    Om Lavaya Namah।

    जो अति सूक्ष्म हैं

  690. 690

    त्रुटि

    ॐ त्रुटये नमः।

    Om Trutaye Namah।

    जो काल गणना के अनुसार एक हजार लव के काल के समान हैं

  691. 691

    कला

    ॐ कलायै नमः।

    Om Kalayai Namah।

    जो काल गणना के अनुसार तीस काष्ठाओं के काल के समान हैं

  692. 692

    काष्ठा

    ॐ काष्ठायै नमः।

    Om Kashthayai Namah।

    जो काल गणना के अनुसार अठारह निमेष के समान समय वाले हैं

  693. 693

    निमेष

    ॐ निमेषाय नमः।

    Om Nimeshaya Namah।

    जो काल गणना के अनुसार तीस तत्पर काल के समान समय वाले हैं

  694. 694

    तत्पर

    ॐ तत्पराय नमः।

    Om Tatparaya Namah।

    जो काल गणना के अनुसार सौ त्रुटियों के समय के बराबर हैं

  695. 695

    क्षण

    ॐ क्षणाय नमः।

    Om Kshanaya Namah।

    जो काल गणनानुसार क्षण स्वरूप अर्थात् तीस कलाओं के समय के बराबर हैं

  696. 696

    घटी

    ॐ घट्यै नमः।

    Om Ghatyai Namah।

    जो काल गणनानुसार घटी स्वरूप अर्थात् छः क्षण के समान समय वाले हैं

  697. 697

    मुहूर्त

    ॐ मुहूर्ताय नमः।

    Om Muhurtaya Namah।

    जो काल गणनानुसार दो घटी के समान समय वाले हैं

  698. 698

    प्रहर

    ॐ प्रहराय नमः।

    Om Praharaya Namah।

    जो काल गणनानुसार चार मूहूर्त के समय के समान हैं

  699. 699

    दिवानक्त

    ॐ दिवानक्ताय नमः।

    Om Divanaktaya Namah।

    जो काल गणनानुसार रात्रि स्वरूप हैं

  700. 700

    अहर्निश

    ॐ अहर्निशाय नमः।

    Om Aharnishaya Namah।

    जो काल गणनानुसार दिन और रात के समय के समान समय वाले हैं

  701. 701

    पक्ष

    ॐ पक्षाय नमः।

    Om Pakshaya Namah।

    जो पन्द्रह दिन अर्थात् एक पक्ष स्वरूप हैं

  702. 702

    मास

    ॐ मासाय नमः।

    Om Masaya Namah।

    जो दो पक्ष अर्थात् एक माह स्वरूप हैं

  703. 703

    अयन

    ॐ अयनाय नमः।

    Om Ayanaya Namah।

    जो छः माह अर्थात् एक अयन स्वरूप हैं

  704. 704

    वर्ष

    ॐ वर्षाय नमः।

    Om Varshaya Namah।

    जो दो अयन (उत्तरायण और दक्षिणायन) अर्थात् वर्ष स्वरूप हैं

  705. 705

    युग

    ॐ युगाय नमः।

    Om Yugaya Namah।

    जो युग स्वरूप अर्थात् बारह हजार दिव्य वर्षों के समान हैं

  706. 706

    कल्प

    ॐ कल्पाय नमः।

    Om Kalpaya Namah।

    जो कल्प (ब्रह्मा जी का एक दिन) स्वरूप अर्थात् एक हजार चतुर्युग के समान हैं

  707. 707

    महालय

    ॐ महालयाय नमः।

    Om Mahalayaya Namah।

    जो बहत्तर हजार कल्प अर्थात् महाप्रलय (ब्रह्मा जी का भी जब लय हो जाता है) स्वरूप हैं

