સ્તોત્ર · Shiva

Shri Gaurisha Ashtakam

श्री गौरीशाष्टकम

श्री गौरीशाष्टकम

गौरीशं भज मन्दमते।

ध्येयं चित्ते शिवहरचरणम्।

गेयं शङ्कर शङ्कर नित्यम्।

गौरीशं भज मन्दमते॥

देहं गेहं सर्वमनित्यम्।

गर्भविकृत्या स्वप्नविचारम्।

गौरीशं भज मन्दमते॥

पुनरपि जननीजठरोत्पत्तिः।

नहि मुञ्चसि कथयेश्चित्तम्।

गौरीशं भज मन्दमते॥

हि तत्सत्यं दृष्टिविकारम्।

कुरु मा कुरु विषयविचारम्।

गौरीशं भज मन्दमते॥

रोपस्तद्वद्ब्रह्मणि जगदारोपः।

मनसि विचारय बारम्बारम्।

गौरीशं भज मन्दमते॥

योगं चेन्द्रियदमनम्।

भवति मुक्तो जन्मशतेन।

गौरीशं भज मन्दमते॥

शुद्धानन्दस्तत्त्वपरोऽहम्।

चेन्द्रिय आत्मनि निखिले लीने।

गौरीशं भज मन्दमते॥

चिंतामणिना विरचितमेतत्।

ब्रह्मणि लीनो भवति हि सत्यम्।

गौरीशं भज मन्दमते॥

इति श्रीचिन्तामणिविरचितं गौरीशाष्टकं सम्पूर्णम्

प्रदान किया गया है। रुद्र गायत्री मन्त्र भगवान शिव के सर्वाधिक प्रचलित मन्त्रों में से एक है। इस मन्त्र का जाप शिव जी को प्रसन्न करने एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु किया जाता है।

दिया गया है।

आदि नामों से भी जाना जाता है।

के साथ जोड़ने पर वह अपने आप में स्वतन्त्र मन्त्र बन जाता है और इसका उपयोग जप के साथ-साथ शिव अष्टोत्तर शतनामावली हवन के लिये भी किया जा सकता है।

जय गिरिजा पति दीन दयाला।

सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके।

कानन कुण्डल नागफनी के॥

भगवान शिव की चालीसा वीडियो एवं हिन्दी बोल सहित प्रदान की गयी है। भगवान शिव के भक्त इस चालीसा का पाठ शिव जी को प्रसन्न करने एवं उनकी कृपा प्राप्ति हेतु करते हैं।

स्वामी जय शिव ओंकारा।

अर्द्धांगी धारा॥

ॐ जय शिव ओंकारा॥

भगवान शिव की आरती वीडियो एवं हिन्दी बोल सहित प्रदान की गयी है। उक्त आरती भगवान शिव को समर्पित अत्यन्त लोकप्रिय आरती है।

शंकर सुखकारी॥

सत चित आनन्दरूप।

भव! भव-भय-हारी॥

भगवान शंकर की आरती के हिन्दी बोल वीडियो सहित प्रदान किये गये हैं। भगवान शंकर हिन्दु धर्म में पूजे जाने प्रमुख तीन देवताओं में से एक हैं जिन्हें त्रिमूर्ती के रूप में जाना जाता है।

जय हर जय गिरिजाधीशा।

कृपया जगदीशा॥

ॐ हर हर हर महादेव॥

भगवान शिव को समर्पित श्री गङ्गाधर आरती के हिन्दी बोल वीडियो सहित प्रदान किये गये हैं। शिवभक्त इस आरती का गायन भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु करते हैं।

शिव सबके स्वामी।

अज अन्तर्यामी॥

श्री महादेव आरती वीडियो एवं हिन्दी बोल सहित प्रदान की गयी है। यह आरती भगवान शिव के महादेव स्वरूप को समर्पित अत्यन्त प्रचलित आरती है।

