५
नव २०२६
गुरुवार
- गोवत्स द्वादशी (वसु बारस)
वसु बारस (महाराष्ट्र), वाघ बारस (गुजरात), नंदिनी व्रत
शाम के समय गायों और उनके बछड़ों की पूजा की जाती है और उन्हें मीठा चारा खिलाया जाता है। माताएं अपनी संतानों के लिए व्रत रखती हैं और इस दिन दूध, दही, घी और गेहूं के सेवन से परहेज करती हैं। महाराष्ट्र में यह दिवाली का पहला दिन होता है।
कब: उस दिन मनाया जाता है जब द्वादशी शाम (प्रदोष) के समय व्याप्त हो। यदि यह दो शामों में व्याप्त हो, तो पहली शाम को।