Aarti · Dnyaneshwar

Aarti Dnyanraja

आरती ज्ञानेश्वराची

The aarti to Sant Dnyaneshwar, sung in the Ganpati sequence.

आरती ज्ञानराजा। महाकैवल्य तेजा।

सेविती साधुसंत। मनु वेधला माझा ॥धृ॥

लोपले ज्ञान जगी। हित नेणती कोणी।

अवतार पांडुरंग। नाम ठेविले ज्ञानी ॥१॥

कनकाचे ताट करी। उभ्या गोपिका नारी।

नारद तुंबरही। साम गायन करी ॥२॥

प्रगट गुह्य बोले। विश्व ब्रम्हाचि केले।

रामा जनार्दनी। पायी मस्तक ठेविले ॥३॥

A Hinglish reading of this text has not been added yet.

When it is recited

After the Vitthal aarti.

Do this next

6 / 11