  708. 708

    राशि

    ॐ राशये नमः।

    Om Rashaye Namah।

    जो मेष आदि बारह राशिस्वरूप हैं

  709. 709

    तारा

    ॐ तारायै नमः।

    Om Tarayai Namah।

    जो कृत्तिका आदि नक्षत्रस्वरूप हैं

  710. 710

    तिथि

    ॐ तिथये नमः।

    Om Tithaye Namah।

    जो पंचाङ्ग में चन्द्रमा की पन्द्रह कलाओं में से एक तिथि स्वरूप हैं

  711. 711

    योग

    ॐ योगाय नमः।

    Om Yogaya Namah।

    जो पंचाङ्ग में अमृतसिद्धि एवं आनन्द आदि योग के रूप में विद्यमान हैं

  712. 712

    वार

    ॐ वाराय नमः।

    Om Varaya Namah।

    जो सप्ताह के सात वार के स्वरूप में विद्यमान हैं

  713. 713

    करण

    ॐ करणाय नमः।

    Om Karanaya Namah।

    जो पंचाङ्ग में बव आदि करण के रूप में विद्यमान हैं

  714. 714

    अंशक

    ॐ अंशकाय नमः।

    Om Amshakaya Namah।

    जो ज्योतिष में समस्त अंशों के रूप में रहने वाले हैं

  715. 715

    लग्न

    ॐ लग्नाय नमः।

    Om Lagnaya Namah।

    जो ज्योतिष में मेष आदि राशियों के उदय करने वाले लग्नस्वरूप हैं

  716. 716

    होरा

    ॐ होरायै नमः।

    Om Horayai Namah।

    जो ज्योतिष में होरा चक्र के रूप में विद्यमान रहने वाले हैं

  717. 717

    कालचक्र

    ॐ कालचक्राय नमः।

    Om Kalachakraya Namah।

    जो स्वयं काल के स्वरूप हैं

  718. 718

    मेरु

    ॐ मेरवे नमः।

    Om Merave Namah।

    जो मेरु के पर्वत रूप में विद्यमान हैं

  719. 719

    सप्तर्षि

    ॐ सप्तर्षिभ्यो नमः।

    Om Saptarshibhyo Namah।

    जो कश्यप आदि सप्तऋषि स्वरूप हैं

  720. 720

    ध्रुव

    ॐ ध्रुवाय नमः।

    Om Dhruvaya Namah।

    जो उत्तानपाद के पुत्रस्वरूप हैं

  721. 721

    राहु

    ॐ राहवे नमः।

    Om Rahave Namah।

    जो राहु ग्रह स्वरूप हैं

  722. 722

    मन्द

    ॐ मन्दाय नमः।

    Om Mandaya Namah।

    जो शनि ग्रह स्वरूप हैं

  723. 723

    कवि

    ॐ कवये नमः।

    Om Kavaye Namah।

    जो शुक्र ग्रह स्वरूप हैं

  724. 724

    जीव

    ॐ जीवाय नमः।

    Om Jivaya Namah।

    जो बृहस्पति ग्रह स्वरूप हैं

  725. 725

    बुध

    ॐ बुधाय नमः।

    Om Budhaya Namah।

    जो बुध ग्रह स्वरूप हैं

  726. 726

    भौम

    ॐ भौमाय नमः।

    Om Bhaumaya Namah।

    जो मङ्गल ग्रह स्वरूप हैं

  727. 727

    शशी

    ॐ शशिने नमः।

    Om Shashine Namah।

    जो चन्द्र ग्रह स्वरूप हैं

  728. 728

    रवि

    ॐ रवये नमः।

    Om Ravaye Namah।

    जो सूर्य ग्रह स्वरूप हैं

  729. 729

    काल

    ॐ कालाय नमः।

    Om Kalaya Namah।

    जो जगत का संहार करने वाले हैं

  730. 730

    सृष्टि

    ॐ सृष्टये नमः।

    Om Srishtaye Namah।

    जो सृष्टि की रचना करने वाले हैं

  731. 731

    स्थिति

    ॐ स्थितये नमः।

    Om Sthitaye Namah।

    जो सृष्टि का पालन करने वाले हैं

  732. 732

    विश्व स्थावर जङ्गम

    ॐ विश्वस्मै स्थावराय जङ्गमाय नमः।

    Om Vishvasmai Sthavaraya Jangamaya Namah।

    जो चराचर जगत स्वरूप हैं

  733. 733

    भू

    ॐ भुवे नमः।

    Om Bhuve Namah।

    जो पृथ्वी स्वरूप हैं

  734. 734

    आप

    ॐ अद्भ्यो नमः।

    Om Adbhyo Namah।

    जो जल स्वरूप हैं

  735. 735

    अग्नि

    ॐ अग्नये नमः।

    Om Agnaye Namah।

    जो अग्नि स्वरूप हैं

  736. 736

    मरुत्

    ॐ मरुते नमः।

    Om Marute Namah।

    जो वायु स्वरूप हैं

  737. 737

    व्योम

    ॐ व्योम्ने नमः।

    Om Vyomne Namah।

    जो आकाश स्वरूप हैं

  738. 738

    अहङ्कृति

    ॐ अहंकृतये नमः।

    Om Ahamkritaye Namah।

    जो अहंकार स्वरूप हैं

  739. 739

    प्रकृति

    ॐ प्रकृतये नमः।

    Om Prakritaye Namah।

    जो जगत के मूल कारण प्रकृति स्वरूप हैं

  740. 740

    पुमान्

    ॐ पुंसे नमः।

    Om Pumse Namah।

    जो पुरुष स्वरूप हैं

  741. 741

    ब्रह्मा

    ॐ ब्रह्मणे नमः।

    Om Brahmane Namah।

    जो ब्रह्मा स्वरूप अर्थात् सृष्टि के सृजनकर्ता हैं

  742. 742

    विष्णु

    ॐ विष्णवे नमः।

    Om Vishnave Namah।

    जो विष्णु स्वरूप अर्थात् सृष्टि के पालनकर्ता हैं

  743. 743

    शिव

    ॐ शिवाय नमः।

    Om Shivaya Namah।

    जो शिव स्वरूप अर्थात् सृष्टि के संहारकर्ता हैं

  744. 744

    रुद्र

    ॐ रुद्राय नमः।

    Om Rudraya Namah।

    जो रुद्र स्वरूप हैं

  745. 745

    ईश

    ॐ ईशाय नमः।

    Om Ishaya Namah।

    जो ईश्वर स्वरूप हैं

  746. 746

    शक्ति

    ॐ शक्तये नमः।

    Om Shaktaye Namah।

    जो शक्ति स्वरूप हैं

  747. 747

    सदाशिव

    ॐ सदाशिवाय नमः।

    Om Sadashivaya Namah।

    जो सदैव कल्याण करने वाले हैं

  748. 748

    त्रिदश

    ॐ त्रिदशेभ्यो नमः।

    Om Tridashebhyo Namah।

    जो देवगणों के समान हैं

  749. 749

    पितृ

    ॐ पितृभ्यो नमः।

    Om Pitribhyo Namah।

    जो पितरों के समान हैं

  750. 750

    सिद्ध

    ॐ सिद्धेभ्यो नमः।

    Om Siddhebhyo Namah।

    जो समस्त सिद्धियों के समान हैं

  751. 751

    यक्ष

    ॐ यक्षेभ्यो नमः।

    Om Yakshebhyo Namah।

    जो यक्षगणों के समान हैं

  752. 752

    रक्ष

    ॐ रक्षोभ्यो नमः।

    Om Rakshobhyo Namah।

    जो राक्षसगणों के समान हैं

  753. 753

    किन्नर

    ॐ किन्नरेभ्यो नमः।

    Om Kinnarebhyo Namah।

    जो किन्नरवर्ग के समान हैं

  754. 754

    साध्य

    ॐ साध्येभ्यो नमः।

    Om Sadhyebhyo Namah।

    जो साधकजनों के समान हैं

  755. 755

    विद्याधर

    ॐ विद्याधरेभ्यो नमः।

    Om Vidyadharebhyo Namah।

    जो विद्याधारण करने वाले गणों के समान हैं

  756. 756

    भूत

    ॐ भूतेभ्यो नमः।

    Om Bhutebhyo Namah।

    जो स्वयं भूतगणों के रूप में हैं

  757. 757

    मनुष्य

    ॐ मनुष्येभ्यो नमः।

    Om Manushyebhyo Namah।

    जो मनुष्यगणों के रूप में हैं

  758. 758

    पशु

    ॐ पशुभ्यो नमः।

    Om Pashubhyo Namah।

    जो पशुगणों के समान हैं

  759. 759

    खग

    ॐ खगेभ्यो नमः।

    Om Khagebhyo Namah।

    जो पक्षिगण स्वरूप हैं

  760. 760

    समुद्र

    ॐ समुद्रेभ्यो नमः।

    Om Samudrebhyo Namah।

    जो विभिन्न समुद्रों के रूप में विद्यमान हैं

  761. 761

    सरित्

    ॐ सरिद्भ्यो नमः।

    Om Saridbhyo Namah।

    जो नदियों के रूप में प्रवाहित होते हैं

  762. 762

    शैल

    ॐ शैलेभ्यो नमः।

    Om Shailebhyo Namah।

    जो पर्वतों के रूप में विद्यमान हैं

  763. 763

    भूत

    ॐ भूताय नमः।

    Om Bhutaya Namah।

    जो भूतकाल स्वरूप हैं

  764. 764

    भव्य

    ॐ भव्याय नमः।

    Om Bhavyaya Namah।

    जो भविष्यकाल स्वरूप हैं

  765. 765

    भवोद्भव

    ॐ भवोद्भवाय नमः।

    Om Bhavodbhavaya Namah।

    जो जगत की उत्पत्ति के कारण हैं

  766. 766

    साङ्ख्य

    ॐ साङ्ख्याय नमः।

    Om Sankhyaya Namah।

    जो कपिल मुनि प्रणीत साङ्ख्य दर्शन स्वरूप हैं

  767. 767

    पातञ्जल

    ॐ पातञ्जलाय नमः।

    Om Patanjalaya Namah।

    जो पतञ्जलि मुनि प्रणीत योगसूत्र रूप में विद्यमान हैं

  768. 768

    योग

    ॐ योगाय नमः।

    Om Yogaya Namah।

