हेरंब संकष्टी चतुर्थी

इसे यह भी कहा जाता है: हेरंब गणेश चतुर्थी

यह सिंह पर सवार, दुर्लभ और भव्य पंचमुखी स्वरूप वाले हेरंब गणेश को समर्पित है। हेरंब का अर्थ है 'दीन-हीन और असहायों के रक्षक'।

मुख्य तथ्य

पक्ष
कृष्ण पक्ष
चंद्र मास
श्रावण (अमावस्यांत); भाद्रपद (पूर्णिमांत)
देवता
भगवान गणेश (हेरंब पीठ), चंद्र देव

कथा

पौराणिक ग्रंथों में हेरंब को ऐसे दिव्य रक्षक के रूप में वर्णित किया गया है, जो तब प्रकट होते हैं जब निर्दोष भक्त अपनी शक्ति से परे दमनकारी शक्तियों का सामना करते हैं। उनका सिंह वाहन निर्भय रक्षा का प्रतीक है, जबकि उनके पांच मुख सृष्टि के पंच तत्वों का संचालन करते हैं।

नियम व परंपराएं

  • मोदक और पांच प्रकार के फल अर्पित करना
  • परिवार की रक्षा के लिए हेरंब स्तोत्र का पाठ करना
  • आश्रय स्थलों की सहायता करना या निर्धन बच्चों को भोजन कराना

क्षेत्रीय विविधताएं

  • वाराणसी और नेपाल के हेरंब गणेश मंदिरों में विशेष पूजन किया जाता है

सामान्य प्रश्न

पंचमुखी हेरंब स्वरूप किसका प्रतीक है?
हेरंब स्वरूप सृष्टि के पंच तत्वों (पंचमहाभूत) पर पूर्ण नियंत्रण और सत्य की रक्षा में निर्भयता का प्रतीक है।

संकष्टी चतुर्थी के प्रकार