सप्तमी श्राद्ध

इसे यह भी कहा जाता है: सातवीं तिथि का श्राद्ध

किसी भी माह की सातवीं तिथि (सप्तमी) को दिवंगत हुए पूर्वजों को समर्पित।

मुख्य तथ्य

पक्ष
कृष्ण पक्ष
चंद्र मास
आश्विन (पूर्णिमांत); भाद्रपद (अमावस्यांत)
को मनाया जाता है
कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि
देवता
सप्तमी तिथि को दिवंगत हुए पूर्वज

कथा

पौराणिक श्लोकों में बताया गया है कि सुयोग्य पुत्र द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया जल तत्काल पूर्वजों तक पहुंचता है और सूक्ष्म लोक में उनकी तृष्णा को शांत करता है।

नियम व परंपराएं

  • तिल मिश्रित जल की तीन अंजलि अर्पित करना
  • पितृ गायत्री मंत्र का पाठ
  • गायों को ताजी घास और गुड़ खिलाना

क्षेत्रीय विविधताएं

  • मानक अखिल भारतीय वैदिक श्राद्ध विधि का पालन किया जाता है

सामान्य प्रश्न

पितृ गायत्री मंत्र क्या है?
ॐ पितृगणाय विद्महे जगद्धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।

पितृ पक्ष के प्रकार