- 1
गजानन
ॐ गजाननाय नमः।
Om Gajananaya Namah।
जो गज के समान मुख वाले हैं
- 2
गणाध्यक्ष
ॐ गणाध्यक्षाय नमः।
Om Ganadhyakshaya Namah।
जो देवगणों के स्वामी हैं
- 3
विघ्नराज
ॐ विघ्नराजाय नमः।
Om Vighnarajaya Namah।
जो विघ्नों को दूर करने वाले एवं विघ्नों के स्वामी हैं
- 4
विनायक
ॐ विनायकाय नमः।
Om Vinayakaya Namah।
जो समस्त प्राणियों के स्वामी हैं
- 5
द्वैमातुर
ॐ द्वैमातुराय नमः।
Om Dvaimaturaya Namah।
जो दो माताओं वाले हैं
- 6
द्विमुख
ॐ द्विमुखाय नमः।
Om Dvimukhaya Namah।
जो दो मुखों वाले हैं
- 7
प्रमुख
ॐ प्रमुखाय नमः।
Om Pramukhaya Namah।
जो सृष्टि के मुख्य देव हैं
- 8
सुमुख
ॐ सुमुखाय नमः।
Om Sumukhaya Namah।
जो सुन्दर मुख वाले हैं
- 9
कृती
ॐ कृतिने नमः।
Om Kritine Namah।
जो स्वयं सृष्टि स्वरूप हैं
- 10
सुप्रदीप
ॐ सुप्रदीपाय नमः।
Om Supradipaya Namah।
जो अज्ञान रूपी अन्धकार को नष्ट करने वाले हैं
- 11
सुखनिधि
ॐ सुखनिधये नमः।
Om Sukhanidhaye Namah।
जो सुख के सागर एवं सुख प्रदान करने वाले हैं
- 12
सुराध्यक्ष
ॐ सुराध्यक्षाय नमः।
Om Suradhyakshaya Namah।
जो देवताओं के अधिपति हैं
- 13
सुरारिघ्न
ॐ सुरारिघ्नाय नमः।
Om Surarighnaya Namah।
जो देवों के शत्रुओं का संहार करने वाले हैं
- 14
महागणपति
ॐ महागणपतये नमः।
Om Mahaganapataye Namah।
जो सर्वोच्च एवं सर्वशक्तिमान हैं
- 15
मान्य
ॐ मान्याय नमः।
Om Manyaya Namah।
जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में मान्य (पूज्य) हैं
- 16
महाकाल
ॐ महाकालाय नमः।
Om Mahakalaya Namah।
जो काल (समय / मृत्यु) के स्वामी हैं
- 17
महाबल
ॐ महाबलाय नमः।
Om Mahabalaya Namah।
जो अत्यधिक बलशाली हैं
- 18
हेरम्ब
ॐ हेरम्बाय नमः।
Om Herambaya Namah।
जो माता के प्रिय पुत्र हैं
- 19
लम्बजठर
ॐ लम्बजठराय नमः।
Om Lambajatharaya Namah।
जो लम्बे पेट वाले हैं
- 20
ह्रस्वग्रीव
ॐ ह्रस्वग्रीवाय नमः।
Om Hrasvagrivaya Namah।
जो छोटी गर्दन वाले हैं
- 21
महोदर
ॐ महोदराय नमः।
Om Mahodaraya Namah।
जो विशाल पेट वाले हैं
- 22
मदोत्कट
ॐ मदोत्कटाय नमः।
Om Madotkataya Namah।
जो सदैव उन्मुक्त रहने वाले हैं
- 23
महावीर
ॐ महावीराय नमः।
Om Mahaviraya Namah।
जो अत्यन्त वीर एवं पराक्रमी हैं
- 24
मन्त्री
ॐ मन्त्रिणे नमः।
Om Mantrine Namah।
जो समस्त मन्त्रों के ज्ञाता एवं स्वामी हैं
- 25
मङ्गलस्वर
ॐ मङ्गलस्वराय नमः।
Om Mangalasvaraya Namah।
