मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
इसे यह भी कहा जाता है: मासिक कृष्ण अष्टमी
श्री कृष्ण के नाम-जप, अनासक्ति की भावना विकसित करने और भगवद्गीता की शिक्षाओं के ध्यान को समर्पित एक मासिक चिंतन का दिन।
मुख्य तथ्य
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- चंद्र मास
- सभी 12 चंद्र महीनों में आती है
- देवता
- भगवान कृष्ण, देवी राधा
कथा
भागवत सिखाती है कि गोकुल में श्री कृष्ण की बाल-लीलाओं का ध्यान करने से मन की चिंताएं दूर होती हैं और साधकों को हर परिस्थिति में ईश्वरीय संरक्षण की अनुभूति होती है।
नियम व परंपराएं
- श्री कृष्ण के 108 नामों अथवा गोपाल सहस्रनाम का जप करना
- तुलसी दल, ताजा माखन और दूध की मिठाइयां अर्पित करना
- भगवद्गीता के चुनिंदा श्लोकों का पाठ करना
क्षेत्रीय विविधताएं
- दुनिया भर के वैष्णव परिवारों में शांत घरेलू भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है
सामान्य प्रश्न
- मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर किस मंत्र का जप करना चाहिए?
- हरे कृष्ण महामंत्र और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र प्रमुख हैं।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के प्रकार
- मासिक कृष्ण जन्माष्टमीसभी 12 चंद्र महीनों में आती है
- कृष्ण जन्माष्टमी (वार्षिक)भाद्रपद (पूर्णिमांत); श्रावण (अमावस्यांत)