रमा एकादशी
रमा एकादशी कार्तिक शुक्ल पक्ष के प्रबोधिनी/देवोत्थान व्रत से पहले कृष्ण पक्ष में आती है। नाम के बावजूद, यह व्रत विशेष रूप से भगवान श्री राम को समर्पित नहीं है।
मुख्य तथ्य
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- चंद्र मास
- कार्तिक (पूर्णिमांत); आश्विन (अमावस्यांत)
- को मनाया जाता है
- कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि
- देवता
- भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण
कथा
एक प्रसिद्ध व्रत कथा में राजा मुचुकुंद, उनकी पुत्री चंद्रभागा और दामाद शोभन का प्रसंग आता है। शोभन रमा एकादशी का व्रत रखता है, और यह आख्यान सच्चे मन से किए गए व्रत के महत्व को बताते हुए इस उपवास के अलौकिक फल का वर्णन करता है। कथाओं के विवरण में थोड़ा अंतर हो सकता है; ये नाम और इस दंपती की कथा इसे अन्य एकादशियों की कथाओं से अलग बनाती है।
नियम व परंपराएं
- भक्त भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और मुचुकुंद, चंद्रभागा तथा शोभन की कथा सुनते हैं।
सामान्य प्रश्न
- रमा एकादशी कब मनाई जाती है?
- रमा एकादशी कार्तिक (पूर्णिमांत); आश्विन (अमावस्यांत) के कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि (एकादशी) को मनाई जाती है।
एकादशी के प्रकार
- उत्पन्ना एकादशीमार्गशीर्ष (पूर्णिमांत); कार्तिक (अमावस्यांत)
- मोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष
- सफला एकादशीपौष (पूर्णिमांत); मार्गशीर्ष (अमावस्यांत)
- पौष पुत्रदा एकादशीपौष
- षटतिला एकादशीमाघ (पूर्णिमांत); पौष (अमावस्यांत)
- जया एकादशीमाघ
- विजया एकादशीफाल्गुन (पूर्णिमांत); माघ (अमावस्यांत)
- आमलकी एकादशीफाल्गुन
- पापमोचिनी एकादशीचैत्र (पूर्णिमांत); फाल्गुन (अमावस्यांत)
- कामदा एकादशीचैत्र
- वरुथिनी एकादशीवैशाख (पूर्णिमांत); चैत्र (अमावस्यांत)
- मोहिनी एकादशीवैशाख
- अपरा एकादशीज्येष्ठ (पूर्णिमांत); वैशाख (अमावस्यांत)
- निर्जला एकादशीज्येष्ठ
- योगिनी एकादशीआषाढ़ (पूर्णिमांत); ज्येष्ठ (अमावस्यांत)
- देवशयनी एकादशीआषाढ़
- कामिका एकादशीश्रावण (पूर्णिमांत); आषाढ़ (अमावस्यांत)
- श्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण
- अजा एकादशीभाद्रपद (पूर्णिमांत); श्रावण (अमावस्यांत)
- परिवर्तिनी एकादशीभाद्रपद
- इंदिरा एकादशीआश्विन (पूर्णिमांत); भाद्रपद (अमावस्यांत)
- पापांकुशा एकादशीआश्विन
- रमा एकादशीकार्तिक (पूर्णिमांत); आश्विन (अमावस्यांत)
- प्रबोधिनी एकादशीकार्तिक
- पद्मिनी एकादशीअधिक मास
- परमा एकादशीअधिक मास