    जो नागराज शेष द्वारा प्रतिपादित योग रूप हैं

  769. 769

    पुराण

    ॐ पुराणेभ्यो नमः।

    Om Puranebhyo Namah।

    जो समस्त पुराणों के रूप में हैं

  770. 770

    श्रुति

    ॐ श्रुत्यै नमः।

    Om Shrutyai Namah।

    जो स्वयं वेदस्वरूप हैं

  771. 771

    स्मृति

    ॐ स्मृत्यै नमः।

    Om Smrityai Namah।

    जो मनुस्मृति आदि धर्मशास्त्र स्वरूप हैं

  772. 772

    वेदाङ्ग

    ॐ वेदाङ्गेभ्यो नमः।

    Om Vedangebhyo Namah।

    जो छः वेदाङ्गों के रूप में विराजमान हैं

  773. 773

    सदाचार

    ॐ सदाचाराय नमः।

    Om Sadacharaya Namah।

    जो सदाचार संग्रहात्मक ग्रन्थ स्वरूप हैं

  774. 774

    मीमांसा

    ॐ मीमांसायै नमः।

    Om Mimamsayai Namah।

    जो जैमिनि मुनि प्रणीत मीमांसा दर्शन के रूप में अवस्थित हैं

  775. 775

    न्यायविस्तर

    ॐ न्यायविस्तराय नमः।

    Om Nyayavistaraya Namah।

    जो गौतम मुनि द्वारा वर्णित न्याय दर्शन स्वरूप हैं

  776. 776

    आयुर्वेद

    ॐ आयुर्वेदाय नमः।

    Om Ayurvedaya Namah।

    जो आयुर्वेद के रूप में विद्यमान हैं

  777. 777

    धनुर्वेद

    ॐ धनुर्वेदाय नमः।

    Om Dhanurvedaya Namah।

    जो स्वयं अस्त्रविद्या अर्थात् धनुर्वेद के रूप में विराजमान हैं

  778. 778

    गान्धर्व

    ॐ गान्धर्वाय नमः।

    Om Gandharvaya Namah।

    जो संगीत शास्त्र अर्थात् गन्धर्व वेद स्वरूप हैं

  779. 779

    काव्यनाटक

    ॐ काव्यनाटकाय नमः।

    Om Kavyanatakaya Namah।

    जो साहित्य शास्त्र में वर्णित काव्य एवं नाटक के रूप में विद्यमान हैं

  780. 780

    वैखानस

    ॐ वैखानसाय नमः।

    Om Vaikhanasaya Namah।

    जो भगवान विष्णु द्वारा कथित वैखानस तन्त्र स्वरूप हैं

  781. 781

    भागवत

    ॐ भागवताय नमः।

    Om Bhagavataya Namah।

    जो स्वयं वैष्णवशास्त्र अर्थात् भागवत स्वरूप में अवस्थित हैं

  782. 782

    सात्वत

    ॐ सात्वताय नमः।

    Om Satvataya Namah।

    जो सात्वत तन्त्र स्वरूप हैं

  783. 783

    पाञ्चरात्रक

    ॐ पाञ्चरात्रकाय नमः।

    Om Pancharatrakaya Namah।

    जो पाञ्चरात्र आगम स्वरूप अर्थात् चारों वैष्णव तन्त्र स्वरूप हैं

  784. 784

    शैव

    ॐ शैवाय नमः।

    Om Shaivaya Namah।

    जो शैव तन्त्र हैं

  785. 785

    पाशुपत

    ॐ पाशुपताय नमः।

    Om Pashupataya Namah।

    जो पाशुपत शास्त्र हैं

  786. 786

    कालामुख

    ॐ कालामुखाय नमः।

    Om Kalamukhaya Namah।

    जो कालामुख नामक प्रसिद्ध तन्त्र अथवा सम्प्रदाय के स्वरूप हैं

  787. 787

    भैरवशासन

    ॐ भैरवशासनाय नमः।

    Om Bhairavashasanaya Namah।

    जो भैरव कथित चारों शैव तन्त्र के रूप में विद्यमान हैं

  788. 788

    शाक्त

    ॐ शाक्ताय नमः।

    Om Shaktaya Namah।

    जो शक्तितन्त्र हैं

  789. 789

    वैनायक

    ॐ वैनायकाय नमः।

    Om Vainayakaya Namah।

    जो विनायकतन्त्र स्वरूप हैं

  790. 790

    सौर

    ॐ सौराय नमः।

    Om Sauraya Namah।

    जो भगवान सूर्य द्वारा कथित तन्त्र स्वरूप हैं

  791. 791

    जैन

    ॐ जैनाय नमः।

    Om Jainaya Namah।

    जो स्वयं जैन शास्त्र के रूप में विद्यमान हैं

  792. 792

    आर्हतसंहिता

    ॐ आर्हतसंहितायै नमः।

    Om Arhatasamhitayai Namah।

    जो आर्हतशास्त्र अर्थात् जैन धर्म के विशिष्ट ग्रन्थ के रूप में अवस्थित हैं

  793. 793

    सत्

    ॐ सते नमः।

    Om Sate Namah।

    जो सभी के कारण के रूप में स्थित हैं

  794. 794

    असत्

    ॐ असते नमः।

    Om Asate Namah।

    जो सभी के कार्य के रूप में विद्यमान हैं

  795. 795

    व्यक्त

    ॐ व्यक्ताय नमः।

    Om Vyaktaya Namah।

    जो कार्य रूप में व्यक्त अर्थात् प्रत्यक्ष हैं

  796. 796

    अव्यक्त

    ॐ अव्यक्ताय नमः।

    Om Avyaktaya Namah।

    जो कार्य के कारण रूप में अर्थात् अप्रत्यक्ष हैं

  797. 797

    सचेतन

    ॐ सचेतनाय नमः।

    Om Sachetanaya Namah।

    जो सजीव अर्थात् चेतना से युक्त हैं

  798. 798

    अचेतन

    ॐ अचेतनाय नमः।

    Om Achetanaya Namah।

    जो निर्जीव अर्थात् चेतना से रहित हैं

  799. 799

    बन्ध

    ॐ बन्धाय नमः।

    Om Bandhaya Namah।

    जो स्वयं भ्रमरूपी बन्धन हैं

  800. 800

    मोक्ष

    ॐ मोक्षाय नमः।

    Om Mokshaya Namah।

    जो मोक्षस्वरूप हैं

  801. 801

    सुख

    ॐ सुखाय नमः।

    Om Sukhaya Namah।

    जो विशुद्ध आनन्द स्वरूप हैं

  802. 802

    भोग

    ॐ भोगाय नमः।

    Om Bhogaya Namah।

    जो अनुभव योग्य हैं

  803. 803

    अयोग

    ॐ अयोगाय नमः।

    Om Ayogaya Namah।

    जो आसक्ति रहित हैं

  804. 804

    सत्य

    ॐ सत्याय नमः।

    Om Satyaya Namah।

    जिनका तीनों कालों में निर्बाध रूप से संचार हैं

  805. 805

    अणु

    ॐ अणवे नमः।

    Om Anave Namah।

    जो मन आदि इन्द्रियों के अगोचर हैं

  806. 806

    महान्

    ॐ महते नमः।

    Om Mahate Namah।

    जो परम आनन्द स्वरूप हैं

  807. 807

    स्वस्ति

    ॐ स्वस्तये नमः।

    Om Svastaye Namah।

    जो कल्याण स्वरूप अथवा सत्ताधारी हैं

  808. 808

    हुं

    ॐ हुं नमः।

    Om Hum Namah।

    जो हुं बीज मन्त्र में विद्यमान हैं

  809. 809

    फट्

    ॐ फट् नमः।

    Om Phat Namah।

    जो बीज मन्त्र स्वरूप हैं

  810. 810

    स्वधा

    ॐ स्वधा नमः।

    Om Svadha Namah।

    जो सर्वशक्तिशाली मन्त्र अथवा श्राद्ध कर्म स्वरूप हैं

  811. 811

    स्वाहा

    ॐ स्वाहा नमः।

    Om Svaha Namah।

    जो यज्ञ कर्म स्वरूप हैं

  812. 812

    श्रौषट्

    ॐ श्रौषट् नमः।

    Om Shraushat Namah।

    जो श्रौषट् मन्त्र स्वरूप हैं

  813. 813

    वौषट्

    ॐ वौषट् नमः।

    Om Vaushat Namah।

    जो वौषट् मन्त्र स्वरूप हैं

  814. 814

    वषण्णमः

    ॐ वषट् नमः।

    Om Vashat Namah।

    जो वषट् मन्त्र स्वरूप हैं

  815. 815

    नमो नमः

    ॐ नमो नमः।

    Om Namo Namah।

    जो अभिवादन स्वरूप हैं

  816. 816

    ज्ञान

    ॐ ज्ञानाय नमः।

    Om Jnanaya Namah।

    जो मोक्षविषयक ज्ञानस्वरूप हैं

  817. 817

    विज्ञान

    ॐ विज्ञानाय नमः।

    Om Vijnanaya Namah।

    जो विज्ञान स्वरूप में विद्यमान हैं

  818. 818

    आनन्द

    ॐ आनन्दाय नमः।

    Om Anandaya Namah।

    जो आत्मानन्द स्वरूप हैं

  819. 819

    बोध

    ॐ बोधाय नमः।

    Om Bodhaya Namah।

    जो अन्तर्बोध स्वरूप अर्थात् अन्तरिन्द्रिय द्वारा जानने योग्य हैं

  820. 820

    संविद

    ॐ संविदे नमः।

    Om Samvide Namah।

    जो बाह्य वृत्तियों द्वारा दुष्प्राप्य हैं

  821. 821

    शम

    ॐ शमाय नमः।

    Om Shamaya Namah।

    जो मन के निग्रह स्वरूप हैं

  822. 822

    यम

    ॐ यमाय नमः।

    Om Yamaya Namah।

    जो इन्द्रियों पर संयम रखने वाले हैं

  823. 823

    एक

    ॐ एकस्मै नमः।

    Om Ekasmai Namah।

    जो एकमात्र अद्वितीय ब्रह्म हैं

  824. 824

    एकाक्षराधार

    ॐ एकाक्षराधाराय नमः।

    Om Ekaksharadharaya Namah।

    जो एकाक्षर गं बीजमात्र में स्थित रहने वाले हैं

  825. 825

    एकाक्षरपरायण

    ॐ एकाक्षरपरायणाय नमः।

    Om Ekaksharaparayanaya Namah।