जिनका स्वर अत्यन्त मङ्गलमय है
- 26
प्रमध
ॐ प्रमधाय नमः।
Om Pramadhaya Namah।
जो सृष्टि के समस्त अवयवों के मूल हैं
- 27
प्रथम
ॐ प्रथमाय नमः।
Om Prathamaya Namah।
जो सर्वप्रथम पूजे जाने वाले हैं
- 28
प्राज्ञ
ॐ प्राज्ञाय नमः।
Om Prajnaya Namah।
जो अत्यधिक बुद्धिमान हैं
- 29
विघ्नकर्ता
ॐ विघ्नकर्त्रे नमः।
Om Vighnakartre Namah।
जो विघ्न उत्पन्न करने वाले हैं
- 30
विघ्नहर्ता
ॐ विघ्नहर्त्रे नमः।
Om Vighnahartre Namah।
जो विघ्न नष्ट करने वाले हैं
- 31
विश्वनेता
ॐ विश्वनेत्रे नमः।
Om Vishvanetre Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि पर अपनी दृष्टि रखने वाले हैं
- 32
विराट्पति
ॐ विराट्पतये नमः।
Om Viratpataye Namah।
जो विराट् सृष्टि के स्वामी हैं
- 33
श्रीपति
ॐ श्रीपतये नमः।
Om Shripataye Namah।
जो सौभाग्य प्रदान करने वाले हैं
- 34
वाक्पति
ॐ वाक्पतये नमः।
Om Vakpataye Namah।
जो वाणी के देवता हैं
- 35
शृङ्गारी
ॐ शृङ्गारिणे नमः।
Om Shringarine Namah।
जो लाल सिन्दूर से सुशोभित हैं
- 36
अश्रितवत्सल
ॐ अश्रितवत्सलाय नमः।
Om Ashritavatsalaya Namah।
जो शरणार्थियों पर करुणा करने वाले हैं
- 37
शिवप्रिय
ॐ शिवप्रियाय नमः।
Om Shivapriyaya Namah।
जो भगवान शिव को अति प्रिय हैं
- 38
शीघ्रकारी
ॐ शीघ्रकारिणे नमः।
Om Shighrakarine Namah।
जो शीघ्र मनोकामना पूर्ण करने वाले हैं
- 39
शाश्वत
ॐ शाश्वताय नमः।
Om Shashvataya Namah।
जो अपरिवर्तनशील एवं अविनाशी हैं
- 40
बल
ॐ बलाय नमः।
Om Balaya Namah।
जो स्वयं बल स्वरूप हैं
- 41
बलोत्थित
ॐ बलोत्थिताय नमः।
Om Balotthitaya Namah।
जिनके बल में निरन्तर वृद्धि होती है
- 42
भवात्मज
ॐ भवात्मजाय नमः।
Om Bhavatmajaya Namah।
जो सृष्टि के पुत्र के रूप में पूजे जाने वाले हैं
- 43
पुराणपुरुष
ॐ पुराणपुरुषाय नमः।
Om Puranapurushaya Namah।
जो आदि पुरुष एवं पुराणों के ज्ञाता हैं
- 44
पूषा
ॐ पूष्णे नमः।
Om Pushne Namah।
जो प्राणियों का पोषण करने वाले हैं
- 45
पुष्करोत्षिप्तवारी
ॐ पुष्करोत्षिप्तवारिणे नमः।
Om Pushkarotshiptavarine Namah।
जो कमल पुष्पयुक्त सरोवर में क्रीडा करने वाले हैं
- 46
अग्रगण्य
ॐ अग्रगण्याय नमः।
Om Agraganyaya Namah।
जो सभी देवगणों में श्रेष्ठ हैं
- 47
अग्रपूज्य
ॐ अग्रपूज्याय नमः।
Om Agrapujyaya Namah।
सर्वप्रथम जिनकी पूजा की जाती है
- 48
अग्रगामी
ॐ अग्रगामिने नमः।
Om Agragamine Namah।
