मासिक स्कंद षष्ठी

इसे यह भी कहा जाता है: मासिक कंद षष्ठी, शुक्ल षष्ठी

भगवान मुरुगन को समर्पित यह मासिक व्रत संयम और प्रार्थना का दिन है, जो भक्तों को दैनिक जीवन में साहस, उत्तम स्वास्थ्य और एकाग्रता विकसित करने की प्रेरणा देता है।

मुख्य तथ्य

पक्ष
शुक्ल पक्ष
चंद्र मास
सभी 12 चंद्र महीनों में आती है
देवता
भगवान मुरुगन, भगवान कार्तिकेय

कथा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान मुरुगन का निरंतर स्मरण भक्तों को ग्रह दोषों, शत्रु बाधाओं और आत्मविश्वास की कमी से सुरक्षित रखता है।

नियम व परंपराएं

  • पवित्र भस्म (विभूति) धारण करना और स्कंद षष्ठी कवचम का पाठ करना
  • दूध, गुलाब जल और चंदन से वेल का अभिषेक करना
  • फलाहार अथवा एक समय सात्विक भोजन ग्रहण कर उपवास रखना

क्षेत्रीय विविधताएं

  • विश्वभर के मुरुगन मंदिरों और तमिल परिवारों में प्रत्येक शुक्ल षष्ठी को श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है

सामान्य प्रश्न

क्या महिलाएं स्कंद षष्ठी का व्रत रख सकती हैं?
हां। सभी वर्गों के श्रद्धालु स्कंद षष्ठी का व्रत रखते हैं, और विशेष रूप से अपनी संतानों के उत्तम स्वास्थ्य और सुख-कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

स्कंद षष्ठी के प्रकार