    जो ॐ एकाक्षर में स्थित रहने वाले हैं

  826. 826

    एकाग्रधी

    ॐ एकाग्रधिये नमः।

    Om Ekagradhiye Namah।

    जो अत्यन्त एकाग्र रहने वाले हैं

  827. 827

    एकवीर

    ॐ एकवीराय नमः।

    Om Ekaviraya Namah।

    जो सर्वशक्तिमान एकमात्र वीर स्वरूप हैं

  828. 828

    एकानेकस्वरूपधृश्

    ॐ एकानेकस्वरूपधृषे नमः।

    Om Ekanekasvarupadhrishe Namah।

    जो एक होते हुए भी अनेक रूपों को धारण करने वाले हैं

  829. 829

    द्विरूप

    ॐ द्विरूपाय नमः।

    Om Dvirupaya Namah।

    जो सगुण और निर्गुण दोनों रूपों में स्थित हैं

  830. 830

    द्विभुज

    ॐ द्विभुजाय नमः।

    Om Dvibhujaya Namah।

    जो दो भुजाओं वाले हैं

  831. 831

    द्व्यक्ष

    ॐ द्व्यक्षाय नमः।

    Om Dvyakshaya Namah।

    जो दो नेत्रों वाले हैं

  832. 832

    द्विरद

    ॐ द्विरदाय नमः।

    Om Dviradaya Namah।

    जो तो दाँत वाले अर्थात् गज के रूप में रहने वाले हैं

  833. 833

    द्वीपरक्षक

    ॐ द्वीपरक्षकाय नमः।

    Om Dviparakshakaya Namah।

    जो सातों द्वीपों के रक्षक हैं

  834. 834

    द्वैमातुर

    ॐ द्वैमातुराय नमः।

    Om Dvaimaturaya Namah।

    जो माता उमा और गङ्गा के पुत्र हैं

  835. 835

    द्विवदन

    ॐ द्विवदनाय नमः।

    Om Dvivadanaya Namah।

    जो दो मुख अर्थात् अग्निमुख और गजमुख वाले हैं

  836. 836

    द्वन्द्वातीत

    ॐ द्वन्द्वातीताय नमः।

    Om Dvandvatitaya Namah।

    जो शीत उष्ण आदि द्वन्द दुःखों से रहित हैं

  837. 837

    द्व्यातिग

    ॐ द्वयातिगाय नमः।

    Om Dvayatigaya Namah।

    जो रजोगुण और तमोगुण से परे हैं

  838. 838

    त्रिधामा

    ॐ त्रिधाम्ने नमः।

    Om Tridhamne Namah।

    जो सूर्य, चन्द्र और अग्नि इन तीनों तेजों से युक्त हैं

  839. 839

    त्रिकर

    ॐ त्रिकराय नमः।

    Om Trikaraya Namah।

    जो तीनों लोकों के कर्ता हैं

  840. 840

    त्रेतात्रिवर्गफलदायक

    ॐ त्रेतात्रिवर्गफलदायकाय नमः।

    Om Tretatrivargaphaladayakaya Namah।

    जो धर्म, अर्थ और काम रूपी फल प्रदान करने वाले हैं

  841. 841

    त्रिगुणात्मा

    ॐ त्रिगुणात्मने नमः।

    Om Trigunatmane Namah।

    जो सत्त्व, रज और तम तीनों गुणों से युक्त प्रकृति के आधार हैं

  842. 842

    त्रिलोकादि

    ॐ त्रिलोकादये नमः।

    Om Trilokadaye Namah।

    जो तीनों लोकों के आदि कारण हैं

  843. 843

    त्रिशक्तीश

    ॐ त्रिशक्तीशाय नमः।

    Om Trishaktishaya Namah।

    जो प्रभुशक्ति, उत्साहशक्ति और मन्त्रशक्ति नामक त्रिशक्तियों के स्वामी हैं

  844. 844

    त्रिलोचन

    ॐ त्रिलोचनाय नमः।

    Om Trilochanaya Namah।

    जो तीन नेत्र वाले हैं

  845. 845

    चतुर्बाहु

    ॐ चतुर्बाहवे नमः।

    Om Chaturbahave Namah।

    जो चार भुजाओं वाले हैं

  846. 846

    चतुर्दन्त

    ॐ चतुर्दन्ताय नमः।

    Om Chaturdantaya Namah।

    जो चार दातों वाले हैं

  847. 847

    चतुरात्मा

    ॐ चतुरात्मने नमः।

    Om Chaturatmane Namah।

    जो आत्मा, अन्तरात्मा, ज्ञानात्मा और परमात्मा नामक चार आत्माओं वाले हैं

  848. 848

    चतुर्मुख

    ॐ चतुर्मुखाय नमः।

    Om Chaturmukhaya Namah।

    जो चार मुख वाले हैं

  849. 849

    चतुर्विधोपायमय

    ॐ चतुर्विधोपायमयाय नमः।

    Om Chaturvidhopayamayaya Namah।

    जो साम, दाम, दण्ड, भेद चार उपायों से उत्पन्न फल के साधक हैं

  850. 850

    चतुर्वर्णाश्रमाश्रय

    ॐ चतुर्वर्णाश्रमाश्रयाय नमः।

    Om Chaturvarnashramashrayaya Namah।

    जो चारों वर्णों और चारों आश्रमों के आधार हैं

  851. 851

    चतुर्विधवचोवृत्तिपरिवृत्तिप्रवर्तक

    ॐ चतुर्विधवचोवृत्तिपरिवृत्तिप्रवर्तकाय नमः।

    Om Chaturvidhavachovrittiparivrittipravartakaya Namah।

    जो चार प्रकार की वाणी (परा, पश्यन्ति, मध्यमा, बैखरी) के अधिपति हैं

  852. 852

    चतुर्थीपूजनप्रीत

    ॐ चतुर्थीपूजनप्रीताय नमः।

    Om Chaturthipujanapritaya Namah।

    जो चतुर्थी पर पूजन से प्रसन्न होने वाले हैं

  853. 853

    चतुर्थीतिथिसम्भव

    ॐ चतुर्थीतिथिसम्भवाय नमः।

    Om Chaturthitithisambhavaya Namah।

    जो चतुर्थी तिथि पर प्रकट होने वाले हैं

  854. 854

    पञ्चाक्षरात्मा

    ॐ पञ्चाक्षरात्मने नमः।

    Om Panchaksharatmane Namah।

    जो अकार, उकार, मकार, नाद और बिन्दु (पञ्चाक्षर ॐ) में निवास करने वाले हैं

  855. 855

    पञ्चात्मा

    ॐ पञ्चात्मने नमः।

    Om Panchatmane Namah।

    जो पञ्चात्मा ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र, ईश्वर और सदाशिव इन पाँच विग्रहों से युक्त हैं

  856. 856

    पञ्चास्य

    ॐ पञ्चास्याय नमः।

    Om Panchasyaya Namah।

    जो पाँच मुख वाले हैं

  857. 857

    पञ्चकृत्यकृत्

    ॐ पञ्चकृत्यकृते नमः।

    Om Panchakrityakrite Namah।

    जो सृष्टि, पालन, संहार, तिरोभाव और अनुग्रह करने वाले हैं

  858. 858

    पञ्चाधार

    ॐ पञ्चाधाराय नमः।

    Om Panchadharaya Namah।

    जो प्रकृति के पञ्चतत्वों को धारण करने वाले हैं

  859. 859

    पञ्चवर्ण

    ॐ पञ्चवर्णाय नमः।

    Om Panchavarnaya Namah।

    जो पाँच वर्ण वाले हैं

  860. 860

    पञ्चाक्षरपरायण

    ॐ पञ्चाक्षरपरायणाय नमः।

    Om Panchaksharaparayanaya Namah।

    जो नित्य शिव पञ्चाक्षर मन्त्र (नमः शिवाय) का जाप करने वाले हैं

  861. 861

    पञ्चताल

    ॐ पञ्चतालाय नमः।

    Om Panchatalaya Namah।

    जो पाँच ताल के बराबर शरीरवाले अर्थात् वामनरूपी हैं

  862. 862

    पञ्चकर

    ॐ पञ्चकराय नमः।

    Om Panchakaraya Namah।

    जो पाँच हाथों वाले होने के कारण पञ्चकर कहे जाने जाने वाले हैं

  863. 863

    पञ्चप्रणवभावित

    ॐ पञ्चप्रणवभाविताय नमः।

    Om Panchapranavabhavitaya Namah।

    जिन्हें पञ्च प्रणव द्वारा अनुभव किया जा सकता है

  864. 864

    पञ्चब्रह्ममयस्फूर्ति

    ॐ पञ्चब्रह्ममयस्फूर्तये नमः।

    Om Panchabrahmamayasphurtaye Namah।

    जो सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष और ईश्वर इन पाँच ब्रह्मस्वरूपों की शक्ति से युक्त हैं

  865. 865

    पञ्चावरणवारित

    ॐ पञ्चावरणवारिताय नमः।

    Om Panchavaranavaritaya Namah।

    जो अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनन्दमय इन पाँच कोषों से युक्त हैं

  866. 866

    पञ्चभक्ष्यप्रिय

    ॐ पञ्चभक्ष्यप्रियाय नमः।

    Om Panchabhakshyapriyaya Namah।

    जो पाँच प्रकार के भक्ष्य पदार्थों के प्रेमी हैं

  867. 867

    पञ्चबाण

    ॐ पञ्चबाणाय नमः।

    Om Panchabanaya Namah।

    जो कामेश्वरी उमा और कामेश्वर शिव के पाँच बीजों से युक्त हैं

  868. 868

    पञ्चशिवात्मक

    ॐ पञ्चशिवात्मकाय नमः।

    Om Panchashivatmakaya Namah।

    जो शिव के पाँच रूपों में स्थित रहने वाले हैं

  869. 869

    षट्कोणपीठ

    ॐ षट्कोणपीठाय नमः।

    Om Shatkonapithaya Namah।

    जो षट्भुज आसन पर विराजमान होने वाले हैं

  870. 870

    षट्चक्रधामा

    ॐ षट्चक्रधाम्ने नमः।

    Om Shatchakradhamne Namah।

    जो मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूर, अनाहत, विशुद्धि एवं आज्ञा इन छः चक्रों में रहने वाले हैं