जो नेतृत्व एवं मार्गदर्शन करने वाले हैं
- 49
मन्त्रकृत्
ॐ मन्त्रकृते नमः।
Om Mantrakrite Namah।
जो मन्त्रों की रचना करने वाले हैं
- 50
चामीकरप्रभ
ॐ चामीकरप्रभाय नमः।
Om Chamikaraprabhaya Namah।
जो सूर्य के समान आभामण्डल वाले हैं
- 51
सर्व
ॐ सर्वाय नमः।
Om Sarvaya Namah।
जो सम्पूर्ण सृष्टि के स्वरूप में स्थित हैं
- 52
सर्वोपास्य
ॐ सर्वोपास्याय नमः।
Om Sarvopasyaya Namah।
जो समस्त सृष्टि में पूज्य हैं
- 53
सर्वकर्ता
ॐ सर्वकर्त्रे नमः।
Om Sarvakartre Namah।
जो समस्त कार्यों के कर्ता एवं नियन्त्रक हैं
- 54
सर्वनेता
ॐ सर्वनेत्रे नमः।
Om Sarvanetre Namah।
जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की गतिविधियों पर दृष्टि रखने वाले हैं
- 55
सर्वसिद्धिप्रद
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः।
Om Sarvasiddhipradaya Namah।
जो समस्त प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करने वाले हैं
- 56
सिद्धि
ॐ सिद्धये नमः।
Om Siddhaye Namah।
जो स्वयं सिद्ध हैं
- 57
पञ्चहस्त
ॐ पञ्चहस्ताय नमः।
Om Panchahastaya Namah।
जो पाँच हाथों (चार हाथ एवं एक सूँड) वाले हैं
- 58
पार्वतीनन्दन
ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः।
Om Parvatinandanaya Namah।
जो माता पार्वती के प्रिय पुत्र हैं
- 59
प्रभु
ॐ प्रभवे नमः।
Om Prabhave Namah।
जो सम्पूर्ण चराचर जगत के आदि स्रोत हैं
- 60
कुमारगुरु
ॐ कुमारगुरवे नमः।
Om Kumaragurave Namah।
जो कुमार (कार्तिकेय) के गुरु हैं
- 61
अक्षोभ्य
ॐ अक्षोभ्याय नमः।
Om Akshobhyaya Namah।
जो अभेद्य एवं अनश्वर हैं
- 62
कुञ्जरासुरभञ्जन
ॐ कुञ्जरासुरभञ्जनाय नमः।
Om Kunjarasurabhanjanaya Namah।
जो कुञ्जरासुर का वध करने वाले हैं
- 63
प्रमोद
ॐ प्रमोदाय नमः।
Om Pramodaya Namah।
जो सदैव प्रसन्न रहने वाले हैं
- 64
मोदकप्रिय
ॐ मोदकप्रियाय नमः।
Om Modakapriyaya Namah।
जिन्हें मोदक अत्यन्त प्रिय हैं
- 65
कान्तिमान्
ॐ कान्तिमते नमः।
Om Kantimate Namah।
जिनके मुखमण्डल पर अद्भुत तेज विद्यमान है
- 66
धृतिमान्
ॐ धृतिमते नमः।
Om Dhritimate Namah।
जो धैर्यशाली एवं दृढ हैं
- 67
कामी
ॐ कामिने नमः।
Om Kamine Namah।
जो कामनाओं की पूर्ति करने वाले हैं
- 68
कपित्थपनसप्रिय
ॐ कपित्थपनसप्रियाय नमः।
Om Kapitthapanasapriyaya Namah।
जिन्हें कपित्थ (कैथा) एवं पनस (कटहल) के फल प्रिय हैं
- 69
ब्रह्मचारी
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः।
