ಸ್ತೋತ್ರ · Shiva

Shiva Ramashtakam

शिव रामाष्टकम स्तोत्रम

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम्

त्रिविधताप-निवारण हे विभो।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

हर गुरो गजरक्षक गोपते।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

भजति तं पुरुषं परं पदम्।

शिवहरे विजयं कुरू मे वरम्॥

जय जयार्जित-पुण्यपयोनिधे।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

सुकवि-मानस हंस शिवारते।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

जलद सुन्दर राम रमापते।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

तव यशो विमलं परिगीयते।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

विनयतस्तव नाम धनोपमम्।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

सुरसरिद्-धृतशेखर हे गुरो।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

पठति यः शिवरामकृतस्तवम्।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

प्रातरूथाय यो भक्त्या पठदेकाग्रमानसः।

विजयो जायते तस्य विष्णु सान्निध्यमाप्नुयात्॥

इति श्रीरामानन्दस्वामिना विरचितं श्रीशिवरामाष्टकं सम्पूर्णम्

दिया गया है।

आदि नामों से भी जाना जाता है।

के साथ जोड़ने पर वह अपने आप में स्वतन्त्र मन्त्र बन जाता है और इसका उपयोग जप के साथ-साथ शिव अष्टोत्तर शतनामावली हवन के लिये भी किया जा सकता है।

जय गिरिजा पति दीन दयाला।

सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके।

कानन कुण्डल नागफनी के॥

भगवान शिव की चालीसा वीडियो एवं हिन्दी बोल सहित प्रदान की गयी है। भगवान शिव के भक्त इस चालीसा का पाठ शिव जी को प्रसन्न करने एवं उनकी कृपा प्राप्ति हेतु करते हैं।

स्वामी जय शिव ओंकारा।

अर्द्धांगी धारा॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

भगवान शिव की आरती वीडियो एवं हिन्दी बोल सहित प्रदान की गयी है। उक्त आरती भगवान शिव को समर्पित अत्यन्त लोकप्रिय आरती है।

शिव सबके स्वामी।

अज अन्तर्यामी॥

श्री महादेव आरती वीडियो एवं हिन्दी बोल सहित प्रदान की गयी है। यह आरती भगवान शिव के महादेव स्वरूप को समर्पित अत्यन्त प्रचलित आरती है।

आदि पूजन के सभी मुख्य चरणों से युक्त शिवरात्रि षोडशोपचार पूजा विधि मन्त्र सहित प्रदान की गयी है। इस विधि की सहायता से आप विधिपूर्वक पूजन करके महा शिवरात्रि के अवसर का पूर्ण लाभ ले सकते हैं।

चित्रों से युक्त महा शिवरात्रि के ग्रीटिंग कार्ड्स निःशुल्क प्रदान किये गये हैं। इन सुन्दर चित्रों के द्वारा अपने प्रियजनों को महा शिवरात्रि की शुभकामनायें दे सकते हैं।

को मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। भगवान शिव के भक्त इस अवसर पर एक दिवसीय व्रत का पालन करते हैं।

श्रावण मास में पड़ने वाले सभी सोमवार भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिये, उपवास के लिये अत्यधिक शुभ माने जाते हैं और इन्हें श्रावण सोमवार के नाम से जाना जाता है। अधिकांश राज्य, क्षेत्रीय कैलेण्डर का पालन करते हैं, जिसके कारण सावन सोमवार के दिनों में 2 सप्ताह का अन्तर हो सकता है।

के एक या दो दिन पश्चात् आरम्भ होता है।

तिथि पर किया जाता है। वर्ष पर्यन्त आने वाले प्रदोष व्रत के दिनों को यहाँ सूचिबद्ध किया गया है।

प्रस्तुत लेख में विभिन्न प्रकार की भगवान शिव की रंगोली एवं शिवलिङ्ग रंगोली डिज़ाइन दी गयी हैं। चित्रों के माध्यम से चरणबद्ध रूप से सुन्दर रंगोली बनाने की विधि भी वर्णित की गयी है। इन चित्रों की सहायता से सरलतापूर्वक रंगोली बनायी जा सकती है।

भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली मन्त्र है।

, भगवान शिव का मृत्यु को हराने वाला मन्त्र है।

, भगवान शिव का रुद्र गायत्री मन्त्र है। ये सभी भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिये कुछ शक्तिशाली मन्त्र हैं।

सहित वर्णित किये गये हैं।

शिवो महेश्वरः शम्भुः पिनाकी शशिशेखरः।

वामदेवो विरूपाक्षः कपर्दी नीललोहितः॥

श्री शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम् वीडियो एवं संस्कृत बोल सहित प्रदान किया गया है। शिव भक्तों के मध्य इस स्तोत्रम् का पाठ अत्यन्त शुभ एवं मङ्गलकारी माना जाता है।

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