  871. 871

    षड्ग्रन्थिभेदक

    ॐ षड्ग्रन्थिभेदकाय नमः।

    Om Shadgranthibhedakaya Namah।

    जो छः प्रकार की ग्रन्थियों को भेदकर मुक्ति प्रदान करने वाले हैं

  872. 872

    षडध्वध्वान्तविध्वंसी

    ॐ षडध्वध्वान्तविध्वंसिने नमः।

    Om Shadadhvadhvantavidhvamsine Namah।

    जो छः प्रकार के अंधकारों को नष्ट करने वाले हैं

  873. 873

    षडङ्गुलमहाह्रद

    ॐ षडङ्गुलमहाह्रदाय नमः।

    Om Shadangulamahahradaya Namah।

    जो छः अंगुल गहरे नाभि वाले हैं

  874. 874

    षण्मुख

    ॐ षण्मुखाय नमः।

    Om Shanmukhaya Namah।

    जो छः शास्त्रों को मुख में धारण करने वाले हैं

  875. 875

    षण्मुखभ्राता

    ॐ षण्मुखभ्रात्रे नमः।

    Om Shanmukhabhratre Namah।

    जो छः मुख वाले कार्तिकेय के भ्राता हैं

  876. 876

    षट्शक्तिपरिवारित

    ॐ षट्शक्तिपरिवारिताय नमः।

    Om Shatshaktiparivaritaya Namah।

    जो छः प्रकार की शक्तियों से घिरे हुये हैं

  877. 877

    षड्वैरिवर्गविध्वंसी

    ॐ षड्वैरिवर्गविध्वंसिने नमः।

    Om Shadvairivargavidhvamsine Namah।

    जो काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर इन छः शत्रुओं का नाश करने वाले हैं

  878. 878

    षडूर्मिभयभञ्जन

    ॐ षडूर्मिभयभञ्जनाय नमः।

    Om Shadurmibhayabhanjanaya Namah।

    जो भूख, प्यास, शोक, मोह, जरा और मृत्यु इन छः ऊर्मियों के भय का निवारण करने वाले हैं

  879. 879

    षट्तर्कदूर

    ॐ षट्तर्कदूराय नमः।

    Om Shattarkaduraya Namah।

    जो छः शास्त्रों के परे हैं

  880. 880

    षट्कर्मनिरत

    ॐ षट्कर्मनिरताय नमः।

    Om Shatkarmanirataya Namah।

    जो षट्कर्म (यजन ,याजन, अध्ययन, अध्यापन, दान, प्रतिग्रह) में लीन हैं

  881. 881

    षड्रसाश्रय

    ॐ षड्रसाश्रयाय नमः।

    Om Shadrasashrayaya Namah।

    जो छः रस (मधुर, अम्ल, लवण, कटु, कषाय तथा तिक्त) में स्थित हैं

  882. 882

    सप्तपातालचरण

    ॐ सप्तपातालचरणाय नमः।

    Om Saptapatalacharanaya Namah।

    तल, अतल, आदि नीचे के सात लोक जिनके चरणों के आश्रित हैं

  883. 883

    सप्तद्वीपोरुमण्डल

    ॐ सप्तद्वीपोरुमण्डलाय नमः।

    Om Saptadviporumandalaya Namah।

    जम्बू आदि सात द्वीप जिनकी जङ्घाओं के रूप में स्थित हैं

  884. 884

    सप्तस्वर्लोकमुकुट

    ॐ सप्तस्वर्लोकमुकुटाय नमः।

    Om Saptasvarlokamukutaya Namah।

    जो भू लोक से लेकर गोलोक पर्यन्त सात स्वर्लोक जिनके मुकुट हैं

  885. 885

    सप्तसप्तिवरप्रद

    ॐ सप्तसप्तिवरप्रदाय नमः।

    Om Saptasaptivarapradaya Namah।

    जो सूर्य को वर प्रदान करने वाले हैं

  886. 886

    सप्ताङ्गराज्यसुखद

    ॐ सप्ताङ्गराज्यसुखदाय नमः।

    Om Saptangarajyasukhadaya Namah।

    जो सप्तांग राज्य सुख प्रदान करने वाले हैं

  887. 887

    सप्तर्षिगणमण्डित

    ॐ सप्तर्षिगणमण्डिताय नमः।

    Om Saptarshiganamanditaya Namah।

    जो कश्यप आदि सात ऋषियों तथा गण-देवताओं से सुशोभित हैं

  888. 888

    सप्तछन्दोनिधि

    ॐ सप्तछन्दोनिधये नमः।

    Om Saptachhandonidhaye Namah।

    जो गायत्री से लेकर जगती पर्यन्त सात वैदिक छन्दों के आश्रय हैं

  889. 889

    सप्तहोता

    ॐ सप्तहोत्रे नमः।

    Om Saptahotre Namah।

    जो होता से लेकर उद्‌गाता पर्यन्त सात होतृगण स्वरूप हैं

  890. 890

    सप्तस्वराश्रय

    ॐ सप्तस्वराश्रयाय नमः।

    Om Saptasvarashrayaya Namah।

    जो सात स्वरों (षड्ज, ऋषभ, गान्धार, मध्यम, पञ्चम, धैवत, निषाद) के आधार हैं

  891. 891

    सप्ताब्धिकेलिकासार

    ॐ सप्ताब्धिकेलिकासाराय नमः।

    Om Saptabdhikelikasaraya Namah।

    सातों समुद्र जिनके क्रीड़ा-सरोवर हैं

  892. 892

    सप्तमातृनिषेवित

    ॐ सप्तमातृनिषेविताय नमः।

    Om Saptamatrinishevitaya Namah।

    जो ब्राह्मी, माहेश्वरी आदि सात मातृकाओं से सेवित हैं

  893. 893

    सप्तच्छन्दोमोदमद

    ॐ सप्तच्छन्दोमोदमदाय नमः।

    Om Saptachchhandomodamadaya Namah।

    जो पथ्य नामक सात छन्दों से उत्पन्न आनन्द में लीन हैं

  894. 894

    सप्तच्छन्दोमखप्रभु

    ॐ सप्तच्छन्दोमखप्रभवे नमः।

    Om Saptachchhandomakhaprabhave Namah।

    जो सप्त छन्दों की ऊर्जा के स्रोत हैं

  895. 895

    अष्टमूर्तिध्येयमूर्ति

    ॐ अष्टमूर्तिध्येयमूर्तये नमः।

    Om Ashtamurtidhyeyamurtaye Namah।

    जो भगवान् शिव के द्वारा भी पूजनीय हैं

  896. 896

    अष्टप्रकृतिकारण

    ॐ अष्टप्रकृतिकारणाय नमः।

    Om Ashtaprakritikaranaya Namah।

    जो पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश, मन, बुद्धि और अहंकार इन आठ प्रकृतियों की उत्पत्ति के कारण हैं

  897. 897

    अष्टाङ्गयोगफलभू

    ॐ अष्टाङ्गयोगफलभुवे नमः।

    Om Ashtangayogaphalabhuve Namah।

    जो अष्टाङ्गयोग के माध्यम फल प्रदान करने वाले हैं

  898. 898

    अष्टपत्राम्बुजासन

    ॐ अष्टपत्राम्बुजासनाय नमः।

    Om Ashtapatrambujasanaya Namah।

    जो अष्टदल कमल पुष्प के आसान पर विराजमान रहने वाले हैं

  899. 899

    अष्टशक्तिसमृद्धिश्री

    ॐ अष्टशक्तिसमृद्धिश्रिये नमः।

    Om Ashtashaktisamriddhishriye Namah।

    जो तीव्रा, ज्वालिनी आदि अष्ट शक्तियों द्वारा पूजित होने के कारण श्रीसम्पन्न हैं

  900. 900

    अष्टैश्वर्यप्रदायक

    ॐ अष्टैश्वर्यप्रदायकाय नमः।

    Om Ashtaishvaryapradayakaya Namah।

    जो अणिमा आदि आठ सिद्धियों के दाता हैं

  901. 901

    अष्टपीठोपपीठश्री

    ॐ अष्टपीठोपपीठश्रिये नमः।

    Om Ashtapithopapithashriye Namah।

    जो अष्टपीठ एवं उपपीठों को ऐश्वर्य युक्त करने वाले हैं

  902. 902

    अष्टमातृसमावृत

    ॐ अष्टमातृसमावृताय नमः।

    Om Ashtamatrisamavritaya Namah।

    सप्त मातृका एवं महालक्ष्मी जिनके आवरण देव के रूप में विराजमान हैं

  903. 903

    अष्टभैरवसेव्य

    ॐ अष्टभैरवसेव्याय नमः।

    Om Ashtabhairavasevyaya Namah।

    जो बटुक आदि अष्ट भैरवों द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  904. 904