Om Brahmacharine Namah।
जो ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करने वाले हैं
- 70
ब्रह्मरूपी
ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः।
Om Brahmarupine Namah।
जो स्वयं ब्रह्म स्वरूप हैं
- 71
ब्रह्मविद्यादिदानभू
ॐ ब्रह्मविद्यादिदानभुवे नमः।
Om Brahmavidyadidanabhuve Namah।
जो ब्रह्मविद्या के स्वामी एवं दाता हैं
- 72
जिष्णु
ॐ जिष्णवे नमः।
Om Jishnave Namah।
जो सदैव विजय प्राप्त करने वाले हैं
- 73
विष्णुप्रिय
ॐ विष्णुप्रियाय नमः।
Om Vishnupriyaya Namah।
जो भगवान विष्णु को प्रिय हैं
- 74
भक्तजीवित
ॐ भक्तजीविताय नमः।
Om Bhaktajivitaya Namah।
जो भक्तों के जीवन की रक्षा करने वाले हैं
- 75
जितमन्मथ
ॐ जितमन्मथाय नमः।
Om Jitamanmathaya Namah।
जो मन एवं इन्द्रियों को वश में करने वाले हैं
- 76
ऐश्वर्यकारण
ॐ ऐश्वर्यकारणाय नमः।
Om Aishvaryakaranaya Namah।
जो ऐश्वर्य के स्वामी एवं दाता हैं
- 77
ज्यायस्
ॐ ज्यायसे नमः।
Om Jyayase Namah।
जो सर्वोच्च एवं सर्वश्रेष्ठ हैं
- 78
यक्षकिन्नरसेवित
ॐ यक्षकिन्नरसेविताय नमः।
Om Yakshakinnarasevitaya Namah।
यक्ष एवं किन्नर जिनकी सेवा में तत्पर हैं
- 79
गङ्गासुत
ॐ गङ्गासुताय नमः।
Om Gangasutaya Namah।
जो माँ गङ्गा के पुत्र हैं
- 80
गणाधीश
ॐ गणाधीशाय नमः।
Om Ganadhishaya Namah।
जो समस्त गणों के अधिपति एवं नायक हैं
- 81
गम्भीरनिनद
ॐ गम्भीरनिनदाय नमः।
Om Gambhiraninadaya Namah।
जो गम्भीर नाद उत्पन्न करने वाले हैं
- 82
वटु
ॐ वटवे नमः।
Om Vatave Namah।
जो बालस्वरूप में विराजमान हैं
- 83
अभीष्टवरद
ॐ अभीष्टवरदाय नमः।
Om Abhishtavaradaya Namah।
जो मनोवाञ्छित वर प्रदान करने वाले हैं
- 84
ज्योतिस्
ॐ ज्योतिषे नमः।
Om Jyotishe Namah।
जो ज्योतिष शास्त्र के ज्ञाता हैं
- 85
भक्तनिधि
ॐ भक्तनिधये नमः।
Om Bhaktanidhaye Namah।
जो भक्तों के सर्वस्व हैं
- 86
भावगम्य
ॐ भावगम्याय नमः।
Om Bhavagamyaya Namah।
जिन्हें मात्र भक्तिभाव द्वारा प्राप्त करना सम्भव है
- 87
मङ्गलप्रद
ॐ मङ्गलप्रदाय नमः।
Om Mangalapradaya Namah।
जो जीवन में मङ्गल प्रदान करने वाले हैं
- 88
अव्यक्त
ॐ अव्यक्ताय नमः।
Om Avyaktaya Namah।
मूल प्रकृति जिनसे सम्पूर्ण सृष्टि उत्पन्न हुई है
- 89
अप्राकृतपराक्रम
ॐ अप्राकृतपराक्रमाय नमः।
Om Aprakritaparakramaya Namah।
जो अतुलनीय पराक्रम के स्वामी हैं
- 90
सत्यधर्मी
ॐ सत्यधर्मिणे नमः।