सदा विराजत कैलासी।

धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

यहाँ भगवान कैलासवासी आरती के हिन्दी बोल वीडियो सहित प्रदान किये गये हैं। यह भगवान शिव के कैलासवासी स्वरूप को समर्पित अत्यन्त मधुर आरती है।

आदि पूजन के सभी मुख्य चरणों से युक्त शिवरात्रि षोडशोपचार पूजा विधि मन्त्र सहित प्रदान की गयी है। इस विधि की सहायता से आप विधिपूर्वक पूजन करके महा शिवरात्रि के अवसर का पूर्ण लाभ ले सकते हैं।

चित्रों से युक्त महा शिवरात्रि के ग्रीटिंग कार्ड्स निःशुल्क प्रदान किये गये हैं। इन सुन्दर चित्रों के द्वारा अपने प्रियजनों को महा शिवरात्रि की शुभकामनायें दे सकते हैं।

को मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। भगवान शिव के भक्त इस अवसर पर एक दिवसीय व्रत का पालन करते हैं।

श्रावण मास में पड़ने वाले सभी सोमवार भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिये, उपवास के लिये अत्यधिक शुभ माने जाते हैं और इन्हें श्रावण सोमवार के नाम से जाना जाता है। अधिकांश राज्य, क्षेत्रीय कैलेण्डर का पालन करते हैं, जिसके कारण सावन सोमवार के दिनों में 2 सप्ताह का अन्तर हो सकता है।

के एक या दो दिन पश्चात् आरम्भ होता है।

तिथि पर किया जाता है। वर्ष पर्यन्त आने वाले प्रदोष व्रत के दिनों को यहाँ सूचिबद्ध किया गया है।

प्रस्तुत लेख में विभिन्न प्रकार की भगवान शिव की रंगोली एवं शिवलिङ्ग रंगोली डिज़ाइन दी गयी हैं। चित्रों के माध्यम से चरणबद्ध रूप से सुन्दर रंगोली बनाने की विधि भी वर्णित की गयी है। इन चित्रों की सहायता से सरलतापूर्वक रंगोली बनायी जा सकती है।

भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली मन्त्र है।

, भगवान शिव का मृत्यु को हराने वाला मन्त्र है।

, भगवान शिव का रुद्र गायत्री मन्त्र है। ये सभी भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिये कुछ शक्तिशाली मन्त्र हैं।

सहित वर्णित किये गये हैं।

त्रिविधताप-निवारण हे विभो।

शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

उपरोक्त शिव रामाष्टकम वीडियो एवं संस्कृत बोल सहित प्रदान किया गया है। यह भगवान शिव को समर्पित अत्यन्त मधुर एवं प्रभावशाली अष्टकम् है।

शिवो महेश्वरः शम्भुः पिनाकी शशिशेखरः।

वामदेवो विरूपाक्षः कपर्दी नीललोहितः॥

श्री शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम् वीडियो एवं संस्कृत बोल सहित प्रदान किया गया है। शिव भक्तों के मध्य इस स्तोत्रम् का पाठ अत्यन्त शुभ एवं मङ्गलकारी माना जाता है।

विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।

चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥

श्रीरुद्राष्टकम् यहाँ संस्कृत बोल एवं वीडियो सहित प्रदान किया गया है। श्रीरुद्राष्टकम् भगवान शिव के रुद्र स्वरूप को समर्पित एक अत्यन्त प्रभावशाली अष्टकम् है।

वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥

श्री विश्वनाथाष्टकम् भगवान शिव के विश्वनाथ रूप को समर्पित एक अत्यन्त प्रचलित अष्टकम् है। भगवान शिव से सम्बन्धित विशेष अवसरों पर इस अष्टकम् का पाठ किया जाता है।

निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्।

तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥

यह भगवान शिव के लिङ्ग स्वरूप को समर्पित अत्यन्त मधुर अष्टकम् है, जिसे लिङ्गाष्टकम् के नाम से जाना जाता है। शिव आराधना में लिङ्गाष्टकम् को अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

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