స్తోత్రం · Kali

Shri Kalika Ashtakam

श्री कालिकाष्टकम् श्री कालिका अष्टकम

पर आधारित है।

श्री कालिकाष्टकम्

महोघोररावा सुदंष्ट्रा कराला।

महाकालकामाकुला कालिकेयम्॥

वरं दक्षयुग्मेऽभयं वै तथैव।

लसद्रक्तसृक्कद्वया सुस्मितास्या॥

लसत्प्रेतपाणिं प्रयुक्तैककाञ्ची।

चतुर्दिक्षुशब्दायमानाऽभिरेजे॥

समाराध्य कालीं प्रधाना बभूबुः।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

सुहृत्पोषिणीशत्रुसंहारणीयम्।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

मनोजांस्तु कामान् यथार्थं प्रकुर्यात्।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

लसत्पूतचित्ते सदाविर्भवत्ते।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

शरच्चन्द्रकोटिप्रभापुञ्जबिम्बम्।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

कदाचिद् विचित्राकृतिर्योगमाया।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

लोकमध्ये प्रकाशिकृतं यत्।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

सर्वलोके विशालो भवेच्च।

स्वरूपं त्वदीयं न विन्दन्ति देवाः॥

इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचितं श्रीकालिकाष्टकं सम्पूर्णम्

हैं। देवी को अत्यन्त रौद्र एवं विकराल रूप में वर्णित किया जाता है।

नामक दैत्य का वध करने हेतु देवी काली का प्राकट्य हुआ था।

जय जय जय काली कंकाली।

जय कपालिनी, जयति कराली॥

शंकर प्रिया, अपर्णा, अम्बा।

जय कपर्दिनी, जय जगदम्बा॥

देवी माँ काली को समर्पित श्री काली चालीसा हिन्दी बोल सहित प्रदान की गयी है। माँ काली के भक्त इस चालीसा का पाठ नित्य पूजन में करते हैं।

की पूजा विधि प्रदान की गयी है।

पूजा के समय की जाने वाली काली पूजा में इस विधि का प्रयोग किया जा सकता है। देवी काली हिन्दु धर्म की सर्वाधिक लोकप्रिय देवियों में से एक हैं।

भी कहा जाता है।

की पूजा-अर्चना की जाती है।

मन्त्र सहित देवी काली को समर्पित विभिन्न उपयोगी मन्त्रों का संग्रह प्रदान किया गया है। देवी काली से सम्बन्धित विशेष अवसरों एवं श्री काली साधना में इन मन्त्रों का प्रयोग किया जाता है।

देवी काली का चमत्कारी यन्त्र उनके मूल मन्त्र सहित प्रदान किया गया है।

दिया गया है जिसे मुद्रित कर पूजा-अर्चना की जा सकती है। हिन्दु मान्यताओं के अनुसार यन्त्र में सम्बन्धित देवी-देवता की सम्पूर्ण शक्ति समाहित होती है, जिसका लाभ साधक को मिलता है।

ॐ काल्यै नमः।

ॐ कपालिन्यै नमः।

ॐ कान्तायै नमः।

ॐ कठिनायै नमः।

ॐ कृष्णवल्लभायै नमः।

नाम एवं मन्त्रों से युक्त देवी काली की अष्टोत्तर शतनामावली अर्थ एवं वीडियो सहित प्रदान की गयी है जिसका पाठ देवी काली की कृपा प्राप्ति हेतु किया जाता है।

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