Om Satyadharmine Namah।
जो सत्य के पथ पर चलने वाले हैं
- 91
सखा
ॐ सखये नमः।
Om Sakhaye Namah।
जो भक्तों के सखा व मित्र हैं
- 92
सरसाम्बुनिधि
ॐ सरसाम्बुनिधये नमः।
Om Sarasambunidhaye Namah।
जिन्हें दूर्वा घास प्रिय है
- 93
महेश
ॐ महेशाय नमः।
Om Maheshaya Namah।
जो देवताओं में सबसे महान हैं / जो भगवान शिव के पुत्र हैं
- 94
दिव्याङ्ग
ॐ दिव्याङ्गाय नमः।
Om Divyangaya Namah।
जिनके समस्त अङ्ग दिव्य एवं तेजोमय हैं
- 95
मणिकिङ्किणीमेखल
ॐ मणिकिङ्किणीमेखलाय नमः।
Om Manikinkinimekhalaya Namah।
जो मणियुक्त मेखला (कटिसूत्र) धारण करने वाले हैं
- 96
समस्तदेवतामूर्ति
ॐ समस्तदेवतामूर्तये नमः।
Om Samastadevatamurtaye Namah।
समस्त देव जिनकी उपासना करते हैं
- 97
सहिष्णु
ॐ सहिष्णवे नमः।
Om Sahishnave Namah।
जो शान्त एवं सहनशील स्वभाव वाले हैं
- 98
सततोत्थित
ॐ सततोत्थिताय नमः।
Om Satatotthitaya Namah।
जो सदैव प्रगति करने वाले हैं
- 99
विघातकारी
ॐ विघातकारिणे नमः।
Om Vighatakarine Namah।
जो भक्तों की सुरक्षा करने वाले हैं
- 100
विश्वग्दृक्
ॐ विश्वग्दृशे नमः।
Om Vishvagdrishe Namah।
जो सम्पूर्ण विश्व के क्रियाकलापों पर दृष्टि रखने वाले हैं
- 101
विश्वरक्षाकृत्
ॐ विश्वरक्षाकृते नमः।
Om Vishvarakshakrite Namah।
जो सृष्टि की रक्षा करने वाले हैं
- 102
कल्याणगुरु
ॐ कल्याणगुरवे नमः।
Om Kalyanagurave Namah।
जो गुरु के रूप में कल्याण करने वाले हैं
- 103
उन्मत्तवेष
ॐ उन्मत्तवेषाय नमः।
Om Unmattaveshaya Namah।
जो सदैव आनन्दमग्न रहने वाले हैं
- 104
अपराजित
ॐ अपराजिते नमः।
Om Aparajite Namah।
जिन्हें पराजित करना असम्भव है
- 105
समस्तजगदाधार
ॐ समस्तजगदाधाराय नमः।
Om Samastajagadadharaya Namah।
जो समस्त ब्रह्माण्ड को धारण करने वाले हैं
- 106
सर्वैश्वर्यप्रद
ॐ सर्वैश्वर्यप्रदाय नमः।
Om Sarvaishvaryapradaya Namah।
जो नाना प्रकार के धन-ऐश्वर्य प्रदान करने वाले हैं
- 107
आक्रान्तचिदचित्प्रभु
ॐ आक्रान्तचिदचित्प्रभवे नमः।
Om Akrantachidachitprabhave Namah।
जो समस्त सृष्टि के ज्ञान एवं बुद्धि के स्रोत हैं
- 108
श्री विघ्नेश्वर
ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः।
Om Shri Vighneshvaraya Namah।
जो समस्त विघ्नों को नष्ट करने वाले हैं
నామావళి · Ganesha
108 Names of Ganesha
श्री गणेश अष्टोत्तरशत नामावली
The Ashtottara Shatanamavali, each name with its meaning.