    अष्टवसुवन्द्य

    ॐ अष्टवसुवन्द्याय नमः।

    Om Ashtavasuvandyaya Namah।

    जो धर से लेकर प्रभास तक आठ वसुओं द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  905. 905

    अष्टमूर्तिभृत्

    ॐ अष्टमूर्तिभृते नमः।

    Om Ashtamurtibhrite Namah।

    जो अष्टमूर्ति रूप धारण करने वाले हैं

  906. 906

    अष्टचक्रस्फुरन्मूर्ति

    ॐ अष्टचक्रस्फुरन्मूर्तये नमः।

    Om Ashtachakrasphuranmurtaye Namah।

    जो अष्ट चक्र यन्त्र स्वरूप हैं

  907. 907

    अष्टद्रव्यहविःप्रिय

    ॐ अष्टद्रव्यहविःप्रियाय नमः।

    Om Ashtadravyahavihpriyaya Namah।

    जो ईख, सत्तू आदि अष्टद्रव्यों से प्रसन्न होने वाले हैं

  908. 908

    नवनागासनाध्यासी

    ॐ नवनागासनाध्यासिने नमः।

    Om Navanagasanadhyasine Namah।

    जो वासुकी, तक्षक, कुलक, कर्कोटक आदि नौ नागों के आसन पर बैठने वाले हैं

  909. 909

    नवनिध्यनुशासिता

    ॐ नवनिध्यनुशासित्रे नमः।

    Om Navanidhyanushasitre Namah।

    जो नौ निधियों पर शासन करने वाले हैं

  910. 910

    नवद्वारपुराधार

    ॐ नवद्वारपुराधाराय नमः।

    Om Navadvarapuradharaya Namah।

    जो नौ द्वारों वाली मानव देह के आधार हैं

  911. 911

    नवाधारनिकेतन

    ॐ नवाधारनिकेतनाय नमः।

    Om Navadharaniketanaya Namah।

    जो कुलाकुल, सहस्रार, मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूर, अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा और लम्बिका इन नौ आधारों में निवास करने वाले हैं

  912. 912

    नवनारायणस्तुत्य

    ॐ नवनारायणस्तुत्याय नमः।

    Om Navanarayanastutyaya Namah।

    जो धर्म, आदि, अनन्त, बदरी, रूप, शंकर, सुन्दर, लक्ष्मी और साध्य इन नौ नारायणों द्वारा पूजित हैं

  913. 913

    नवदुर्गानिषेवित

    ॐ नवदुर्गानिषेविताय नमः।

    Om Navadurganishevitaya Namah।

    नौदुर्गा जिनकी उपासना करती हैं

  914. 914

    नवनाथमहानाथ

    ॐ नवनाथमहानाथाय नमः।

    Om Navanathamahanathaya Namah।

    जो नौ नाथों (ज्ञान, प्रकाश, सत्य, आनन्द, विमर्श, स्वभाव, सुभग, प्रतिभ और पूर्ण) के महानाथ हैं

  915. 915

    नवनागविभूषण

    ॐ नवनागविभूषणाय नमः।

    Om Navanagavibhushanaya Namah।

    जो कर्कोटक आदि नौ नागों को आभूषण के रूप में धारण करने वाले हैं

  916. 916

    नवरत्नविचित्राङ्ग

    ॐ नवरत्नविचित्राङ्गाय नमः।

    Om Navaratnavichitrangaya Namah।

    जो नौ प्रकार के रत्नों से सुशोभित हैं

  917. 917

    नवशक्तिशिरोधृत

    ॐ नवशक्तिशिरोधृताय नमः।

    Om Navashaktishirodhritaya Namah।

    नवशक्तियाँ जिन्हें अपने मस्तक पर धारण करती हैं

  918. 918

    दशात्मक

    ॐ दशात्मकाय नमः।

    Om Dashatmakaya Namah।

    जो दसों दिशाओं में व्याप्त हैं

  919. 919

    दशभुज

    ॐ दशभुजाय नमः।

    Om Dashabhujaya Namah।

    जो दस भुजाओं वाले हैं

  920. 920

    दशदिक्पतिवन्दित

    ॐ दशदिक्पतिवन्दिताय नमः।

    Om Dashadikpativanditaya Namah।

    जो इन्द्र आदि दसों दिशाओं के दिक्पालों द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  921. 921

