स्तोत्र · Durga

Shri Durgashtakam

श्री दुर्गा अष्टकम्

को समर्पित एक अत्यन्त प्रचलित स्तुति है। आठ श्लोकों से युक्त होने के कारण इसे अष्टकम् कहा जाता है। देवी दुर्गा को प्रसन्न करने एवं उनकी कृपा प्राप्त करने हेतु श्री दुर्गाष्टकम् का पाठ किया जाता है।

श्री दुर्गाष्टकम्

खड्गबाणधनुर्धरे।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

वासुदेवसहोदरि।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

योगमाये महेश्वरि।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

शार्ङ्गज्यायतबाहवे।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

ऋग्यजुस्सामाथर्वाणश्चतुस्सामन्तलोकिनि।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

विष्णुनाथसहोदरि।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

सर्वेशे सर्वसाक्षिणि।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

अष्टमी नवमि प्रिये।

दुर्गादेवि नमोऽस्तु ते॥

भक्तितो यः पठेन्नरः।

दुर्गालोकं स गच्छति॥

इति श्रीदुर्गाष्टकं सम्पूर्णम्

नामक राक्षस का अन्त करने के उपरान्त देवी दुर्गा के रूप में प्रतिष्ठित हुयी थीं।

अम्बे तू है जगदम्बे काली, देवी दुर्गा को समर्पित सर्वाधिक प्रचलित एवं लोकप्रिय आरती है। देवी माँ से सम्बन्धित विभिन्न अवसरों सहित दैनिक पूजन में भी इस आरती का गायन किया जाता है। यह आरती अत्यन्त मधुर एवं कर्णप्रिय है तथा इसके गायन से माता रानी प्रसन्न होती हैं।

श्री दुर्गा चालीसा, देवी दुर्गा को समर्पित ४० छन्दों से युक्त एक प्रार्थना है, जिसका भक्तिपूर्वक पाठ करने से देवी माँ अत्यन्त प्रसन्न होकर कृपा करती हैं। देवी दुर्गा हिन्दु धर्म की प्रमुख देवियों में से एक हैं। देवी दुर्गा की कृपा से भक्तों को शक्ति, साहस एवं वीरता की प्राप्ति होती है।

सहित देवी दुर्गा के विभिन्न शक्तिशाली मन्त्रों को सूचिबद्ध किया गया है। देवी दुर्गा हिन्दु धर्म में पूजे जाने वाले पञ्चदेवताओं में से एक हैं तथा उनके पूजन से अप्रत्याशित लाभ होता है।

नामों से युक्त दुर्गा माता की द्वात्रिंश नामावली अर्थ एवं वीडियो सहित प्रदान की गयी है। इसका जाप नवरात्रि सहित देवी माँ के विभिन्न पर्वों पर किया जाता है।

यहाँ देवी दुर्गा माता के १०८ पवित्र नामों की सूची प्रदान की गयी है, जिसे अष्टोत्तर शतनामावली भी कहा जाता है। देवी माँ के यह १०८ नाम हृदय को शीतलता प्रदान करने वाले हैं। प्रतिदिन इन १०८ नामों का पाठ करने से देवी माँ के आशीर्वाद साहित उत्साह एवं आनन्द में वृद्धि होती है।

यहाँ देवी दुर्गा के १००० पवित्र नामों का संग्रह प्रदान किया गया है, जिसे श्री दुर्गा सहस्रनामावली भी कहा जाता है। श्री दुर्गा सहस्रनामावली का निष्ठापूर्वक पाठ करने से देवी दुर्गा प्रसन्न होकर भक्ति एवं शक्ति प्रदान करती हैं तथा समस्त प्रकार के संकटों से रक्षा करती हैं।

ॐ दुं दुर्गायै नमः।

ॐ दुर्गतिहरायै नमः।

ॐ दुर्गाचलनिवासिन्यै नमः।

ॐ दुर्गादेव्यै नमः।

ॐ दुर्गादेव्यै नमः।

अक्षर से आरम्भ होते हैं।

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Durga साठी आणखी