    दशाध्याय

    ॐ दशाध्यायाय नमः।

    Om Dashadhyayaya Namah।

    जो चार वेद और छः अंगों के अध्येता हैं

  922. 922

    दशप्राण

    ॐ दशप्राणाय नमः।

    Om Dashapranaya Namah।

    जो प्राण, अपान, व्यान आदि दस प्रकार के प्राणों से युक्त हैं

  923. 923

    दशेन्द्रियनियामक

    ॐ दशेन्द्रियनियामकाय नमः।

    Om Dashendriyaniyamakaya Namah।

    जो पाँच ज्ञानेन्द्रियों एवं पाँच कर्मेन्द्रियों को वश में रखने वाले हैं

  924. 924

    दशाक्षरमहामन्त्र

    ॐ दशाक्षरमहामन्त्राय नमः।

    Om Dashaksharamahamantraya Namah।

    जो दस अक्षरवाले (ॐ हस्तिपिशाचिनी हुं स्वाहा) महामन्त्रस्वरूप स्वरूप हैं

  925. 925

    दशाशाव्यापिविग्रह

    ॐ दशाशाव्यापिविग्रहाय नमः।

    Om Dashashavyapivigrahaya Namah।

    जो दशों दिशाओं में व्याप्त शरीर वाले हैं

  926. 926

    एकादशादि रुद्र स्तुत

    ॐ एकदशादिभिः रुद्रैः स्तुताय नमः।

    Om Ekadashadibhih Rudraih Stutaya Namah।

    जो ग्यारह से लेकर एक हजार तक रुद्रों द्वारा पूजित हैं

  927. 927

    एकादशाक्षर

    ॐ एकादशाक्षराय नमः।

    Om Ekadashaksharaya Namah।

    जो ग्यारह अक्षर मन्त्र स्वरूप हैं

  928. 928

    द्वादशोद्दण्डदोर्दण्ड

    ॐ द्वादशोद्दण्डदोर्दण्डाय नमः।

    Om Dvadashoddandadordandaya Namah।

    जो बारह भुजाओं वाले दण्डधारी स्वरूप में विरजमान हैं

  929. 929

    द्वादशान्तनिकेतन

    ॐ द्वादशान्तनिकेतनाय नमः।

    Om Dvadashantaniketanaya Namah।

    जो ललाट से लेकर ब्रह्मरन्ध्र तक अर्थात् द्वादशान्त में निवास करने हैं

  930. 930

    त्रयोदशभिदाभिन्नविश्वेदेवाधिदैवत

    ॐ त्रयोदशभिदाभिन्नविश्वेदेवाधिदैवताय नमः।

    Om Trayodashabhidabhinnavishvedevadhidaivataya Namah।

    जो तेरह विश्वेदेवों के अधिदेवता हैं

  931. 931

    चतुर्दशेन्द्रवरद

    ॐ चतुर्दशेन्द्रवरदाय नमः।

    Om Chaturdashendravaradaya Namah।

    जो चौदह प्रकार के इन्द्रों को वर प्रदान करने वाले हैं

  932. 932

    चतुर्दशमनुप्रभु

    ॐ चतुर्दशमनुप्रभवे नमः।

    Om Chaturdashamanuprabhave Namah।

    जो चौदह प्रकार के मनुओं के अधिपति हैं

  933. 933

    चतुर्दशादिविद्याढ्य

    ॐ चतुर्दशादिविद्याढ्याय नमः।

    Om Chaturdashadividyadhyaya Namah।

    जो चौदह प्रकार की विद्याओं में पारंगत हैं

  934. 934

    चतुर्दशजगत्प्रभु

    ॐ चतुर्दशजगत्प्रभवे नमः।

    Om Chaturdashajagatprabhave Namah।

    जो चौदह भुवनों (सप्त ऊर्ध्वलोक एवं सप्त पाताल लोक) के स्वामी हैं

  935. 935

    सामपञ्चदश

    ॐ सामपञ्चदशाय नमः।

    Om Samapanchadashaya Namah।

    जो सामवेद के पन्द्रह भागों के रूप में विद्यमान हैं

  936. 936

    पञ्चदशीशीतांशुनिर्मल

    ॐ पञ्चदशीशीतांशुनिर्मलाय नमः।

    Om Panchadashishitamshunirmalaya Namah।

    जो पूर्णिमा के चन्द्रमा के समान शीतल एवं निर्मल हैं

  937. 937

    षोडशाधारनिलय

    ॐ षोडशाधारनिलयाय नमः।

    Om Shodashadharanilayaya Namah।

    जो मानव शरीर के सोलह आधारों के रूप में स्थित रहने वाले हैं

  938. 938

    षोडशस्वरमातृक

    ॐ षोडशस्वरमातृकाय नमः।

    Om Shodashasvaramatrikaya Namah।

    जो सोलह स्वर अक्षर स्वरूप हैं

  939. 939

    षोडशान्तपदावास

    ॐ षोडशान्तपदावासाय नमः।

    Om Shodashantapadavasaya Namah।

    जो षोडशान्त (ब्रह्मरन्ध्र अन्तर्गत) में निवास करने वाले हैं

  940. 940

    षोडशेन्दुकलात्मक

    ॐ षोडशेन्दुकलात्मकाय नमः।

    Om Shodashendukalatmakaya Namah।

    जो अमृता और मानिनी आदि सोलह कलाओं से युक्त चन्द्र के समान हैं

  941. 941

    कलासप्तदशी

    ॐ कलासप्तदश्यै नमः।

    Om Kalasaptadashyai Namah।

    जो त्रिपुरागम में प्रसिद्ध सप्तदशी नामक कलास्वरूप हैं

  942. 942

    सप्तदश

    ॐ सप्तदशाय नमः।

    Om Saptadashaya Namah।

    जो सत्रह यज्ञों के स्वरूप हैं

  943. 943

    सप्तदशाक्षर

    ॐ सप्तदशाक्षराय नमः।

    Om Saptadashaksharaya Namah।

    जो सत्रह अक्षर वाले मन्त्र में स्थित हैं

  944. 944

    अष्टादशद्वीपपति

    ॐ अष्टादशद्वीपपतये नमः।

    Om Ashtadashadvipapataye Namah।

    जो अठारह द्वीपों के अधिपति हैं

  945. 945

    अष्टादशपुराणकृत्

    ॐ अष्टादशपुराणकृते नमः।

    Om Ashtadashapuranakrite Namah।

    जो अठारह पुराणों के रचीयता हैं

  946. 946

    अष्टादशौषधीसृष्टि

    ॐ अष्टादशौषधीसृष्टये नमः।

    Om Ashtadashaushadhisrishtaye Namah।

    जो अठारह प्रकार की औषधियों के उत्पत्तिकर्ता हैं

  947. 947

    अष्टादशविधिस्मृत

    ॐ अष्टादशविधिस्मृताय नमः।

    Om Ashtadashavidhismritaya Namah।

    जो मीमांसा दर्शन द्वारा प्रतिपादित अठारह प्रकार की विधियों के समान हैं

  948. 948

    अष्टादशलिपिव्यष्टिसमष्टिज्ञानकोविद

    ॐ अष्टादशलिपिव्यष्टिसमष्टिज्ञानकोविदाय नमः।

    Om Ashtadashalipivyashtisamashtijnanakovidaya Namah।

    जो अठारह प्रकार की लिपियों का ज्ञान रखने वाले हैं

  949. 949

    एकविंश पुमान्

    ॐ एकविंशाय पुंसे नमः।

    Om Ekavimshaya Pumse Namah।

    जो पञ्च ज्ञानेन्द्रिय आदि से परे इक्कीसवे तत्त्व हैं

  950. 950

    एकविंशत्यङ्गुलिपल्लव

    ॐ एकविंशत्यङ्गुलिपल्लवाय नमः।

    Om Ekavimshatyangulipallavaya Namah।

    जो इक्कीस कोमल अंगुलियों एवं एक सूँड वाले हैं

  951. 951

    चतुर्विंशतितत्त्वात्मा

    ॐ चतुर्विंशतितत्त्वात्मने नमः।

    Om Chaturvimshatitattvatmane Namah।

    जो चौबीस तत्व वाले हैं

  952. 952

    पञ्चविंशाख्यपूरुष

    ॐ पञ्चविंशाख्यपूरुषाय नमः।

    Om Panchavimshakhyapurushaya Namah।

    जो चौबीस तत्वों से परे पच्चीसवें पुरुष हैं

  953. 953

    सप्तविंशतितारेश

    ॐ सप्तविंशतितारेशाय नमः।

    Om Saptavimshatitareshaya Namah।

    जो अश्विनी आदि सत्ताईस नक्षत्रों के स्वामी हैं

  954. 954

    सप्तविंशतियोगकृत्

    ॐ सप्तविंशतियोगकृते नमः।

    Om Saptavimshatiyogakrite Namah।

    जो सत्ताईस योगों के कर्ता हैं

  955. 955

    द्वात्रिंशद्भैरवाधीश

    ॐ द्वात्रिंशद्भैरवाधीशाय नमः।

    Om Dvatrimshadbhairavadhishaya Namah।

    जो बत्तीस प्रकार के भैरवों के स्वामी हैं

  956. 956

    चतुस्त्रिंशन्महाह्रद

    ॐ चतुस्त्रिंशन्महाह्रदाय नमः।

    Om Chatustrimshanmahahradaya Namah।

    जो चौंतीस सरोवरों से भी विशाल सरोवर स्वरूप हैं

  957. 957

    षट्त्रिंशत्तत्त्वसम्भूति

    ॐ षट्त्रिंशत्तत्त्वसम्भूतये नमः।

    Om Shattrimshattattvasambhutaye Namah।

    जो छत्तीस तत्वों (सिद्धान्तों) के स्वामी हैं

  958. 958

    अष्टात्रिंशत्कलातनु

    ॐ अष्टात्रिंशत्कलातनवे नमः।

    Om Ashtatrimshatkalatanave Namah।

    जो अड़तीस कलाओं से युक्त हैं

  959. 959

    नमदेकोनपञ्चाशन्मरुद्वर्गनिरर्गल

    ॐ नमदेकोनपञ्चाशन्मरुद्वर्गनिरर्गलाय नमः।

    Om Namadekonapanchashanmarudvarganirargalaya Namah।

    जो उनचास प्रकार के मरुत गणों के विघ्न दूर करने वाले हैं

  960. 960

    पञ्चाशदक्षरश्रेणि

    ॐ पञ्चाशदक्षरश्रेण्यै नमः।

    Om Panchashadaksharashrenyai Namah।

    जो संस्कृत वर्णमाला में पचास अक्षर की श्रृंखला हैं

  961. 961

    पञ्चाशद्रुद्रविग्रह

    ॐ पञ्चाशद्रुद्रविग्रहाय नमः।

    Om Panchashadrudravigrahaya Namah।

    जो पचास प्रकार के रुद्रों के रूप में स्थित हैं

  962. 962

    पञ्चाशद्विष्णुशक्तीश

    ॐ पञ्चाशद्विष्णुशक्तीशाय नमः।

    Om Panchashadvishnushaktishaya Namah।

    जो पचास प्रकार की विष्णु शक्तियों के स्वामी हैं

  963. 963

    पञ्चाशन्मातृकालय

    ॐ पञ्चाशन्मातृकालयाय नमः।

    Om Panchashanmatrikalayaya Namah।

    जो पचास प्रकार के मातृका वर्ण के रूप में स्थित हैं

  964. 964

    द्विपञ्चाशद्वपुःश्रेणि

    ॐ द्विपञ्चाशद्वपुःश्रेण्यै नमः।

    Om Dvipanchashadvapuhshrenyai Namah।

    जो लिङ्गपुराण कथित बावन प्रकार की शारीरिक संरचना के स्वामी हैं

  965. 965

    त्रिषष्ट्यक्षरसंश्रय

    ॐ त्रिषष्ट्यक्षरसंश्रयाय नमः।

    Om Trishashtyaksharasamshrayaya Namah।

    जो तिरसठ अक्षरों के आधार हैं

  966. 966

    चतुष्षष्ट्यर्णनिर्णेता

    ॐ चतुष्षष्ट्यर्णनिर्णेत्रे नमः।

    Om Chatushshashtyarnanirnetre Namah।

    जो चौंसठ अक्षरों के निर्णायक हैं

  967. 967

    चतुःषष्टिकलानिधि

    ॐ चतुःषष्टिकलानिधये नमः।

    Om Chatuhshashtikalanidhaye Namah।

    जो चौंसठ कलाओं के ज्ञाता हैं

  968. 968

    चतुष्षष्टिमहासिद्धयोगिनीवृन्दवन्दित

    ॐ चतुष्षष्टिमहासिद्धयोगिनीवृन्दवन्दिताय नमः।

    Om Chatushshashtimahasiddhayoginivrindavanditaya Namah।

    जो अक्षोभ्य आदि चौंसठ महासिद्धों और उतनी ही योगिनियों द्वारा पूजित हैं

  969. 969

    अष्टषष्टिमहातीर्थक्षेत्रभैरवभावन

    ॐ अष्टषष्टिमहातीर्थक्षेत्रभैरवभावनाय नमः।

    Om Ashtashashtimahatirthakshetrabhairavabhavanaya Namah।

    जो शिव के अड़सठ महतीर्थों में स्थित भैरव द्वारा पूजे जाने वाले हैं

  970. 970

    चतुर्नवतिमन्त्रात्मा

    ॐ चतुर्नवतिमन्त्रात्मने नमः।

    Om Chaturnavatimantratmane Namah।

    जो चौरानबे मूल मन्त्रों के रूप में स्थित हैं

  971. 971

    षण्णवत्यधिकप्रभु

    ॐ षण्णवत्यधिकप्रभवे नमः।

    Om Shannavatyadhikaprabhave Namah।

    जो तन्त्रराज तन्त्र में वर्णित छियानबे से अधिक देवताओं के अधिपति हैं

  972. 972

    शतानन्द

    ॐ शतानन्दाय नमः।

    Om Shatanandaya Namah।

    जो मानुष आदि से सेकड़ों गुना प्रसन्न रहने वाले हैं

  973. 973

    शतधृति

    ॐ शतधृतये नमः।

    Om Shatadhritaye Namah।

    जो अनन्त ब्रह्माण्ड को धारण करने वाले हैं

  974. 974

    शतपत्रायतेक्षण

    ॐ शतपत्रायतेक्षणाय नमः।

    Om Shatapatrayatekshanaya Namah।

    जो कमल के समान विशाल नयनों वाले हैं

  975. 975

    शतानीक

    ॐ शतानीकाय नमः।

    Om Shatanikaya Namah।

    जो अनन्त सैनिकों के स्वामी हैं

  976. 976

    शतमख

    ॐ शतमखाय नमः।

    Om Shatamakhaya Namah।

    जो सौ यज्ञों का अनुष्ठान करने वाले इन्द्रस्वरूप हैं

  977. 977

    शतधारावरायुध

    ॐ शतधारावरायुधाय नमः।

    Om Shatadharavarayudhaya Namah।

    जो सौ धारों से युक्त तीक्ष्ण वज्र धारण करने वाले हैं

  978. 978

    सहस्रपत्रनिलय

    ॐ सहस्रपत्रनिलयाय नमः।

    Om Sahasrapatranilayaya Namah।

    जो सहस्रार चक्र में स्थित रहने वाले हैं

  979. 979

    सहस्रफणभूषण

    ॐ सहस्रफणभूषणाय नमः।

    Om Sahasraphanabhushanaya Namah।

    जो सहस्र फन वाले नाग से सुशोभित हैं

  980. 980

    सहस्रशीर्षा पुरुष

    ॐ सहस्रशीर्ष्णे पुरुषाय नमः।

    Om Sahasrashirshne Purushaya Namah।

    जो असंख्य मस्तक वाले हैं

  981. 981

    सहस्राक्ष

    ॐ सहस्राक्षाय नमः।

    Om Sahasrakshaya Namah।

    जो सहस्र नेत्रों वाले हैं

  982. 982

    सहस्रपात्

    ॐ सहस्रपदे नमः।

    Om Sahasrapade Namah।

    जो सहस्र पैरों वाले हैं

  983. 983

    सहस्रनामसंस्तुत्य

    ॐ सहस्रनामसंस्तुत्याय नमः।

    Om Sahasranamasamstutyaya Namah।

    जिनकी स्तुति सहस्र नामों द्वारा की जाती है

  984. 984

    सहस्राक्षबलापह

    ॐ सहस्राक्षबलापहाय नमः।

    Om Sahasrakshabalapahaya Namah।

    जो इन्द्र के बल को भी विध्वस्त कर देने वाले हैं

  985. 985

    दशसहस्रफणिभृत्फणिराजकृतासन

    ॐ दशसाहस्रफणिभृत्फणिराजकृतासनाय नमः।

    Om Dashasahasraphanibhritphanirajakritasanaya Namah।

    जो दस हजार फण धारण करने वाले नागराज वासुकि के ऊपर आसीन हैं

  986. 986

    अष्टाशीतिसहस्रौघमहर्षिस्तोत्रयन्त्रित

    ॐ अष्टाशीतिसहस्राद्यमहर्षिस्तोत्रयन्त्रिताय नमः।

    Om Ashtashitisahasradyamaharshistotrayantritaya Namah।

    जो अट्ठासी हजार आद्य महर्षियों की स्तुति एवं श्रद्धा के बन्धन में हैं

  987. 987

    लक्षाधीशप्रियाधार

    ॐ लक्षाधीशप्रियाधाराय नमः।

    Om Lakshadhishapriyadharaya Namah।

    जो लक्षपतियों के प्रिय आधार हैं

  988. 988

    लक्षाधीशमनोमय

    ॐ लक्षाधीशमनोमयाय नमः।

    Om Lakshadhishamanomayaya Namah।

    जो एकाग्रचित्त एवं सत्पुरुष स्वरूप हैं

  989. 989

    चतुर्लक्षजपप्रीत

    ॐ चतुर्लक्षजपप्रीताय नमः।

    Om Chaturlakshajapapritaya Namah।

    जो चार लाख मन्त्र जप द्वारा प्रसन्न होने वाले हैं

  990. 990

    चतुर्लक्षप्रकाशित

    ॐ चतुर्लक्षप्रकाशिताय नमः।

    Om Chaturlakshaprakashitaya Namah।

    जो अठारह पुराणों में वर्णित चार लाख श्लोकों द्वारा वर्णित रूप वाले हैं

  991. 991

    चतुरशीतिलक्षाणां जीवानां देहसंस्थित

    ॐ चतुरशीतिलक्षाणां जीवानां देहसंस्थिताय नमः।

    Om Chaturashitilakshanam Jivanam Dehasamsthitaya Namah।

    जो चौरासी लाख जीवों के शरीर में विराजमान हैं

  992. 992

    कोटिसूर्यप्रतीकाश

    ॐ कोटिसूर्यप्रतीकाशाय नमः।

    Om Kotisuryapratikashaya Namah।

    जो करोड़ों सूर्य के समान तेज वाले हैं

  993. 993

    कोटिचन्द्रांशुनिर्मल

    ॐ कोटिचन्द्रांशुनिर्मलाय नमः।

    Om Kotichandramshunirmalaya Namah।

    जो करोड़ों चन्द्रमा के समान निर्मल हैं

  994. 994

    शिवाभवाध्युष्टकोटिविनायकधुरन्धर

    ॐ शिवाभवाध्युष्टकोटिविनायकधुरन्धराय नमः।

    Om Shivabhavadhyushtakotivinayakadhurandharaya Namah।

    जो करोड़ो विनायकों का नेतृत्व करने वाले हैं

  995. 995

    सप्तकोटिमहामन्त्रमन्त्रितावयवद्युति

    ॐ सप्तकोटिमहामन्त्रमन्त्रितावयवद्युतये नमः।

    Om Saptakotimahamantramantritavayavadyutaye Namah।

    जो सात करोड़ मन्त्रों का तेज धारण करने वाले हैं

  996. 996

    त्रयस्त्रिंशत्कोटिसुरश्रेणीप्रणतपादुक

    ॐ त्रयस्त्रिंशत्कोटिसुरश्रेणीप्रणतपादुकाय नमः।

    Om Trayastrimshatkotisurashrenipranatapadukaya Namah।

    तैंतीस कोटि देव जिनकी चरण पादुकाओं को प्रणाम करते हैं

  997. 997

    अनन्तनाम

    ॐ अनन्तनाम्ने नमः।

    Om Anantanamne Namah।

    जो अनन्त नामों वाले हैं

  998. 998

    अनन्तश्री

    ॐ अनन्तश्रिये नमः।

    Om Anantashriye Namah।

    जो अनन्त विद्या एवं सम्पत्ति वाले हैं

  999. 999

    अनन्तानन्तसौख्यद

    ॐ अनन्तानन्तसौख्यदाय नमः।

    Om Anantanantasaukhyadaya Namah।

    जो अनन्त प्रकार की धन-सम्पदा एवं सुख-सौभाग्य प्रदान करने वाले हैं

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